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ghumne ki jagah in jaipur.

नमस्कार, दोस्तों आज हम आपको ghumne ki jagah in jaipur के बारे में बताएंगे। यदि आप जयपुर घूमने के बारे में सोच रहे हैं, तो आप इस लेख के माध्यम से आसानी से जान सकते हैं। वह कौन-कौन सी जगह है जो कि देखने में अत्यंत सुंदर लगती हैं, तो आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में।

जयपुर शहर का नाम भारत के सबसे बड़े और प्रमुख शहरों में आता है।

जयपुर बहुत ही खूबसूरत शहर है। यह विश्व प्रसिद्ध शहर खूबसूरती से सजा हुअा है,यह खूबसूरती के साथ-साथ राजस्थान की राजधानी भी है। इस शहर में बड़े-बड़े किले, प्राचीन इमारत ,महल इत्यादि देखने को खूब मिलते हैं, यह शहर पर्यटकों को खूब पसंद आता है। इन सब के अलावा यहां पर खूब मंदिर भी देखने को मिलते हैं, साथ में बहुत सारे पार्क भी देखने को मिलते हैं। पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर शहर अपनी खूबसूरती की वजह से प्रसिद्ध हैं। यहाँ हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक आते रहते है। यहां का वातावरण शान्त और साफ सुथरा है। जयपुर में आप को एक तरफ ग्रामीण संस्कृति देखने को मिल ती हैं। वहीं दूसरी और रंगीन रोशनी में जगमगाते इस शहर की आधुनिकता देखने को मिलती हैं।

jaipur mein ghumne layak jagah.

1) जल महल ।

जल महल को देखने खूब सारे पर्यटन आते हैं। यह बहुत ही अच्छा और शांत वातावरण में भीड़-भाड़ से दूर स्थित है । जयपुर की प्रसिद्ध मानसागर झील में पानी के बीच में स्थित होने की वजह से इसको जल महल कहा जाता है। यह स्थान जयपुर शहर के भीड़-भाड़ भरे वातावरण से कुछ दूर शान्त वातावरण में स्थित है। पक्षीओं की चहचहाट के बीच शान्त वातावरण में सुकून का समय बिताने के लिए यह स्थान जयपुर में सब से अच्छी जगह में से एक है। आप यहां से आसपास के पहाड़ों की खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य देख सकते हैं।इस महल की खूबसूरती को देखने के लिए हर साल दुनिया भर के पर्यटक देखने को आते हैं।

2) अल्बर्ट हॉल म्यूजियम।

यदि आप जयपुर की धूमने आये है, तो अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को देखने जरूर जाए। हर साल हजारों पर्यटक यहां पर आते हैं। वेल्स के राजकुमार और अल्बर्ट एडवर्ड के नाम पर बना यह म्यूजियम जयपुर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में आता है।जयपुर के राम निवास उद्यान में स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय है। 1876 ​​​​में निर्मित, इसे शुरू में एक कॉन्सर्ट हॉल के रूप में देखा गया था और लंदन में विक्टोरिया और अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की वास्तुकला जैसा दिखता है, इसलिए, इसे सरकारी केंद्रीय संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है। 

अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से लाई गई कलाकृतियों का एक व्यापक संग्रह हैं। जो 16 कलाओं में विभाजित हैं। रात होते ही यह संग्रहालय एक नया रूप धारण कर लेता है और पूरी इमारत पीली रोशनी से जगमगा उठती है, जो बेहद खूबसूरत दिखती है।  भारत के इतिहास और प्राचीन संस्कृति की एक झलक देखने के लिए एक शानदार जगह है।

 प्राचीन सिक्के, संगमरमर की कला, मिट्टी के बर्तन, कालीन और विशेष रूप से मिस्र की ममी इतिहास के शौकीनों की आंखों के लिए एक इलाज हैं। बाहर से ही इमारत में एक आकर्षक वास्तुकला दिखाई पड़ती हैं।

3) नाहरगढ़ दुर्ग।

1734 में जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा निर्मित, किले को शुरू में सुदर्शनगढ़ का नाम दिया गया था, और बाद में इसका नाम बदलकर नाहरगढ़ कर दिया गया। हालांकि किला मुख्य रूप से रक्षा उद्देश्यों के लिए बनाया गया था, लेकिन इसके पूरे इतिहास में कभी भी दुश्मनों द्वारा हमला नहीं किया गया था। 
यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर की खूबसूरती देख सकते है। यह इतिहास प्रेमियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखें।

4) हवा महल।

आज हम आपको जयपुर की हवा महल के बारे में बताएंगे। अगर आप भी कभी अपने शहर जयपुर यानि की राजस्थान की राजधानी घूमने आए तो इस हवामहल को देखना ना भूलें तो चलिए जान देते हैं, इस हवा महल के बारे में इसकी खूबसूरती और इसका निर्माण कब किसने करवाया था इन सभी बातों की जानकारी जान लेते हैं।

जयपुर के इस हवा महल का निर्माण (पांच मंजिला महल )1799 में महाराजा सवाई सिंह जी ने करवाया था। इस महल में 953 खिड़किया और झरोखे है। यह वास्तुकला का एक शानदार उत्कृष्ट उदाहरण है। जिसकी वजह से यहां के आस-पास का माहौल आसानी से देख सकते हैं। यह महल राजपूतों की शाही विरासत का गवाह हैं, राजपूत राजा महाराजाओं का ठाठ बाट कितना शानदार होता था। महल की पूरी संरचना को एक अनोखे तरीके से डिजाइन किया गया था कि यह भगवान कृष्ण का मुकुट बनाता है। यहां के झरोखों में खुली हवा आप के मन को बहुत ही सुकून दिलाएगी।

5) सिटी पैलेस।

यह इमारत जयपुर की बहुत ही ऐतिहासिक इमारत है। यह स्थान जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक आता है। इसकी वास्तुकला बहुत सुन्दर है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। अगर आप जयपुर घूम रहे है, तो इस ऐतिहासिक स्थल को देखना न भूलें।

6) बिरला मंदिर।

ये मंदिर जयपुर के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। ये मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है, यह मंदिर बहुत आकर्षक है। यह मंदिर भगवान् लक्ष्मी नारायण जी का मंदिर है। ये जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में आता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। इस मंदिर में दर्शन करने जरूर जाना चाहिए।

7) जंतर मंतर

जंतर मंतर जयपुर में सिटी पैलेस के पास में ही स्थित है। इसका निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह जी ने 18 वी शताब्दी में करवाया था। इस स्थान को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। जो दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी वेधशाला है। इसके निर्माण में सबसे अच्छा संगमरमर को युज किया गया है।

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जयपुर घूमने की जगह। jaipur ghumne ki jagah.

दोस्तों, अब हम आपको जयपुर घूमने की जगह (jaipur ghumne ki jagah) कौन-कौन सी हैं इसके बारे में बताएंगे। यदि आप जयपुर घूमने आए हैं, और आप जयपुर घूमने की जगह कौन-कौन सी हैं। इसके बारे में जानकारी खोज रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत ही खास होने वाली हैं। क्योंकि इस जानकारी के माध्यम से आप जान सकते हैं, कि जयपुर में कौन-कौन सी जगह हैं जो कि घूमने अर्थात देखने के लिए प्रसिद्ध हैं।

1)हवा महल।

हवा महल एक ऐसी इमारत है, जो बहुत ही अद्भुत है। इस महल में 953 खिड़कियों से बना यह महल लोगों को बहुत ही आकर्षित करता है। ये 5 मंजिला इमारत बिना किसी नींव के खड़ा है, जो कि अपने आप में अजूबा है। और यह बीना नींव की बनी सबसे बड़ी दुनिया की इमारत भी है। हवा महल अपनी संस्कृति और बनावट के वजह से बहुत ही लोकप्रिय है। जिसके कारण इसे विश्व भर से लोग देखने आते है। जयपुर का हवा महल पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र है। हवा महल देखने में अत्यंत सुंदर व आकर्षक है इसलिए आप जब भी जयपुर घूमने जाएं तो हवामहल को जरूर देखें और इस का आनंद लें।

2) अल्बर्ट हॉल म्यूजियम।

 आज हम आप को अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के बारे में बतायेगे । यह म्यूजियम जयपुर जंक्शन से लगभग 5.8 km की दूरी पर स्थित है। इस म्यूज़ियम में आपको कई साल पुरानी कलाकृति और प्राचीन अस्त्र-शस्त्र देखने को मिलेंगे। यहां मिस्र की मम्मी रखी हुई है। वर्तमान में आधुनिकता के चलते 133 सालों से भी ज्यादा वर्षो से अल्बर्ट हॉल म्यूजियम लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। इस म्यूजियम में राजस्थान की संस्कृति, कला, संगीत और पोशाक ऐसी बहुत सी शैलियों को इस म्यूजियम में रखा हुआ है। राजस्थान के सबसे प्राचीन संग्रहालय में से एक अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को पर्यटक दूर-दूर से देखने आते है।

3) आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

4) सेंट्रल पार्क ।

इस पार्क को जयपुर का हृदय कहा जाता है। यहां आपको शांति महसूस होगी। जयपुर का सबसे बड़ा हरा भरा यह पार्क बहुत ही सुंदर और आकर्षक है। यहां आपको पत्थरों के स्टैचू देखने को मिलेंगे। इस पार्क में भारत का ऊंचा तिरंगा विद्यमान है। जिसकी ऊंचाई 206 फिट है।

5) जयगढ़ किला।

जयपुर में जयगढ़ का किला भी बहुत अच्छा और देखने योग्य है। 18वी सदी में इस किले का निर्माण हुआ था। जयपुर का जयगढ़ किला जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह ने करवाया था। इस किले का निर्माण आमेर की सुरक्षा के लिए करवाया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा तोप इसी जयगढ़ किले में रखा हुआ है, 50 टन का यह तोप पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसन्द आता है। यह किला जयपुर शहर से 15 km की दूरी पर स्थित है। इस किले को विजय किले के नाम से भी जानते है। जयगढ़ किले में एक खूबसूरत पार्क भी है। अगर आप भी जयपुर घूमने आए ह तो आप भी ये सुन्दर आकर्षित चीज जरूर देखें।

6)सिटी पैलेस ।

 सिटी पैलेस जयपुर शहर के दिल में स्थित एक खूबसूरत महल है। जो जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से 5.5 किमी की दूरी पर स्थित यह जयपुर के महाराजा, कच्छवा राजपूत वंश के प्रमुख की सीट थी। सिटी पैलेस जयपुर में सबसे प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षणों और एक प्रमुख स्थलचिह्न में से एक है। ये सिटी पैलेस 1729 और 1732 ईस्वी के बीच सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा बनाया गया था। सिटी पैलेस राजपूत, मुगल और यूरोपीय वास्तुशिल्प शैलियों को दर्शाता है। और इसे वास्तुशास्त्र के अनुसार डिजाइन किया गया था। जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध जयपुर पर्यटक स्थानों में से एक है। सभी तरफ बड़ी दीवारों से घिरा हुआ है।इस में कई महल, मंडप, उद्यान और मंदिर भी है । चंद्र महल सिटी पैलेस परिसर में सबसे कमांडिंग इमारत है। यह एक सात मंजिला इमारत है, इसमें कई अनूठी पेंटिंग्स, दीवारों और पुष्प सजावट पर दर्पण का काम शामिल है। इसमें महाराजा का चित्रण और भोजन कक्ष है , जो मुगल लघुचित्र, चांदी और ग्लास डाइनिंग टेबल के साथ पूरी तरह से सजाया गया है।ये सब आप को देखने को मिल जायेंगे। आप जब भी जाये इन सब का आनंद जरुर ले।

jaipur mein ghumne ki jagah.

दोस्तों ,यदि आप यह जानना चाहते हैं ,कि जयपुर में घूमने की जगह (jaipur mein ghumne ki jagah) कौन सी हैं, तो आप नीचे दी गई जानकारी के माध्यम से जान सकते हैं। कि जयपुर में घूमने की जगह(jaipur mein ghumne ki jagah) कौन सी हैं। जयपुर में ऐसे कई स्थल हैं। जो कि देखने में अत्यंत सुंदर व आकर्षक लगते हैं।
जयपुर अपनी कला, संस्कृति, वास्तुकला और ऐतिहासिक किलों एवम् इमारतों के लिए विशेष पहचान बनाये रखता है। (jaipur) को विश्व भर में गुलाबी शहर के नाम से जाना जाता है। तो आइए जानते हैं वह कौन-कौन सी जगह है जो कि देखने के लिए अत्यंत प्रसिद्ध मानी जाती हैं।

1) खोले के हनुमान जी ।

आइये जान लेते है ,खोले के हनुमान जी बारे में। खोले के हनुमान जी का मंदिर जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से 11 किमी की दूरी पर है।500 भक्तों को समायोजित कर सकता है। मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और भक्तों को मंदिर पहुंचने के लिए लगभग 1 किमी चलना है। एक आकर्षक प्रवेश द्वार है। मंदिर अपनी शक्ति के लिए जाना जाता है, और ऐसा माना जाता है ,कि भक्तों की इच्छा हमेशा पूर्ण होती है। इस जगह से सूर्यास्त और सूर्योदय देखने के लिए पर्यटकों की बड़ी संख्या इस जगह पर जाती है। ये भी बहुत ही अच्छा खूबसूरत मंदिर है , जिस को देखने और देसन करने आप भी जरूर जाये।

2)रामनिवास बाग ।

रामनिवास बाग का निर्माण 1868 में महाराजा सवाई रामसिंह ने करवाया था। उस समय यह उद्यान जयपुर का सबसे बड़ा उद्यान था।अनुमान है, की अकाल राहत कार्य के लिये निर्मित रामनिवास बाग के निर्माण की लागत उस समय लगभग 4 लाख रुपये लगाई गई थी। जयपुर शहर के एकदम बीच में बना हुआ।ये रामनिवास बाग आज भी अपनी निर्माण शैली और खूबसूरती से सबको आकर्षित करता है। रामनिवास बाग में सबसे ज्यादा पर्यटक अल्बर्ट हॉल को देखने आते है। आज भी स्थानीय निवासी इस उद्यान का उपयोग सुबह और शाम के समय टहलने के लिए करते है। रामनिवास बाग में प्रवेश करने के लिए चार दरवाजे बनाये गए है।व्आज इन्हीं दरवाजों से सुबह 5:00  बजे से लेकर रात को 11:00 बजे तक पूरे जयपुर शहर का यातायात और वाहन गुजरते है। रामनिवास बाग में फुटबॉल का मैदान बना हुआ है, फुटबॉल मैदान में सुबह और शाम के समय बच्चे फुटबॉल खेलते है।

3) स्टेच्यू सर्किल ।

जयपुर शहर के केंद्र में बना हुआ ,ये स्टेच्यू सर्किल पूरे दिनभर यातायात गुजरते रहते है। लेकिन जैसे-जैसे शाम होने लगती है, तो इस जगह पर स्थानीय निवासी और पर्यटक खाने पीने के लिए और स्मारक में बने हुए उद्यान में घूमने आते है।
वैसे तोस जगह का नाम सवाई जयसिंह स्मारक है। लेकिन महाराजा की विशाल प्रतिमा के कारण इस जगह को स्टेचू सर्किल कहा जाने लगा। शाम को यहाँ रंग-बिरंगी रोशनी से रोशन हो जाता है,
आप स्टेचू सर्किल पर पुरे दिन के समय कभी भी जा सकते है। लेकिन शाम का समय सबसे अच्छा रहेगा। शाम को इस जगह का माहौल एकदम से किसी मेले के जैसा हो जाता है। इस लिए स्टेचू सर्किल से अच्छी जगह नहीं हो सकती है, महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के सम्मान में इस स्मारक का निर्माण करवाया गया है, इस स्मारक में महाराजा सवाई जयसिंह की एक प्रतिमा भी स्थापित कर रखी है। उनके हाथ में खगोल शास्त्र से जुड़ी हुई एक पुस्तक भी है। यह पुस्तक महाराजा सवाई जयसिंह के खगोल विज्ञान से जुड़े हुए ज्ञान को दर्शाती है। इस लिए आप कभी जयपुर घूमने आए तो इस स्टेच्यू सर्किल पर भी एक बार जरूर घूमे।

4) सेंट्रल पार्क  ।

सेंट्रल पार्क जयपुर का सबसे आधुनिक और सबसे बड़ा हरा-भरा उद्यान है। सेंट्रल पार्क के अधिकांश हिस्से में बड़े छायादार वृक्ष लगाए गए है। इस उद्यान में 5 किलोमीटर लंबा रनिंग और जॉगिंग ट्रेक बनाया हुआ है। ये स्टेचू सर्किल के पास स्थित है, इस सेंट्रल पार्क का निर्माण जयपुर विकास प्राधिकरण ने 2006 में करवाया था।
इस में तिरंगा झंडा भी है, जो ये सब से ऊंचा तिरंगा झंडा है, इस तिरंगे झंडे के पोल की ऊंचाई 206 फीट है, और झंडे की चौड़ाई 28 फ़ीट और लंबाई 72 फ़ीट है। सेंट्रल पार्क में अंतराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते रहते है,
इन कार्यक्रमों में दुनियाभर के मशहूर कलाकार प्रस्तुति देने के लिए आते रहते है। तो दोस्तों हम ने आप को इस सेंट्रल पार्क के बारे में भी बता दिया है ,आप को भी पसन्द आयेग। घूमने आओ तो जाना जरूर।

5) गणेश मोती डूंगरी मंदिर ।

गणेश की प्रतिमा को उदयपुर के पास स्थित एक छोटे से कस्बे मावली से लाया गया था। मावली जयपुर के महाराजा सवाई माधो सिंह प्रथम की पटरानी का पीहर था। ऐसा माना जाता है की मावली में इस प्रतिमा को जब गुजरात से लाया गया था तो उस समय यह प्रतिमा 500 वर्ष पुरानी थी। जयपुर में स्थित मोती डूंगरी गणेश मन्दिर की स्थापना 1761 में की गयी थी । मंदिर के पास स्थित एक छोटी पहाड़ी है, जिसे मोती डूंगरी कहा जाता है। पहाड़ी की तलहटी में स्थित होने की वजह से इस गणेश मंदिर का नाम मोती डूंगरी गणेश मंदिर रखा गया। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे बनाये गए है, और मंदिर के मध्य भाग में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। है, भगवान गणेश की प्रतिमा सिंदूर के रंग की है। 
हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते रहते है। बुधवार का दिन गणेश जी का दिन है तो इस दिन यहाँ पर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है।
जयपुर के स्थानीय निवासी जब भी कोई नई गाड़ी खरीदते है वो सबसे पहले इसी मंदिर में अपनी गाड़ी की पूजा करवाने के लिए आते है। ऐसी मान्यता है, की अगर गाड़ी को सबसे पहले गणेश मन्दिर में ले जाकर पूजा करते है। तो कुछ अशुभ नहीं होता। और शादी का पहला कार्ड भी भगवन गणेश जी को चढ़ाया जाता है, क्यों की वो यहाँ के सब से चमत्कारी है। इस लिए कोई भी शुभ कार्य करते है तो सब से पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर जाते है।

जयपुर की फेमस चीज। jaipur ki famous chij.

दोस्तों, यदि आप जयपुर में फेमस चीज के बारे में जानना चाहते हैं। तो आप आसानी से जान सकते हैं। कि जयपुर में वह कौन-कौन सी चीज हैं, जो कि अत्यधिक फेमस हैं। यदि आप जयपुर की फेमस चीजों के बारे में जानना चाहते हैं तो आप बिना किसी परेशानी के यह जान सकते हैं कि जयपुर की फेमस चीज कौन – कौन सी हैं।

1)हवा महल (Hawa Mahal)

2)सिटी पैलेस (City Palace)

3)जल महल (Jal Mahal)

4)पिंक सिटी बाजा़र (Pink City Bazaar)

5)अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम (Albert Hall Museum)

6)गल्ताजी (Galta Ji)

7)नाहरगढ़ किला (Nahargarh Fort)

8)जयगढ़ किला (Jaigarh Fort)

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jaipur ghumne wali jagah : दोस्तों , यदि आप जयपुर में घूमने वाली जगह(jaipur mein ghumne wali jagah) की तलाश कर रहे हैं। तो आज हम आपके लिए उन जगहों के बारे में जानकारी लेकर आए हैं। जिसके जरिए आप आसानी से जयपुर घूमने वाली जगह ( jaipur ghumne wali jagah) के बारे में जान सकते हैं। जयपुर में घूमने वाली जगह कौन-कौन सी हैं आइए जानते हैं।

1) आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

2) जयगढ़ किला।

जयपुर में जयगढ़ का किला भी बहुत अच्छा और देखने योग्य है। 18वी सदी में इस किले का निर्माण हुआ था। जयपुर का जयगढ़ किला जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह ने करवाया था। इस किले का निर्माण आमेर की सुरक्षा के लिए करवाया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा तोप इसी जयगढ़ किले में रखा हुआ है, 50 टन का यह तोप पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसन्द आता है। यह किला जयपुर शहर से 15 km की दूरी पर स्थित है। इस किले को विजय किले के नाम से भी जानते है। जयगढ़ किले में एक खूबसूरत पार्क भी है। अगर आप भी जयपुर घूमने आए ह तो आप भी ये सुन्दर आकर्षित चीज जरूर देखें।

3) रामनिवास बाग ।

रामनिवास बाग का निर्माण 1868 में महाराजा सवाई रामसिंह ने करवाया था। उस समय यह उद्यान जयपुर का सबसे बड़ा उद्यान था।अनुमान है, की अकाल राहत कार्य के लिये निर्मित रामनिवास बाग के निर्माण की लागत उस समय लगभग 4 लाख रुपये लगाई गई थी। जयपुर शहर के एकदम बीच में बना हुआ।ये रामनिवास बाग आज भी अपनी निर्माण शैली और खूबसूरती से सबको आकर्षित करता है। रामनिवास बाग में सबसे ज्यादा पर्यटक अल्बर्ट हॉल को देखने आते है। आज भी स्थानीय निवासी इस उद्यान का उपयोग सुबह और शाम के समय टहलने के लिए करते है। रामनिवास बाग में प्रवेश करने के लिए चार दरवाजे बनाये गए है।व्आज इन्हीं दरवाजों से सुबह 5:00  बजे से लेकर रात को 11:00 बजे तक पूरे जयपुर शहर का यातायात और वाहन गुजरते है। रामनिवास बाग में फुटबॉल का मैदान बना हुआ है, फुटबॉल मैदान में सुबह और शाम के समय बच्चे फुटबॉल खेलते है।

4) गणेश मोती डूंगरी मंदिर ।

गणेश की प्रतिमा को उदयपुर के पास स्थित एक छोटे से कस्बे मावली से लाया गया था। मावली जयपुर के महाराजा सवाई माधो सिंह प्रथम की पटरानी का पीहर था। ऐसा माना जाता है की मावली में इस प्रतिमा को जब गुजरात से लाया गया था तो उस समय यह प्रतिमा 500 वर्ष पुरानी थी। जयपुर में स्थित मोती डूंगरी गणेश मन्दिर की स्थापना 1761 में की गयी थी । मंदिर के पास स्थित एक छोटी पहाड़ी है, जिसे मोती डूंगरी कहा जाता है। पहाड़ी की तलहटी में स्थित होने की वजह से इस गणेश मंदिर का नाम मोती डूंगरी गणेश मंदिर रखा गया। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे बनाये गए है, और मंदिर के मध्य भाग में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। है, भगवान गणेश की प्रतिमा सिंदूर के रंग की है। 
हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते रहते है। बुधवार का दिन गणेश जी का दिन है तो इस दिन यहाँ पर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है।
जयपुर के स्थानीय निवासी जब भी कोई नई गाड़ी खरीदते है वो सबसे पहले इसी मंदिर में अपनी गाड़ी की पूजा करवाने के लिए आते है। ऐसी मान्यता है, की अगर गाड़ी को सबसे पहले गणेश मन्दिर में ले जाकर पूजा करते है। तो कुछ अशुभ नहीं होता। और शादी का पहला कार्ड भी भगवान गणेश जी को चढ़ाया जाता है, क्योंकी वो यहाँ के सब से चमत्कारी है। इस लिए कोई भी शुभ कार्य करते है तो सब से पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर जाते है।

5) स्टेच्यू सर्किल ।

जयपुर शहर के केंद्र में बना हुआ ,ये स्टेच्यू सर्किल पूरे दिनभर यातायात गुजरते रहते है। लेकिन जैसे-जैसे शाम होने लगती है, तो इस जगह पर स्थानीय निवासी और पर्यटक खाने पीने के लिए और स्मारक में बने हुए उद्यान में घूमने आते है।
वैसे तोस जगह का नाम सवाई जयसिंह स्मारक है। लेकिन महाराजा की विशाल प्रतिमा के कारण इस जगह को स्टेचू सर्किल कहा जाने लगा। शाम को यहाँ रंग-बिरंगी रोशनी से रोशन हो जाता है,
आप स्टेचू सर्किल पर पुरे दिन के समय कभी भी जा सकते है। लेकिन शाम का समय सबसे अच्छा रहेगा। शाम को इस जगह का माहौल एकदम से किसी मेले के जैसा हो जाता है। इस लिए स्टेचू सर्किल से अच्छी जगह नहीं हो सकती है, महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के सम्मान में इस स्मारक का निर्माण करवाया गया है, इस स्मारक में महाराजा सवाई जयसिंह की एक प्रतिमा भी स्थापित कर रखी है। उनके हाथ में खगोल शास्त्र से जुड़ी हुई एक पुस्तक भी है। यह पुस्तक महाराजा सवाई जयसिंह के खगोल विज्ञान से जुड़े हुए ज्ञान को दर्शाती है। इस लिए आप कभी जयपुर घूमने आए तो इस स्टेच्यू सर्किल पर भी एक बार जरूर घूमे।

6) सेंट्रल पार्क  ।

सेंट्रल पार्क जयपुर का सबसे आधुनिक और सबसे बड़ा हरा-भरा उद्यान है। सेंट्रल पार्क के अधिकांश हिस्से में बड़े छायादार वृक्ष लगाए गए है। इस उद्यान में 5 किलोमीटर लंबा रनिंग और जॉगिंग ट्रेक बनाया हुआ है। ये स्टेचू सर्किल के पास स्थित है, इस सेंट्रल पार्क का निर्माण जयपुर विकास प्राधिकरण ने 2006 में करवाया था।
इस में तिरंगा झंडा भी है, जो ये सब से ऊंचा तिरंगा झंडा है, इस तिरंगे झंडे के पोल की ऊंचाई 206 फीट है, और झंडे की चौड़ाई 28 फ़ीट और लंबाई 72 फ़ीट है। सेंट्रल पार्क में अंतराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते रहते है,
इन कार्यक्रमों में दुनियाभर के मशहूर कलाकार प्रस्तुति देने के लिए आते रहते है। तो दोस्तों हम ने आप को इस सेंट्रल पार्क के बारे में भी बता दिया है ,आप को भी पसन्द आयेग। घूमने आओ तो जाना जरूर।


jaipur mein dekhne layak.

दोस्तों, क्या आप जानते हैं? जयपुर में देखने लायक चीजें कौन कौन सी हैं यदि आप नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि जयपुर में देखने लायक चीजें कौन-कौन सी हैं तो आइए जानते हैं जयपुर में देखने लायक चीजों के बारे में।

जयपुर राजस्थान राज्य की राजधानी है। और यह भारत का 10 वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। यह भारत में घूमने के लिए लोकप्रिय स्थानों में से एक है। इसके अलावा यह राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। जयपुर में प्रसिद् पर्यटक स्थल जैसे की आमेर का किला, हवा महल और सिटी पैलेस जयपुर , नाहरगढ़ का किला खोले के हनुमान जी ये सभी जगह देखने लायक (dekhne layak) हैं।

1) जल महल ।

जब भी जयपुर घूमने की बात आती है, तो सब से पहले दिमाग में जल महल की बात आती है। तो चलिए जानते है ,जल महल के बारे में। महाराजा जय सिंह द्वितीय ने मुख्य तौर पर शिकार के अड्डे के रूप में बनवाया था। मनसागर झील के ठीक बीचों-बीच स्थित है। यहाँ पर प्रवासी पक्षियों की झलक आप को देखने को मिल जायेगी। आप यहाँ बहुत से खूबसूरत पक्षियों को देखकर अपनी यात्रा अच्छी हो जायेगी।

2) हवा महल।

हवा महल भी उन आकर्षक महलो में से है, जो सब का मन मोह लेता है। महाराजा सवाई सिंह द्वारा बनवाया गया , अदम्य खूबसूरती का प्रतीक है।
जिसमे 953 झरोखे है, जहाँ से आप आस-पास के नजा़रों को बखूबी देख पाएंगे। यह महल शाही महारानियों के लिए बनवाया गया था। इस महल के झरोखों से गुज़रती हवा आपको आनंद के संसार में ले जाएगी, जहाँ पहुँचकर आप आनंद की मदमस्त हवा का लुक उठाएंगे।

3) अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम ।

यह भारत की कला और संस्कृति के बारे में जानने का सबसे प्राचीन स्थान है। वेल्स के राजकुमार, अल्बर्ट एडवर्ड के नाम से बना है। यह संग्रहालय बहुत-सी अद्भुत चीज़ों का केंद्र है। यहाँ मिस्र की मम्मी भी है, जो कुछ वक्त से लोगों के बीच काफी चर्चा में है। जयपुर के सबसे सुन्दर दर्शनीय स्थल में से है।

4) नाहरगढ़ किला।

जयपुर शहर का मशहूर किला यहाँ से आप जयपुर और आमेर शहर का नज़ारा देख सकते है। इसकी खूबसूरती रात में बेहद खूबसूरत होती है। यहाँ का नज़ारा बहुत खूबसूरत है, किले में रेस्टोरेंट भी लोगों के बीच आकर्षण खूबसूरती को बढ़ाता है। नाहरगढ़ का किला 1734 में सवाई जय सिंह द्वितीय बनाया गया था।

5) गल्ताजी ।

ये बहुत ही सुन्दर मंदिर है,यहाँ भगवान हनुमान, राम, कृष्ण, सूर्य व विष्णु जी की मूर्तियां मौजूद है।
यहाँ का प्राकृतिक वातावरण व सात कुंड है, जो लोगो को आकर्षित करता है। वे ये अरावली के पहाड़ों में स्थित है। यह तीरथ स्थल आपको शांति और आध्यात्मिकता प्रदान करता है।

6)जंतर मंतर।

ये महल महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया । यहाँ प्राचीन उपकरणों से समय, दिशा, ग्रहण, आदि का पता लगाया जाता है।इन्हें बड़ी कुशलता से पत्थरों का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इस स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में स्थान दिया गया है। ज्योतिषीय व खगोलीय घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए इसे बनाया गया है।

7) सिसौदिया रानी गार्डन ।

यह गार्डन जयपुर से 6 किमी की दूरी पर यह गार्डन स्थित है। इसका निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1728 में करवाया था। इस में
हरा-भरा वातावरण, उनके बीच चलते पानी के फव्वारे मन मोहने वाला नजारा होता हैं। इन वास्तुकला ने पर्यटकों को अपनी और बहुत अधिक आकर्षित किया है। ये जयपुर की सौंदर्य की मंजिल है। घूमने के लिए ये बेस्ट गार्डन है।जो हर किसी को अपनी और आकर्षित करता है।

8) बापू बाज़ार 

बापू बाजार जयपुर का सबसे मशहूर बाज़ार है।
जयपुर के बीच यह बाज़ार संगनेर गेट से न्यू गेट के बीच बसा हुआ है, यहाँ पर राजस्थानी जूतियाँ, रंगीन दुपट्टे, साड़ियाँ, आदि आपको बेहद आकर्षित करते है। राजस्थान की पारंपरिक वस्तुओं को खरीदने के लिए लोगो की भीड़ जमा रहती है , और यहाँ हर चीज उचित रूपये में उपलब्ध होती है। यहाँ राजस्थानी कपडे ,हस्तशिल्प भी बिकते है।

ghumne ki jagah in jaipur.

दोस्तों, यदि आप जयपुर में घूमने की जगह के बारे में जानकारी खोज रहे हैं। तो आज हम आपको इसके बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। साथ ही आप हमारे द्वारा दी गई जानकारी के माध्यम से यह आसानी से जान सकते हैं। कि घूमने की जगह जयपुर में (ghumne ki jagah in jaipur)कौन सी है तो आइए जानते हैं। जयपुर में घूमने की जगह (ghumne ki jagah in jaipur) के बारे में।

1)आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

2) जयगढ़ किला।

जयपुर में जयगढ़ का किला भी बहुत अच्छा और देखने योग्य है। 18वी सदी में इस किले का निर्माण हुआ था। जयपुर का जयगढ़ किला जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह ने करवाया था। इस किले का निर्माण आमेर की सुरक्षा के लिए करवाया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा तोप इसी जयगढ़ किले में रखा हुआ है, 50 टन का यह तोप पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसन्द आता है। यह किला जयपुर शहर से 15 km की दूरी पर स्थित है। इस किले को विजय किले के नाम से भी जानते है। जयगढ़ किले में एक खूबसूरत पार्क भी है। अगर आप भी जयपुर घूमने आए ह तो आप भी ये सुन्दर आकर्षित चीज जरूर देखें।

3)जंतर मंतर।

ये महल महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया । यहाँ प्राचीन उपकरणों से समय, दिशा, ग्रहण, आदि का पता लगाया जाता है।इन्हें बड़ी कुशलता से पत्थरों का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इस स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में स्थान दिया गया है। ज्योतिषीय व खगोलीय घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए इसे बनाया गया है।

4)हवा महल।

हवा महल एक ऐसी इमारत है, जो बहुत ही अद्भुत है। इस महल में 953 खिड़कियों से बना यह महल लोगों को बहुत ही आकर्षित करता है। ये 5 मंजिला इमारत बिना किसी नींव के खड़ा है, जो कि अपने आप में अजूबा है। और यह बीना नींव की बनी सबसे बड़ी दुनिया की इमारत भी है। हवा महल अपनी संस्कृति और बनावट के वजह से बहुत ही लोकप्रिय है। जिसके कारण इसे विश्व भर से लोग देखने आते है। जयपुर का हवा महल पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र है। हवा महल देखने में अत्यंत सुंदर व आकर्षक है इसलिए आप जब भी जयपुर घूमने जाएं तो हवामहल को जरूर देखें और इस का आनंद लें।

5) अल्बर्ट हॉल म्यूजियम।

 आज हम आप को अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के बारे में बतायेगे । यह म्यूजियम जयपुर जंक्शन से लगभग 5.8 km की दूरी पर स्थित है। इस म्यूज़ियम में आपको कई साल पुरानी कलाकृति और प्राचीन अस्त्र-शस्त्र देखने को मिलेंगे। यहां मिस्र की मम्मी रखी हुई है। वर्तमान में आधुनिकता के चलते 133 सालों से भी ज्यादा वर्षो से अल्बर्ट हॉल म्यूजियम लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। इस म्यूजियम में राजस्थान की संस्कृति, कला, संगीत और पोशाक ऐसी बहुत सी शैलियों को इस म्यूजियम में रखा हुआ है। राजस्थान के सबसे प्राचीन संग्रहालय में से एक अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को पर्यटक दूर-दूर से देखने आते है।

6) नाहरगढ़ दुर्ग।

यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर का बहुत ही खूबसूरती देख सकते है। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखे।

jaipur femas jagah.

दोस्तों, आज हम आपको जयपुर फेमस जगह(jaipur femas jagah) के बारे में बताएंगे। यदि आप जयपुर फेमस जगह( jaipur femas jagah) के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप आसानी से जान सकते हैं। कि जयपुर में वह कौन सी जगह है जो कि बहुत अधिक फेमस हैं तो आइए जानते हैं जयपुर फेमस जगह (jaipur femas jagah) के बारे में।

1) नाहरगढ़ दुर्ग।

यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर का बहुत ही खूबसूरती देख सकते है। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखे।

2) हवा महल।

आज हम आपको जयपुर की हवा महल के बारे में बताएंगे। अगर आप भी कभी अपने शहर जयपुर यानि की राजस्थान की राजधानी घूमने आए तो इस हवामहल को देखना ना भूलें तो चलिए जान देते हैं, इस हवा महल के बारे में इसकी खूबसूरती और इसका निर्माण कब किसने करवाया था इन सभी बातों की जानकारी जान लेते हैं।
जयपुर के इस हवा महल का निर्माण महाराजा सवाई सिंह जी ने करवाया था। इस महल में 953 खिड़किया और झरोखे है। जिसकी वजह से यहां के आस-पास का माहौल आसानी से देख सकते हैं। यह महल राजपूतों की शाही विरासत का गवाह हैं, राजपूत राजा महाराजाओं का ठाठ बाट कितना शानदार होता था। यहां के झरोखों में खुली हवा आप के मन को बहुत ही सुकून दिलाएगा।

3) सिटी पैलेस।

यह इमारत जयपुर की बहुत ही ऐतिहासिक इमारत है। यह स्थान जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक आता है। इसकी वास्तुकला बहुत सुन्दर है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। अगर आप जयपुर घूम रहे है, तो इस ऐतिहासिक स्थल को देखना न भूलें।

4) बिरला मंदिर।

ये मंदिर जयपुर के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। ये मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है, यह मंदिर बहुत आकर्षक है। यह मंदिर भगवान् लक्ष्मी नारायण जी का मंदिर है। ये जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में आता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। इस मंदिर में दर्शन करने जरूर जाना चाहिए।

5) जंतर मंतर

जंतर मंतर जयपुर में सिटी पैलेस के पास में ही स्थित है। इसका निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह जी ने 18 वी शताब्दी में करवाया था। इस स्थान को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। जो दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी वेधशाला है। इसके निर्माण में सबसे अच्छा संगमरमर को युज किया गया है।

jaipur mein kya kya hai.

क्या आप जानते हैं? जयपुर में क्या-क्या हैं, (jaipur mein kya kya hai) यदि नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताएंगे। कि जयपुर में क्या-क्या हैं? जो कि देखने में अत्यंत सुंदर व आकर्षक हैं। यदि आप भी इसके बारे में जानना चाहते हैं ।तो इस लेख के माध्यम से जान सकते हैं, कि जयपुर में क्या-क्या हैं। तो चलिए जान लेते हैं जयपुर में क्या-क्या है? के बारे में संपूर्ण जानकारी।

जयपुर गुलाबी शहर का नाम सन् 1876 में इंग्लैंड के राजकुमार( Prince of well Albert )और रानी( विक्टोरिया Elizabeth )का भारत में आगमन हुआ था। इस खुशी के मौके पर जयपुर के महाराजा ने पूरे जयपुर शहर को गुलाबी रंग से रंगवा दिया था। तब से जयपुर शहर को गुलाबी शहर (Pink City Jaipur) के नाम से जाना जाता है। यह भी कहा जाता है, कि जयपुर के ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण में गुलाबी पत्थरों का उपयोग किया जाता था इसलिए भी जयपुर को गुलाबी नगरी कहा जाता है।

1)जंतर मंतर।

2) सिटी पैलेस ।

3) हवा महल (Hawa Mahal) महाराजा सवाई सिंह द्वारा बनवाया गया ।

4) जयगढ़ किला।

5)बिरला मंदिर।

6) नाहरगढ़ किला।

7) पिंक सिटी बाजा़र।

8)अक्षरधाम मंदिर।

9) जल महल ।

10)सिसौदिया रानी गार्डन।

11) गल्ताजी।

12) अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम ।

13) सेंट्रल पार्क।

14) स्टेच्यू सर्किल ।

15) बापू बाज़ार।

जयपुर में घूमने की जगह कौन-कौन सी हैं।

दोस्तों ‘आज हम जयपुर में घूमने की जगह कौन -कौन सी हैं। इसके बारे में बात करते हैं, ताकि आप जब भी जयपुर आए तो इन सब बातों को पढ़कर आप घूमने की जगह कौन-कौन सी है। उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, और आप आसानी से इन जगहों पर जाकर घूम सकते हैं । तो आइए जान देते हैं, इस पोस्ट के माध्यम से।

राजस्थान की राजधानी जयपुर, यह एक ऐसा खूबसूरत शहर है । जिसमे एक तरफ आपको पुराना शहर दिखाई देता है,

और इस में आधुनिकता की रंगीन रोशनी जगमगाती रहती है। इसमें एक खूबसूरत और व्यस्थित शहर जिसमे बड़ी-बड़ी इमारतें है, शॉपिंग मॉल, मेट्रो और भी बहुत कुछ है। जिसको देखकर यह लगता है, जयपुर में आने वाले हर व्यक्ति को यहाँ पर ग्रामीण और शहरी दोनों का आनंद प्राप्त होता है। ये राजस्थान की राजधानी और इस राज्य का सबसे बड़ा शहर होने के कारण पुराने शहर में काफी भीड़-भाड़ रहती है। इस राज्य का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र होने की वजह से रात के समय रेस्टोरेंट और क्लब खुले रहते है। लेकिन इनमें जाने वाले विदेशी पर्यटक इन जगहों पर जाना ज्यादा पसंद करते है।  तो चलिए जान लेते हैं, जयपुर में घूमने की जगह कौन-कौन सी हैं।

1)गल्ताजी ।

ये बहुत ही सुन्दर मंदिर है,यहाँ भगवान हनुमान, राम, कृष्ण, सूर्य व विष्णु जी की मूर्तियां मौजूद है।
यहाँ का प्राकृतिक वातावरण व सात कुंड है, जो लोगो को आकर्षित करता है। वे ये अरावली के पहाड़ों में स्थित है। यह तीरथ स्थल आपको शांति और आध्यात्मिकता प्रदान करता है।

2) जंतर मंतर।

ये महल महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया । यहाँ प्राचीन उपकरणों से समय, दिशा, ग्रहण, आदि का पता लगाया जाता है।इन्हें बड़ी कुशलता से पत्थरों का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इस स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में स्थान दिया गया है। ज्योतिषीय व खगोलीय घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए इसे बनाया गया है।

3) सिसौदिया रानी गार्डन ।

यह गार्डन जयपुर से 6 किमी की दूरी पर यह गार्डन स्थित है। इसका निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1728 में करवाया था। इस में
हरा-भरा वातावरण, उनके बीच चलते पानी के फव्वारे मन मोहने वाला नजारा होता हैं। इन वास्तुकला ने पर्यटकों को अपनी और बहुत अधिक आकर्षित किया है। ये जयपुर की सौंदर्य की मंजिल है। घूमने के लिए ये बेस्ट गार्डन है।जो हर किसी को अपनी और आकर्षित करता है।

4) बापू बाज़ार 

बापू बाजार जयपुर का सबसे मशहूर बाज़ार है।
जयपुर के बीच यह बाज़ार संगनेर गेट से न्यू गेट के बीच बसा हुआ है, यहाँ पर राजस्थानी जूतियाँ, रंगीन दुपट्टे, साड़ियाँ, आदि आपको बेहद आकर्षित करते है। राजस्थान की पारंपरिक वस्तुओं को खरीदने के लिए लोगो की भीड़ जमा रहती है , और यहाँ हर चीज उचित रूपये में उपलब्ध होती है। यहाँ राजस्थानी कपडे ,हस्तशिल्प भी बिकते है।

5) जल महल ।

जब भी जयपुर घूमने की बात आती है, तो सब से पहले दिमाग में जल महल की बात आती है। तो चलिए जानते है ,जल महल के बारे में। महाराजा जय सिंह द्वितीय ने मुख्य तौर पर शिकार के अड्डे के रूप में बनवाया था। मनसागर झील के ठीक बीचों-बीच स्थित है। यहाँ पर प्रवासी पक्षियों की झलक आप को देखने को मिल जायेगी। आप यहाँ बहुत से खूबसूरत पक्षियों को देखकर अपनी यात्रा अच्छी हो जायेगी।

jaipur ke aas paas ghumne ki jagah.

jaipur ke aas pass ghumne ki jagah : दोस्तों ,अगर आप जयपुर के आसपास घूमने की जगह (jaipur ke aas paas ghumne ki jagah) के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। तो आज हम आपके लिए जयपुर के आसपास घूमने की जगह( jaipur ke aas paas ghumne ki jagah)के बारे में संपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं । जिसके माध्यम से आप जयपुर के आसपास घूमने की जगह (jaipur ke aas paas ghumne ki jagah) के बारे में जान सकते हैं। तो चलिए जान लेते हैं, इसके बारे में जानकारी।

1) आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

2) नाहरगढ़ दुर्ग।

यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर का बहुत ही खूबसूरती देख सकते है। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखे।

3) जल महल ।

जब भी जयपुर घूमने की बात आती है, तो सब से पहले दिमाग में जल महल की बात आती है। तो चलिए जानते है ,जल महल के बारे में। महाराजा जय सिंह द्वितीय ने मुख्य तौर पर शिकार के अड्डे के रूप में बनवाया था। मनसागर झील के ठीक बीचों-बीच स्थित है। यहाँ पर प्रवासी पक्षियों की झलक आप को देखने को मिल जायेगी। आप यहाँ बहुत से खूबसूरत पक्षियों को देखकर अपनी यात्रा अच्छी हो जायेगी।

4) जयगढ़ किला।

जयपुर में जयगढ़ का किला भी बहुत अच्छा और देखने योग्य है। 18वी सदी में इस किले का निर्माण हुआ था। जयपुर का जयगढ़ किला जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह ने करवाया था। इस किले का निर्माण आमेर की सुरक्षा के लिए करवाया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा तोप इसी जयगढ़ किले में रखा हुआ है, 50 टन का यह तोप पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसन्द आता है। यह किला जयपुर शहर से 15 km की दूरी पर स्थित है। इस किले को विजय किले के नाम से भी जानते है। जयगढ़ किले में एक खूबसूरत पार्क भी है। अगर आप भी जयपुर घूमने आए ह तो आप भी ये सुन्दर आकर्षित चीज जरूर देखें।

jaipur ke paryatan sthal.

दोस्तों, यदि आप यह जाना चाहते हैं की जयपुर के प्रार्थना स्थल कौन-कौन से हैं। तो आज हम आपको जयपुर के प्रार्थना स्थल के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।

1) अक्षरधाम मंदिर ।

अक्षरधाम मंदिर जयपुर में पर्यटकों के बीच काफी फेमस हैं।

अक्षरधाम मंदिर स्वामी नारायण को समर्पित विशाल और भव्य मंदिर हैं। दर्शनार्थी  इसकी नक्काशी देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

मंदिर के अंदर बहुत ही खूबसूरत पार्क की डिजाइन की गयी हैं। जो पर्यटकों को घूमने का शानदार अनुभव देता हैं। अक्षरधाम मंदिर की खूबसूरती दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। अक्षरधाम मंदिर को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं ।

यदि आप जयपुर घूमना चाहते है तो एक बार जयपुर में प्रसिद्द इस मंदिर को घूमने जरूर जाये।

2) बिरला मंदिर ।

बिरला मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर को बिरला परिवार द्वारा बनबाया गया था इसे घूमने का सबसे अच्छा समय श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन माना  जाता है ।

और यह आधुनिक युग में बनवाया  गया जयपुर शहर का सबसे ज्यादा खूबसूरत मंदिर माना जाता है। मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है, यह मंदिर बहुत आकर्षक है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह मंदिर बहुत ही पवित्र माना जाता हैं।

3)मोतीडूंगरी मंदिर।

जयपुर का प्राचीन मंदिर मोतीडुंगरी भगवान् गणेश को समर्पित इस मंदिर में गणेश जी उनकी दोनों पत्निया रिद्धि और सिद्धि के साथ विराजमान है

1761 में जिस समय मावली से गणेश जी की प्रतिमा लायी गयी उस वक़्त यह प्रतिमा 500 बर्ष पुरानी थी भक्तो की आस्था पर इस मंदिर की नींव की डिजाइन साधारण शैली पर रखी गयी जिसमे तीन दरवाजो और सीढ़ियों का निर्माण किया गया ।

ऐसी मान्यता है, की अगर गाड़ी को सबसे पहले गणेश मन्दिर में ले जाकर पूजा करते है। तो कुछ अशुभ नहीं होता। और शादी का पहला कार्ड भी भगवान गणेश जी को चढ़ाया जाता है, क्योंकी वो यहाँ के सब से चमत्कारी है। इस लिए कोई भी शुभ कार्य करते है तो सब से पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर जाते है।

भगवान् गणेश का यह प्राचीन मंदिर जिसमे भक्तो का अटूट विश्वास हैं। ये गणेश जी का वो धाम है जहां जयपुर से लेकर भारत के कोने कोने से

श्रद्धालुओं की भीड़ हमेशा लगी रहती हैं। इस मंदिर में गणेश चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं की लबालब भीड़ उमड़ पड़ती है ।

4) स्वामी नारायण मंदिर।

स्वामी नारायण मंदिर अपनी अदभुत वास्तुकला,खुबसूरत मूर्तियाँ और नक्काशी का खजाना है | हरे भरे वातावरण में इसकी सुन्दरता और अधिक चार चाँद लगती है | जयपुर के धार्मिक यात्रा करने वाले लोगो को इस मंदिर के दर्शन करने ज़रूर जाना चाहिए |

जयपुर के दर्शनीय स्थल। jaipur ke darshniya sthal.

जयपुर दर्शनीय स्थल : दोस्तों, यदि आप जयपुर के दर्शनीय स्थल ( jaipur ke darshniya sthal)
के बारे में जानना चाहते हैं। तो आज हम आपको जयपुर के दर्शनीय स्थल(jaipur ke darshniya sthal) के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। तो आइए जान लेते हैं, जयपुर के दर्शनीय स्थलों के बारे में।

  • पिंक पर्ल रिसोर्ट वाटरपार्क ।

जो वाटरपार्क आप लोग फिल्मो में देखते हो उसी प्रकार का आप जयपुर शहर के अंदर वाटर पार्क देख सकते हैं। देखने के साथ साथ मौज – मस्ती भी कर सकते हैं। जयपुर में कई वाटरपार्क हैं। लेकिन इस वाटरपार्क की खासियत हैं की यह जयपुर शहर का सबसे खूबसूरत वाटरपार्क हैं। इस पार्क के अंदर सभी तरह की  स्विमिंग एक्टिविटी उपलब्ध है।

जहां आप दोस्तों, के साथ  फुल enjoyment कर सकते है । साथ में वाटर राइडिंग और वाटर स्वीमिंग का मजा भी ले सकते हैं। इस वाटर स्विमिंग का मजा लेने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं ,और इसका आनंद लेते हैं।

  •  कनक घाटी

जयपुर शहर के बीचो – बीच बसा कनक घाटी स्थान जलमहल से 1 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता हैं। यहाँ खुले आसमान के नीचे प्रकति के बीच पर्यटकों को कुछ समय बिताने का एक शानदार स्थान हैं।

वैसे तो यह घाटी पर बना एक पार्क हैं। लेकिन इस स्थान पर हिंदी फिल्मो की कई शूटिंग हो चुकी हैं। इसी बजह से ये जगह काफी पॉपुलर मानी जाती है।

  • वर्ल्ड  ट्रेड पार्क ।

वर्ल्ड ट्रेड पार्क से वस्तुओं को खरीद कर शॉपिंग का मजा ले सकते हैं। पिंक सिटी का सबसे बड़ा और भारत का पांचवा सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल वर्ल्ड ट्रेड पार्क हैं। जहां पर आप अपने मनपसंद उपयोगी वस्तुओं को खरीद सकते हैं।

  • राज मंदिर सिनेमा हॉल।

यह थियेटर 1976 में खोला गया था ।यह थियेटर अब भी फिल्मो को दर्शकों के सामने प्रसारित करता है | पिंक सिटी जयपुर का सिनेमा घर राज मंदिर पूरे भारत में मशहूर है | अगर आप जयपुर जा रहे है तो एक बार राज मंदिर में मूवी देखने ज़रूर जाये |इसमें मूवी देखने पर आपको कुछ अलग ही अनुभव होगा | लोग दूर – दूर से यहाँ इसे देखने आते है ।

जयपुर के पर्यटन स्थल। jaipur tourist places in hindi.

जयपुर के पर्यटन स्थल संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध हैं।
यदि आपको घूमने का शौक रखते हैं। तो आप एक बार जयपुर शहर को अवश्य देखें। जयपुर की ज्यादातर ऐतिहासिक इमारते आपको गुलाबी रंग की देखने को मिलेंगी। इसलिए इस शहर को “गुलाबी शहर” भी कहा जाता हैं।

राजस्थान की राजधानी जयपुर संस्कृति, विरासत, तथा मोह लेने वाली इमारतों की भूमि हैं। यहाँ के महलों की सुन्दरता व वास्तुकला देख आप जीवन में कभी इस शहर को नहीं भूल पाएंगे। तो आइये जानते हैं जयपुर के कुछ बेहतरीन पर्यटन स्थलों (Jaipur Tourist places in Hindi) के बारे में।

1) जल महल ।

जल महल को देखने खूब सारे पर्यटन आते हैं। यह बहुत ही अच्छा और शांत वातावरण में भीड़-भाड़ से दूर स्थित है । जयपुर की प्रसिद्ध मानसागर झील में पानी के बीच में स्थित होने की वजह से इसको जल महल कहा जाता है। यह स्थान जयपुर शहर के भीड़-भाड़ भरे वातावरण से कुछ दूर शान्त वातावरण में स्थित है। पक्षीओं की चहचहाट के बीच शान्त वातावरण में सुकून का समय बिताने के लिए यह स्थान जयपुर में सब से अच्छी जगह में से एक है। आप यहां से आसपास के पहाड़ों की खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य देख सकते हैं।इस महल की खूबसूरती को देखने के लिए हर साल दुनिया भर के पर्यटक देखने को आते हैं।

2) आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

3) अल्बर्ट हॉल म्यूजियम।

यदि आप जयपुर की धूमने आये है, तो अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को देखने जरूर जाए। हर साल हजारों पर्यटक यहां पर आते हैं। वेल्स के राजकुमार और अल्बर्ट एडवर्ड के नाम पर बना यह म्यूजियम जयपुर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में आता है।जयपुर के राम निवास उद्यान में स्थित अल्बर्ट हॉल संग्रहालय राजस्थान का सबसे पुराना संग्रहालय है। 1876 ​​​​में निर्मित, इसे शुरू में एक कॉन्सर्ट हॉल के रूप में देखा गया था और लंदन में विक्टोरिया और अल्बर्ट हॉल संग्रहालय की वास्तुकला जैसा दिखता है, इसलिए, इसे सरकारी केंद्रीय संग्रहालय के रूप में भी जाना जाता है। 

अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से लाई गई कलाकृतियों का एक व्यापक संग्रह हैं। जो 16 कलाओं में विभाजित हैं। रात होते ही यह संग्रहालय एक नया रूप धारण कर लेता है और पूरी इमारत पीली रोशनी से जगमगा उठती है, जो बेहद खूबसूरत दिखती है।  भारत के इतिहास और प्राचीन संस्कृति की एक झलक देखने के लिए एक शानदार जगह है।

 प्राचीन सिक्के, संगमरमर की कला, मिट्टी के बर्तन, कालीन और विशेष रूप से मिस्र की ममी इतिहास के शौकीनों की आंखों के लिए एक इलाज हैं। बाहर से ही इमारत में एक आकर्षक वास्तुकला दिखाई पड़ती हैं।

4) नाहरगढ़ दुर्ग।

1734 में जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा निर्मित, किले को शुरू में सुदर्शनगढ़ का नाम दिया गया था, और बाद में इसका नाम बदलकर नाहरगढ़ कर दिया गया। हालांकि किला मुख्य रूप से रक्षा उद्देश्यों के लिए बनाया गया था, लेकिन इसके पूरे इतिहास में कभी भी दुश्मनों द्वारा हमला नहीं किया गया था। 
यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर की खूबसूरती देख सकते है। यह इतिहास प्रेमियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखें।

5) हवा महल।

आज हम आपको जयपुर की हवा महल के बारे में बताएंगे। अगर आप भी कभी अपने शहर जयपुर यानि की राजस्थान की राजधानी घूमने आए तो इस हवामहल को देखना ना भूलें तो चलिए जान देते हैं, इस हवा महल के बारे में इसकी खूबसूरती और इसका निर्माण कब किसने करवाया था इन सभी बातों की जानकारी जान लेते हैं।

जयपुर के इस हवा महल का निर्माण (पांच मंजिला महल )1799 में महाराजा सवाई सिंह जी ने करवाया था। इस महल में 953 खिड़किया और झरोखे है। यह वास्तुकला का एक शानदार उत्कृष्ट उदाहरण है। जिसकी वजह से यहां के आस-पास का माहौल आसानी से देख सकते हैं। यह महल राजपूतों की शाही विरासत का गवाह हैं, राजपूत राजा महाराजाओं का ठाठ बाट कितना शानदार होता था। महल की पूरी संरचना को एक अनोखे तरीके से डिजाइन किया गया था कि यह भगवान कृष्ण का मुकुट बनाता है। यहां के झरोखों में खुली हवा आप के मन को बहुत ही सुकून दिलाएगी।

6) सिटी पैलेस।

यह इमारत जयपुर की बहुत ही ऐतिहासिक इमारत है। यह स्थान जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक आता है। इसकी वास्तुकला बहुत सुन्दर है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। अगर आप जयपुर घूम रहे है, तो इस ऐतिहासिक स्थल को देखना न भूलें।

7) बिरला मंदिर।

ये मंदिर जयपुर के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। ये मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है, यह मंदिर बहुत आकर्षक है। यह मंदिर भगवान् लक्ष्मी नारायण जी का मंदिर है। ये जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में आता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। इस मंदिर में दर्शन करने जरूर जाना चाहिए।

8) जंतर मंतर

जंतर मंतर जयपुर में सिटी पैलेस के पास में ही स्थित है। इसका निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह जी ने 18 वी शताब्दी में करवाया था। इस स्थान को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। जो दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी वेधशाला है। इसके निर्माण में सबसे अच्छा संगमरमर को युज किया गया है।

barish me ghumne ki jagah.

दोस्तों ,यदि आप बारिश में घूमने की जगह (barish me ghumne ki jagah) है कि बारे में जानना चाहते हैं। तो आप इस लेख के माध्यम से आसानी से जान सकते हैं। कि बारिश में घूमने की जगह (barish me ghumne ki jagah) कौन-कौन सी हैं, तो आइए जानते हैं बारिश में घूमने की जगह के बारे में।
जयपुर शहर की खूबसूरती विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।
गुलाबी शहर जयपुर वैसे तो हर दिन पर्यटकों से भरा रहता हैं। लेकिन मॉनसून सीजन की बात ही कुछ और है। मॉनसून के दौरान जब बारिश की बूदें गिर रहीं हों तो जयपुर की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। इस दौरान बारिश में खाने और घूमने के साथ ही एक और चीज जो सबसे ज्यादा पसंद की जाती है वह है फोटोग्राफी अर्थात सेल्फी। ऐसे में अगर आप भी बारिश के दौरान कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो जयपुर जाएं, और इन खूबसूरत जगहों की करें सैर करें। जयपुर शहर बारिश के समय में बहुत ही सुंदर दिखाई पड़ता हैं। इसकी खूबसूरती को देखने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं, और यहां की खूबसूरती का आनंद लेते हैं। दरअसल, दोस्तों जिस जगह के बारे में हम बातचीत कर रहे हैं। उस जगह से बारिश के समय में सेल्फी लेने पर बहुत ही सुंदर सेल्फी आती हैं। यदि आप भी बारिश के समय में इस खूबसूरत नजारे का आनंद उठाना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई जगहों की सैर करके आसानी से इनका आनंद उठा सकते हैं।

1) आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

2) नाहरगढ़ दुर्ग।

1734 में जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा निर्मित, किले को शुरू में सुदर्शनगढ़ का नाम दिया गया था, और बाद में इसका नाम बदलकर नाहरगढ़ कर दिया गया। हालांकि किला मुख्य रूप से रक्षा उद्देश्यों के लिए बनाया गया था, लेकिन इसके पूरे इतिहास में कभी भी दुश्मनों द्वारा हमला नहीं किया गया था। 
यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर की खूबसूरती देख सकते है। यह इतिहास प्रेमियों के लिए काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखें।

3) जल महल ।

जल महल को देखने खूब सारे पर्यटन आते हैं। यह बहुत ही अच्छा और शांत वातावरण में भीड़-भाड़ से दूर स्थित है । जयपुर की प्रसिद्ध मानसागर झील में पानी के बीच में स्थित होने की वजह से इसको जल महल कहा जाता है। यह स्थान जयपुर शहर के भीड़-भाड़ भरे वातावरण से कुछ दूर शान्त वातावरण में स्थित है। पक्षीओं की चहचहाट के बीच शान्त वातावरण में सुकून का समय बिताने के लिए यह स्थान जयपुर में सब से अच्छी जगह में से एक है। आप यहां से आसपास के पहाड़ों की खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य देख सकते हैं।इस महल की खूबसूरती को देखने के लिए हर साल दुनिया भर के पर्यटक देखने को आते हैं।

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