आंख खराब होने के लक्षण।आँखों की कमजोरी के लक्षण। aankhon ki roshni kaise badhaye .

आँखों की कमजोरी के लक्षण।आंख खराब होने के लक्षण।aankhon ki roshni kaise badhaye .आंखों को स्वस्थ रखने उपाय। क्या है आंख कमजोर होने का कारण और लक्षण। बच्चों के आंख कमजोर होने के सकेत। इन सब लक्षणों से पहचानें की बच्चे की नजर कमजोर है। क्या आप जानते है सूर्य की किरणों से भी हो सकती हैं आंखे खराब। आंखों का पर्दा खराब होने का मुख्य कारण स्मोकिंग।

आंखों का लाल होने का क्या कारण है? आँख लाल होने का कारण।

aankh laal hone ka kaaran. : बच्चों की आँखे कमजोर होने के लक्षण। आँखों की कमजोरी के लक्षण। कमज़ोर आंखों का असल कारण क्या है।आइए इन सभी के बारे में जानते हैं। इन सभी लक्षणों व कारणों के बारे में।

बच्चों के सिर में अगर भारीपन व चक्कर आते हैं। या फिर सिर में लगातार दर्द रहता है।अगर बच्चे को दूर की चीजें साफ दिखाई ना दे। तो समझ ले कि बच्चे की नजरें कमजोर हो गई है। व उनकी आंखों की जांच करवानी चाहिए।अगर बच्चा तेज रोशनी में आंखें झपकाता हैं । या कम रोशनी मे वस्तुएं स्पष्ट नजर नही आती हैं। तो यह सब विटामिन की कमी के कारण ही वस्तुएं दिखाई नही देने का कारण हैं। इसलिए बच्चों को भरपूर मात्रा में विटामिन ए का सेवन करना चाहिए। व गाजर का जूस अवश्य पिलाना चाहिए।
अगर बच्चा भरपूर मात्रा में नींद नहीं लेता है। तो उनकी आंखें लाल हो जाती हैं। इसलिए अगर यह समस्या रोजाना रहती है। तो डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। वआंखों में भी दर्द रहता है। आंखों से पानी आता है। तो समझ लेना चाहिए। कि बच्चे की आंखें कमजोर हो गई है।अगर बच्चे टीवी देखते हैं। या पढ़ाई करते हैं। तो उनके सिर में अगर दर्द रहता है। तो बच्चों की आंखों की रोशनी कम हो रही है । यह सभी कारण बच्चों की आंखों की रोशनी कम होने के लक्षण व कारण है।

आंख खराब होने के लक्षण। आंखों में कौन कौन सी बीमारी होती है?

aankh kharaab hone ke lakshan : आज हम आपको आंखें खराब होने के क्या क्या लक्षण हो सकते हैं। आंख खराब होने के बाद में कौन से लक्षण देखने को मिलते हैं। उन सभी लक्षणों के बारे में आज हम आपको बताएंगे ।आइए जानते हैं। वह लक्षण कौन-कौन से हैं।

आंखें कमजोर होने की दशा में कई लक्षण देखने को मिलते हैं। जैसे आंखों के नीचे गहरे काले रंग के घेरे हो जाते हैं। सिर में दर्द की समस्या बढ़ने लगती है । आंख खराब होने के लक्षण आंखों में भारीपन, खुजली, जलन ,आंखों से पानी बहने ,आंखों का रंग लाल हो जाना । यह सभी आंखों की रोशनी कम होने के लक्षण हैं। आंखों को दूर की वस्तु साफ दिखाई न देना व पास की वस्तुएं भी धुंधली दिखाई देती हैं। यह सब आपकी आंखों की रोशनी कम होने के लक्षण ही होते हैं। आंख खराब होने के लक्षण अखबार पढ़ते हुए व पुस्तक पढ़ने में अक्षरों का स्पष्ट दिखाई न देना भी आंखों की रोशनी कम होने के लक्षण को इंगित करता है।

आंखों से धुंधला दिखाई देने पर क्या करें? आँखों का धुंधलापन कैसे दूर करे।

aankhon se dhundhala dikhaee dene par kya karen. : क्या आप जानते हैं। कि आंखों में धुंधलापन किस कारण से होता है। धुंधलापन कैसे दूर कर सकते हैं। इन सभी के बारे में अगर आप नहीं जानते हैं। तो आज हम आपको आंखों के धुंधलापन क्यों दिखाई देता है। वह धुंधलापन को कैसे दूर किया जाता है । इन सब के बारे में आज हम आपको बताते हैं।

ऐसे तो बहुत सारे लोगों में आंखों के धुंधलापन की समस्या देखने को मिल रही है। क्योंकि सही प्रकार से अपनी आंखों की देखभाल नहीं करने
गलत चश्मा का इस्तेमाल करने। व गलत लेंस का इस्तेमाल करने। आंखों के धुंधलापन की समस्या सुबह अधिक टीवी (TV) देखने, लैपटॉप(leptop) या फोन (phone) देखने से पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेने के कारण। आंखों से धुंधला दिखाई देने लग जाता है। आंखों से पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है । अर्थात अपनी आंखों के धुंधलापन को दूर करने के लिए निम्न बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए।

अपनी आंखों की देखभाल कैसे करनी चाहिए।
How should you take care of your eyes?

apanee aankhon kee dekhabhaal kaise karanee chaahie : आज हम आपको अपनी आंखों की रोशनी को कैसे बनाए रखें। वह अपने आंखों की देखभाल किस प्रकार से करनी चाहिए । इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे । आइए जानते हैं।

  1. बाहर धूप में जाने से पहले धूप का चश्मा पहन कर ही बाहर निकले।
  2. अपने आहार में भरपूर मात्रा में विटामिन(vitamin) व एंटीऑक्सीडेंट (antiocsedent)भरपूर मात्रा में लेना चाहिए।ताकि आप की रोशनी बनी रहे वह धुंधलापन की समस्या खत्म हो सके।
  3. कम रोशनी में टीवी(TV) नहीं देखना चाहिए। व कम रोशनी में लैपटॉप (leptop) पर काम भी नहीं करना चाहिए।
  4. आंखों(eyes) को संक्रमण से बचाने के लिए चश्मा पहनते हुए । चश्मा उतारते समय अपने हाथों को अच्छे से साफ कर लेना चाहिए।
  5. अधिक धूम्रपान व तंबाकू, बीड़ी ,सिगरेट, शराब इन सभी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  6. अगर आप कोई मशीन चलाते हैं। या फिर कोई कलर पेंट करते हैं। तो अपनी आंखों पर चश्मा पहनना चाहिए । ताकि अपनी आंखों को सुरक्षित रख सके।
  7. भरपूर मात्रा में नींद लेनी चाहिए। क्योंकि अगर आपकी नींद पूरी नहीं होगी। तो आपके आंखों से धुंधला दिखाई देना शुरू हो जाता है।
  8. अगर आपको शुगर की बीमारी है। आपके आंखों से धुंधला दिखाई देने की समस्या हो जाती है । इसलिए अपने शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें व डॉक्टर की सलाह समय-समय पर लेते रहे।
  9. आप आंवले (awala )का सेवन कर सकते हैं । अपनी आंखों की रोशनी को बनाए रखने के लिए व धुंधलापन को दूर करने के लिए।
  10. आप गाजर(carrot) का जूस(juice) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं । अपनी आंखों के लिए उनको स्वस्थ रखने के लिए।
  11. आप अपनी आंखों में गुलाब जल भी डाल सकते हैं । ताकि आपकी आंखों में अगर नींद की वजह से भारीपन या आंखों में जलन की समस्या है। तो गुलाब जल की कुछ बूंदें डालने से आपकी आंखों की रोशनी अच्छी बनी रहती है।

आँखों का भारी होना। आंखों की थकान को कैसे दूर करें?aankhon kee thakaan ko kaise door karen.

aankhon ka bhaaree hona : आज हम आप को आंखो का भारीपन किस कारण से होता है। उस के बारे में आज हम आप को बताए गये भारी पन की समस्या किस कारण होती है। उन सभी समस्या के बारे में आज हम आप को बताते है। आइए जानते है।

आंखों में भी भारीपन की समस्या रहती है। तो इस समस्या को इग्नोर नहीं करना चाहिए। यह समस्या काला मोतियाबिंद की समस्या हो सकती है। अगर आपका शुगर(sugar) लेवल लगातार बढ़ता रहता है ।आँखों का भारी होना। साथ ही ब्लड प्रेशर की समस्या भी रहती है। तो आँखों के परदे का इलाज आंखों पर दबाव पड़ता है। इस कारण से आपकी आंखें भारी रहती हैं। भारीपन की वजह से ग्लूकोमा (glukoma) यानी कि काला मोतियाबिंद हो जाता है। जिसके कारण से आपकी आंखों में भारीपन तो रहता ही है। लेकिन अगर इसका इलाज सही टाइम पर नहीं करवाने पर यह अंधेपन की समस्या भी हो सकती है । ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (OCT) टेस्ट कराकर ग्लूकोमा का समय रहते पता लगाया जा सकता है। ताकि आप अंधेपन का शिकार होने से बच सकें।

आंखों का धुंधलापन दूर करने के घरेलू उपाय। Home remedies to remove blurred eyes.

aankhon ka dhundhalaapan door karane ke ghareloo upaay : आप सभी अपनी आंखों के चश्मे को उतारने खराब होने से बचाने के लिए । इन उपायों का उपयोग कर सकते हैं। जो नीचे दिए गए हैं। उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़े हुए अपनी आंखों की रोशनी को बनाए रखें।

आंखों का धुंधलापन दूर करने के लिए गाजर का जूस का सेवन करें।

गाजर (carrot) के जूस( juice) को निकाल कर सुबह खाली पेट पीने से आंखों की रोशनी बहुत तेजी से बढ़ती है । गाजर (carrot) का सेवन भी लंबे समय तक करते रहने पर आंखों पर लगे चश्मे भी उतर जाते हैं। आपकी आंखों की रोशनी बनी रहती है । इसलिए आप सभी को गाजर(carrot) का जूस ( juice) का सेवन करना चाहिए। ताकि आपकी आंखें स्वस्थ रहें।

आंखों का धुंधलापन दूर करने के लिए आंवले का सेवन करें ।

आंवले का सेवन करने से भी आंखों (eyes)की रोशनी बनी रहती है। आंवले में मौजूद विटामिन (vitamin -c) आंखों की रोशनी को बढ़ाने में लाभदायक (profitable) है। आंवले का सेवन आप कई प्रकार से कर सकते हैं। आंखों का धुंधलापन दूर करने के घरेलू उपाय । जैसे कि कच्चे आंवले को अपनी डाइट में शामिल करते हुए। कच्चे आंवले का रस निकालकर भी पी सकते हैं। आंवले का मुरब्बा बना कर खाने से आंखों की रोशनी लंबे समय तक बनी रहती है । आंखों के लिए लाभदायक व बालों की समस्या को दूर करने के लिए आंवले का सेवन कर सकते हैं।

आंखों का धुंधलापन दूर करने के लिए पत्तेदार सब्जियो का उपयोग करे।

पत्तेदार सब्जियां भी आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए लाभदायक होती हैं । जैसी पालक में मौजूद आयरन(iron) होता है। इसलिए आप पालक को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। व कई प्रकार की हरी पत्तेदार सब्जियां जिनमें (vitamin-A) आयरन (iron)भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इन सब का सेवन आप नियमित रूप से कर सकते हैं । व हरी पत्तेदार सब्जियां गुणों से भरपूर होती हैं। कई प्रकार की सब्जियां होती हैं। जैसे कि पालक, मेथी ,धनिया, पुदीना ,बथुआ इत्यादि है। जिनका सेवन करके आप भी अपनी आंखों की रोशनी बढ़ा करते हैं। व अपने आंखों पर लगी चश्मा को उतार यानी कि हटा सकते हैं।

आंखों का धुंधलापन दूर करने के लिए चुकंदर का सेवन।

चुकंदर में भी विटामिन( vitamin)भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो कि आंखों की रोशनी को बढ़ाने में सहायक है। चुकंदर का सेवन भी कई प्रकार से किया जा सकता है। जैसे चुकंदर का सेवन भोजन के बाद सलाद के रूप में कर सकते हैं। चुकंदर का जूस बनाकर पीने से भी आपके आंखों की रोशनी अच्छी बनी रहती है।

आंखों का धुंधलापन दूर करने के लिए नींद पूरी करें।

आंखों की रोशनी को बढ़ाने में नींद भी महत्वपूर्ण होती है। नींद हर स्वस्थ व्यक्ति को 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है। आपको भी अपनी आंखों से संबंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है। तो ऐसे में आपको पर्याप्त नींद लेना बेहद आवश्यक है।

आंखों की जांच कैसे होती है। aankhon kee jaanch kaise hotee hai.

How is an eye exam done : आज हम आपको आंखों की जांच के बारे में बताएंगे।
आँख की संपूर्ण जांच में की जाने वाली शुरुआती। जांचों में नज़र संबंधी तीक्ष्णता जांच होती है। जिसमें आपकी दृष्टि के तीखेपन को मापते हैं।आंखों की जांच कैसे होती है। ये आमतौर पर आपकी दूर दृष्टि की तीक्ष्णता को मापने के लिए प्रोजेक्टेड आई चार्ट । आपकी निकट दृष्टि को मापने के लिए छोटे, हाथ से पकड़े गए तीक्ष्णता चार्ट का उपयोग करके की जाती हैं। आंखों की जांच कैसे होती है। इस जांच के माध्यम से ही यह पता लगता है। कि आपकी आंखों की रोशनी व आपकी आंखों की दूर दृष्टि व निकट दृष्टि । किस प्रकार से व किस लेंस का उपयोग किया जाना सही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि आपकी आंखों की रोशनी किस प्रकार से कम है। दूर की दृष्टि से या निकट की दृष्टि से।

आंखों में चुभन का इलाज। आंखों में जलन होने क्या कारण है। aankhon mein jalan hona kya kaaran hai.

What is the reason for burning in eyes : आज हम आप को आंखों में चुभन किस कारण होती है। उस के बारे मे बताए गए। और इस चुभन को कैसे दूर करे। इस के बारे में भी आज हम आप को विस्तार से बताएंगे।

आंखों को बार -बार ठंडे पानी से धोते रहना चाहिए।
आंखों पर खीरा लगाकर रखने से ठंडक मिलती है। व आंखों में आराम मिलता है। व आंखों में चुभन का इलाज भी है।
रात को सोने से पहले भी अपनी आंखों को ठंडे पानी से धो कर ही सोए।
विटामिन(vitamin) की कमी के कारण से भी आंखों में जलन की समस्या हो सकती है । इसलिए भरपूर मात्रा में पोषक तत्व (vitamin-A) हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

आँखों की रौशनी तेज करने के लिए क्या खाना चाहिए। aankhon ki roshni kaise badhaye.

aankhon kee raushanee tej karane ke lie kya khaana chaahie : क्या आप जानते है। की कोन से चीज खाने से आप की आखों की रोशनी तेजी से बढ़ती है। और लंबे टाइम(Time) तक आप की आखों की रोशनी अच्छी बनी रहती है अगर नहीं जानते है तो आज हम आप को आंखो की रोशनी को कैसे अच्छी बनाए रखे उन सभी के बारे में बताएंगे

आंखों(aankhon) की रोशनी (roshni)को तेज करने के लिए ।आंखों(aankhon) की रोशनी (roshni)को बनाए रखने के लिए। विभिन्न प्रकार के विटामिन (vitamin)व पोषक( poshak)तत्वों(tatva) से भरपूर खाना व फल व सब्जियां। अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। वह फल व सब्जियां क्या-क्या है आज हम आपको बताएंगे।

आंवला आंखों(aankhon) के लिए बहुत ही फायदेमंद है। व आंवले को आंखों के लिए वरदान भी माना गया है। आंवले में मौजूद विटामिन सी (vitamin-c)हमारी आंखों की रोशनी के लिए आवश्यक है। आंखों(aankhon) की रोशनी(roshni) को बढ़ाने के साथ-साथ आंवला बालों के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होता है।
आयरन से भरपूर फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए। अधिक पत्तेदार सब्जियां जैसे कि पालक, मेथी, बथुआ आदि। कई प्रकार की सब्जियां खा सकते हैं।

आंखों(aankhon) की रोशनी( roshni)बढ़ाने के लिए अखरोट का भी सेवन कर सकते हैं।
अखरोट का सेवन करने से भी आपकी आंखों की रोशनी बरकरार रहती है।
हमारी आंखों की रोशनी के लिए गाजर बहुत ही फायदेमंद होती है। हमारी आंखों के लिए गाजर का जूस एक वरदान है । गाजर के जूस में भिन्न प्रकार की विटामिन(vitamin) जैसे कि vitamin-a ,vitamin- c , vitamin-D आदि। कई प्रकार के विटामिन(vitamin) पाए जाती है।
बादाम की गिरी को रात को पानी में भिगोकर रख दे । सुबह खाली पेट खाएे यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होती है। आंखों की रोशनी के साथ – साथ हमारे दिमाग और हमारी आंखों (aankhon) के लिए भी बादाम बहुत ही फायदेमंद होता है।
अब तो आप जान ही गए हैं । कि किन -किन चीजों का सेवन करने से हमारी आंखों की रोशनी बनी रहती है । इसलिए आप इन सभी चीजों का सेवन करें । और अपनी आंखों की रोशनी को बढ़ाएं।

सिर भारी हो रहा हो तो क्या करें? सिर में भारीपन और चक्कर आना।

What should I do if my head is getting heavy : सिर में चक्कर आना सिर का भारी रहना यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। बल्कि शारीरिक कमजोरी के कारण से भी आपका सिर भारी रह सकता है। आप को चक्कर आ सकते हैं । लेकिन कई बार अधिक चक्कर आने पर यह कई प्रकार की बीमारियों का संकेत भी दे सकती है। जैसे कि बेन (Ben) ट्यूमर (tumor) का होना। बीपी(BP) कम होना। हाथ-परौ का कमजोर होना। एनीमिया जैसी कई प्रकार की बीमारियों का संकेत भी चक्कर आना हो सकता है। सिर में भारीपन और चक्कर आना । कई बार अधिक मानसिक तनाव होने के कारण से भी चक्कर आना । सिर में भारीपन की समस्या हो जाती है । इसलिए तनाव मुक्त रहना चाहिए । चक्कर आने व सिर में भारीपन की समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए । सही समय पर जांच करवा लेनी चाहिए । कई बार आंखें कमजोर होने के कारण से भी सिर में भारीपन, चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।

आंखों की देसी दवा। aankhon ki drop.

aankhon kee desee dava : आज हम आपको आंखों (aankhon)की देसी दवा के बारे में बताएंगे। वह देसी इलाज कैसे करते हैं। अपनी आंखों की रोशनी को बरकरार रखने के लिए।

1.आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं।
2.आंखों के ऊपर खीरा लगा कर रख ले। उससे भी आपको फायदा होता है।
3.आंखों में कुछ बूंदें गुलाब जल डाल कर रखने से भी आराम मिलता है।
4.पैर के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश करने से भी आंखों की रोशनी बनी रहती है।
5.गाजर का जूस पीने से भी आंखों की रोशनी बढ़ती है।
6.आंवले का मुरब्बा खाने से भी आंखों (aankhon) की रोशनी बढ़ती है। यह सभी उपाय करके आप अपनी आंखों की रोशनी को बरकरार रख सकते हैं । अपनी आंखों की रोशनी को कमजोर होने से बचा सकते हैं।

चश्मा लगाने के फायदे। चश्मा कब लगाना चाहिए? When should I wear glasses.

chashma kab lagaana chaahie : चश्मा लगाने से वस्तुएं स्पष्ट दिखाई देती है। बच्चा अपनी सीट पर बैठकर ही चश्मे की सहायता से ब्लैक बोर्ड को स्पष्ट देख पाता है। व दूर की वस्तुएं भी साफ दिखाई देती हैं। सिर में दर्द की समस्या भी खत्म होती है। आंखों से पानी बहना भी बंद हो जाता है । कई बच्चे जो कि दूर की वस्तुएं देखने में आंखों को बार-बार झपकाते हैं। तो यह समस्या भी चश्मा लगाने से देखने को नहीं मिलती है। चश्मा पहनने से वस्तुएं देखने व अखबार पढ़ने में आसानी हो जाती है।

आंखों में कौन कौन सी बीमारी होती है?aankh mein kaun kaun see beemaaree hotee hai.

दृष्टि दोष।

दृष्टि दोष में दूर की वस्तुएं साफ नहीं दिखाई देती हैं। पढ़ते समय बुक को अपने आंखों के नजदीक लाकर या अपने चेहरे के नजदीक लाकर पढ़ाई की जाती है। बच्चे दूर की वस्तु को स्पष्ट नहीं देख ने के कारण से उस वस्तु को पास से देखते हैं। या फिर ब्लैक बोर्ड पर लिखे हुए अक्षर का साफ दिखाई नहीं देने के कारण। ब्लैक बोर्ड के पास में बैठते हैं । यह सभी समस्याएं दृष्टि दोष होने पर देखने को मिलती हैं।

रतौंधी।

रतौंधी रोग भी हमारी आंखों की सबसे बड़ी बीमारी है। यह रतौंधी रोग (vitamin-a) की कमी के कारण से हमारी आंखों में हो जाती हैं। रतौंधी रोग होने के कारण से वस्तुएं रात में दिखाई नहीं देती है। चीजें सब स्पष्ट दिखाई नहीं देने के कारण से यह समस्या गंभीर समस्या या बीमारी है। जिसका उपचार टाइम रहते करवा लेना चाहिए।

मोतियाबिंद।

मोतियाबिंद की बीमारी आज के युग में सबसे अधिक बढ़ती जा रही है। 80 प्रतिशत भाग में मोतियाबिंद की बीमारी फैल रही है। मोतियाबिंद की बीमारी उम्र बढ़ने के साथ-साथ बढ़ती जाती है। मोतियाबिंद की बीमारी वैसे तो 50 साल की उम्र के बाद ही देखने को मिलती है। लेकिन कई बार हमारे शरीर में कई विटामिन (vitamin)और पोषक (poshak) तत्वों की कमी के कारण या तनाव के कारण से। यह बीमारी उम्र से पहले भी हो सकती है।

काला मोतिया।

काला मोतिया भी बहुत ही खतरनाक होता है। जिसको ग्लूकोमा भी कहा जाता है। अगर यह है। काला मोतिया हो जाता है। तो इसका कोई इलाज नहीं होता है। क्योंकि इसमें आंखों की नसों का पानी सूख जाता है। और काला मोतिया बन जाता है । जिसके कारण से चीजें स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं। अगर टाइम रहते प्रारंभ में ही इसका इलाज कर लिया जाता है। तो यह ठीक हो सकता है। लेकिन कुछ समय बाद अगर इसका इलाज करवाते हैं । तो इसका कोई इलाज नहीं होता है। हर व्यक्ति को 40 या 50 साल की उम्र होने के बाद में अपनी आंखों की जांच करवाते रहना चाहिए।

आई फ्लू।

आई फ्लू की बीमारी हो जाने के बाद में व्यक्ति की आंखों से पानी आने लग जाता है। आंखों का रंग लाल हो जाता है । आंखों में सूजन आ जाती है। आंखों में चुभन होती है। यह सभी समस्याएं आई फ्लू की बीमारी के ही कारण होती है ।अब
तो आप जान ही गए हैं। आंखों में विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं। और यह बीमारियां क्या-क्या है। यह आज हम आपको बता ही चुके हैं।

आंख खराब क्यों होती है? आंख कैसे खराब होती है। How does the eye get damaged?

aankh kaise kharaab hotee hai : ऐसे तो आंखें कई कारणों से खराब हो सकती है। क्योंकि आज के युग में लोगों में अधिक भागदौड़ व सही खान-पान नहीं करना । अधिक तनाव में रहना। सही मात्रा में पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं होने पर भी । विटामिन का उपयोग नहीं करने पर आंखें खराब होती है। आंखों में कमजोरी आ जाती है। आंखें खराब होने की समस्या और अधिक हो जाती है। कम रोशनी में लैपटॉप (leptop), मोबाइल (mobail)या फोन (phone) , टीवी (TV)देखने पर भी आंखें कमजोर हो जाती हैं। आंखें खराब होने की स्थिति में आ जाती है। यही सब कारण है। कि आंखें खराब होने का और साथ ही साथ अधिक तनाव के कारण व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं ले पाता है। तो ऐसे में उनकी आंखों पर दबाव पड़ता है। और सिर दर्द की समस्या भी हमारी आंखों की रोशनी को कमजोर कर देती है। सिर दर्द की समस्या हमारी आंखों की रोशनी कम होने की बीमारी को बढ़ाती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में नींद ले व सिर दर्द की समस्या से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

आंखों का प्रेशर कितना होना चाहिए? aankhon ka preshar kitana hona chaahie.

What should be the eye pressure : आंखों का प्रेशर कितना होना चाहिए। यह हम आज आपको बताते हैं। आंखों का प्रेशर आमतौर से
IOP 21 mmHg मिलीमीटर पारा से नीचे होना चाहिए। माप की एक इकाई जो एक निश्चित क्षेत्र के भीतर कितना बल है। इस पर आधारित होती है । इसलिए अब आप समझ गए हैं। कि आंख के अंदर कितना प्रेशर होना चाहिए ।

एक आँख से कम दिखाई देना। आंख की रोशनी कम क्यों होती है?

ek aankh se kam dikhaee dena : यदि आपको अचानक आंखों की दृष्टि से वस्तुएं धुंधली दिखाई देती है। या वस्तुएं दिखाई देना बंद हो जाती हैं। तो ऐसे में समझ लेना चाहिए। आपके रेटिना में छेद बन गया है । जिसकी वजह से रेटिना के आंख के हरपीज या फिर ऑप्टिकल तंत्रिका की सूजन का लक्षण भी होता है। यह समस्या 60 की उम्र के बाद अधिक देखने को मिलती है। इसमें आपको यह अंदेशा हो जाता है। की आंखों की समस्या कि शुरुआत हो गई है। जिसके कारण आंख से कम दिखाई देता है। ऐसे में आप सचेत हो जाए। आपको कम दिखाई दे। तो आंखों की अच्छे से देखभाल करें व डॉक्टर से परामर्श लें । साथ ही पोषक तत्वों की कमी पूरी करने वाले पदार्थों को ग्रहण करें । व कई बार एक आंख से दिखाई देना। मोतियाबिंद होने या फिर किसी प्रकार की चोट लगने ,रेटिना में गड़बड़ हो जाने के कारण। ऐसी स्थिति अधिक बन जाती है। और एक आंख से ही दिखाई देना शुरू हो जाता है।

आँख लाल होने का कारण। लाल आंखें होने का क्या कारण हैं। aankh laal hone ka kaaran.

Cause of red eyes : क्या आप जानते हैं। की आंख लाल किस कारण से होती है । अगर नहीं जानते है। तो आज हम आप को बताएंगे।की किस कारण से आंख लाला हो जाती है । आइए जानते है।

आंखें लाल तब होती है। जब आंख के सफेद भाग में महीन रक्त नलिका फैल जाती हैं । या फिर किसी भी प्रकार का कोई पदार्थ या कोई कचरा आंख के अंदर चला जाता है। तो ऐसे में आंखों में संक्रमण फैल जाता है। आंख लाल हो जाती हैं । उसमें सूजन आ जाता है। कई बार यह समस्या दोनों आंखों में भी हो जाती है । कई बार प्रदूषण में जाने पर एलर्जी के कारण भी आंखें लाल हो जाते हैं। धूल -मिट्टी आंखों के अंदर चली जाने के कारण भी आंखों का रंग लाल हो जाता है। आंखों से पानी बहने लग जाता है। तेज जलन व दर्द महसूस होने लग जाता है।

आंख खराब होने के लक्षण। aankh kharaab hone ke lakshan.

बिना आंखों के इस खूबसूरत दुनिया का अनुभव कर पाना मुश्किल है। यही नहीं शरीर का यह एक नाजुक अंग है, जिससे जुड़ी परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वहीं कई लोगों को नहीं पता होता , कि सूर्य के हानिकारक किरणों की वजह से इस पर गहरा असर पड़ता है। कई बार इसकी वजह से आंखों से जुड़ी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। यही नहीं इसकी वजह से आंखों से जुड़ी कई बीमारियों के लक्षण देखे जाते हैं।लगातार आंखें कंप्यूटर और लैपटॉप स्क्रीन, मोबाइल, टीवी आदि पर टिकी रहती हैं, जिससे आंखों में जलन होने लगती है। ऐसे में कब आपकी आंखें खराब होने लगती हैं, आपको पता भी नहीं चलता। लेकिन, आप कुछ छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करेंगे, तो आपकी आंखों की रोशनी बनी रहेगी । आइए जानते हैं ,आंखें खराब होने के कौन से वह लक्षण हैं। जिनका पता लगाकर हम यह समझ सके कि हमारी आंखें खराब होने के क्या लक्षण वह अपनी आंखों को खराब होने से कैसे बचाया जाए । इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको आंखें खराब होने के विभिन्न लक्षणों के बारे में बताएंगे । उन लक्षणों और संकेतों को बताते हैं, कि आपकी आंखें हो रही हैं।

  • 1 आंखों या सिर में भारीपन ।

आंखें खराब होने पर सिर में भारीपन रहता है। आंखों में भी भारीपन की समस्या बढ़ जाती है, और आपको इस बारे में अगर पता नहीं होता है। तो आप इस बात को इग्नोर कर देते हैं, तो यह आगे चलकर एक गंभीर समस्या हो सकती है। कई बार Tv देखते लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते समय सिर में भारीपन व आंखों में भारीपन की समस्या और अधिक बढ़ जाती है। अगर आपको ऐसी कोई भी समस्या होती है, तो यह लक्षण आंखें खराब होने के ही हैं । लेकिन आप इन लक्षणों को समझ कर , डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

  • 2 आंखें लाल होना और उनसे पानी आना।

कई बार हमारी आंखें अचानक से लाल हो जाती हैं। और उनसे पानी आने लग जाता है ,तो यह कारण भी आंखें खराब होने का लक्षण होता है। अगर आप किसी चीज को दूर से देखते हैं। तो आपकी आंखों से पानी आने लग जाता है , या फिर आंखें लाल हो जाती हैं। इसलिए इस बात को आप इग्नोर ना करें ,और अपनी आंखों की जांच अवश्य करवाएं , ताकि आप अपनी आंखों को खराब होने से बचा सके ।

  • 3 आंखों में खुजली होना।

आंखें खराब होने का यह भी एक महत्वपूर्ण लक्षण होता है। कि आंखों में जलन व खुजली की समस्या हो सकती है, ये वो लक्षण है, जो आंख खराब होने से पहले आंखों में दिखाई देता है । और ये खुजली की समस्या बढ़ जाती है। आंखों में खुजली होने का यह सबसे पहला लक्षण होता है, इसलिए अगर आपके भी आंखों में ऐसी कोई समस्या है। तो आप भी तुरंत डॉक्टर की सलाह लें, अपनी आंखों का इलाज समय पर करवाएं।

  • 4 आंखों के रंग में बदलाव।

अगर किसी व्यक्ति की आंखों में अचानक से बदलाव होते हैं। तो यह लक्षण आंखें खराब होने के हो सकते हैं। इस लक्षण को आप भूल कर भी नजरअंदाज ना करें, क्योंकि आंखों में संक्रमण होने के संकेत होते है। इससे आपकी आंखों की रोशनी कम हो या फिर जा भी सकती है, अगर किसी व्यक्ति की आंखों में ऐसा लक्षण दिखाई दे। तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, ताकि आप इस समस्या से जल्दी छुटकारा पा सके।

  • 5 लगातार सिरदर्द की शिकायत रहना और आंखों में थकावट होना।

आप ने देखा होगा , कई बार लोगों को लगातार सिर दर्द होने की समस्या बनी रहती है, जिसे वो नजरअंदाज करते रहते हैं। कई बार आंखें कमजोर होने से भी सिर दर्द होता है। आंखों पर स्ट्रेस पड़ने या फिर कोई समस्या होने से भी सिर दर्द होता है। ऐसे में जरूरी है, कि आप आंखों की जांच करवाएं। देर तक कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप या फिर टीवी देखने से आंखें कमजोर होने लगती हैं। इन सब से दूर ही रहें। आंखों में खिंचाव के कारण सिरदर्द होता है, जिससे आंखों के आसपास दर्द होता है, खासकर किताब पढ़ते समय, कंप्यूटर पर काम करते वक़्त या किसी ब्लैक बोर्ड को देखते समय। जब आंखों को चीजों पर ध्यान केंद्रित करना होता है, तो मांसपेशियों को ज्यादा दिक्त हो जाती है, जिससे सिरदर्द होने लगता है।

  • 6 धुंधला दिखाई देना।

आप ने देखा होगा , की कई बार बढ़ती उम्र में भी आंखों से धुंधला दिखाई देने लग जाता है।पर ऐसा कम उम्र के बच्चों के साथ भी तो हो सकता है , तो आप समय समय पर जांच करवा लें। धुंधला दिखना यानी रेटिना खराब होने का संकेत हो सकता है।

आँखे कमजोर होने के लक्षण।aankhe kamajor hone ke lakshan.

आंखें हर इंसान के लिए अनमोल होती हैं। और जिन लोगो की आंखे कमजोर हो जाती है तो ऐसे में कई तरह की तकलीफों का सामना करना पड़ता है। अगर वक्त रहते आंखों की कमजोरी का पता नहीं लगता है, तो आखों की रोशनी काफी कम हो सकती है। इसलिए ये बेहद ही जरूर है, कि आंखों की कमजोरी को आप नजरअंदाज न करें। वहीं आंखों की कमजोरी के लक्षण क्या होते हैं, जिनकी मदद से ये पता लगाया जा सकता है। कि आपकी आंखे की रोशनी कम हो रही है। उसके बारे में नीचे बताया गया है। तो आइए जानते हैं , कि आंखों की कमजोरी के लक्षण क्या है ।

  1. अगर बार-बार आंखों में भारी पन हो तो ये भी आंखों की नजर कमजोर होने का लक्षण होते है। जब आंखें कमजोर होने लग जाती हैं, तो आंखों में भारीपन रहने लग जाता है।
  2. आंखों में पानी आना और जलन महसूस होने पर समझ लेना चाहिए , आप की आंखें कमजोर हो रही हैं।
  3. आखों की नजर कमजोर होने पर आंखें लाल हो जाती हैं।
  4. जिन लोगों की आंखों के आगे बार-बार धुंधलापन आने लग जाए तो समझ जाना चाहिए। की आप की आंखे कमजोर हो रही हैं। आंखे कमजोर होने पर आंखों के आगे अंधेरा और धुंधलापन आ जाता है, और चीजें साफ नहीं दिखाई देती हैं।
  5. अगर दूर या पास की चीजें अगर साफ न दिखाई दें। तो ये भी आंखें कमजोर होने का ही लक्षण होता है।

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