जयपुर में घूमने की जगह। जयपुर में घूमने की जगह कौन कौन सी है। jaipur me ghumne ki jagah.

जयपुर में घूमने की जगह।

हेलो, दोस्तों अगर आप जयपुर में घूमने की जगह के बारे में सोच रहे हैं। तो आप सही सोच रहे हैं, यह बहुत ही खूबसूरत शहर है। यह विश्व प्रसिद्ध शहर खूबसूरती से भरा हुआ है,ये खूबसूरती के साथ-साथ यह राजस्थान की राजधानी भी है। यह शहर भारत के सबसे बड़े और प्रमुख शहरों में इनका नाम आता है। इस शहर में बड़े-बड़े किले वे प्राचीन इमारत महल यह सब देखने को खूब मिलते हैं, यह शहर पर्यटकों को पसंद आता है। इन सब के साथ साथ यहां पर खूब मंदिर भी देखने को मिलते हैं, साथ में बहुत सारे पार्क भी देखने को मिलते हैं। जितना खूबसूरत यह शहर है, उतना ही शानदार यहां का खान-पान भी होता है, दाल बाटी चूरमा और घेवर एक बार खा लिया तो उसका बार बार इसे खाने का मन होगा। पिंक सिटी के नाम से मशहूर यह शहर अपनी खूबसूरती की वजह से प्रसीद है यहाँ हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक आते रहते है। यहां का वातावरण शान्त और साफ सुथरा है। जयपुर में आप को एक तरफ ग्रामीण संस्कृति देखने को मिल जाएगी। दूसरी और रंगीन रोशनी में जगमगाते इस शहर की आधुनिकता देखने को मिल जाएगी।

माना जाता है ,कि 1856 में जब वेल्स के राजकुमार क्राउन प्रिंस अल्बर्ट जयपुर आने वाले थे। तो उस समय पूरे शहर को गुलाबी रंग से दुल्हन की तरह सजाया गया था। तभी से इस शहर का नाम गुलाबी शहर पड़ा । (jaipur) के प्रसिद्धि पर्यटक स्थल हवा महल, जल महल, जंतर मंत, आमेर का किला और सेंट्रल पार्क जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है।

जयपुर शहर पर्यटन के लिए भारत के सबसे प्रसिद्ध शहरों में से एक है।अगर आप राजस्थान की संस्कृति की झलक देखना चाहते है, तो आप को जयपुर शहर में देखने को मिल जाएगी। आप जयपुर धूमन चाहते है।और जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के बारे में जानना चाहते हैं, तो इस (post) को जरूर पढ़े। ताकि आप को पता चल सके की कौन कौन से जगह घूमने की है।

जयपुर में घूमने की जगह। jaipur me ghumne ki jagah.

jaipur ghumne ki jagah : दोस्तों, आज हम आपको जयपुर में घूमने की जगह हैं कौन-कौन सी हैं। इनके बारे में बताएंगे यदि आप भी इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो आप इस लेख के माध्यम से जान सकते हैं कि jaipur m ghumne ki jagah कौन सी है तो आइए जानते हैं हम जगहों के बारे में जो कि देखने में अत्यंत सुंदर लगती हैं।

1) जल महल ।

इस को देखने खूब सारे पर्यटन आते हैं। यह बहुत ही अच्छा और शांत वातावरण में भीड़-भाड़ से दूर स्थित है । जयपुर की प्रसिद्ध मानसागर झील में पानी के बीच में स्थित होने की वजह से इसको जल महल कहा जाता है। यह स्थान जयपुर शहर के भीड़-भाड़ भरे वातावरण से कुछ दूर शान्त वातावरण में स्थित है। पक्षीओ की चहचहाट के बीच शान्त वातावरण में सुकून का समय बिताने के लिए यह स्थान जयपुर में सब से अच्छी जगह में से एक है। इस मेल की इस महल की खूबसूरती को देखने के लिए हर साल दुनिया भर के पर्यटक देखने को आते हैं, और आप यहां से आसपास के पहाड़ों की खूबसूरती और प्राकृतिक सौंदर्य देख सकते हैं।

2) अल्बर्ट हॉल म्यूजियम।

इस म्यूजियम में आप को मिस्र की मम्मी भी आप को यहां पर देखने को मिल जाएगी। आप जयपुर की धूमने आये है, तो इस म्यूजियम को देखने जरूर जाए। हर साल हजारों पर्यटक यहां पर आते हैं। वेल्स के राजकुमार और अल्बर्ट एडवर्ड के नाम पर बना यह म्यूजियम जयपुर के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में आता है।

3) नाहरगढ़ दुर्ग।

यह दुर्ग जयपुर के आमेर दुर्ग और जयगढ़ दुर्ग के साथ मिल कर बना है। यहां से आप शहर का बहुत ही खूबसूरती देख सकते है। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। नाहरगढ़ दुर्ग जयपुर का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल में से एक है।
इस लिए आप जब भी जयपुर घूमने आए तो इस दुर्ग को जरूर देखे।

4) हवा महल।

आज हम आपको जयपुर की हवा महल के बारे में बताएंगे। अगर आप भी कभी अपने शहर जयपुर यानि की राजस्थान की राजधानी घूमने आए तो इस हवामहल को देखना ना भूलें तो चलिए जान देते हैं, इस हवा महल के बारे में इसकी खूबसूरती और इसका निर्माण कब किसने करवाया था इन सभी बातों की जानकारी जान लेते हैं।
जयपुर के इस हवा महल का निर्माण महाराजा सवाई सिंह जी ने करवाया था। इस महल में 953 खिड़किया और झरोखे है। जिसकी वजह से यहां के आस-पास का माहौल आसानी से देख सकते हैं। यह महल राजपूतों की शाही विरासत का गवाह हैं, राजपूत राजा महाराजाओं का ठाठ बाट कितना शानदार होता था। यहां के झरोखों में खुली हवा आप के मन को बहुत ही सुकून दिलाएगा।

5) सिटी पैलेस।

यह इमारत जयपुर की बहुत ही ऐतिहासिक इमारत है। यह स्थान जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक आता है। इसकी वास्तुकला बहुत सुन्दर है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थान काफी प्रसिद्ध है। अगर आप जयपुर घूम रहे है, तो इस ऐतिहासिक स्थल को देखना न भूलें।

6) बिरला मंदिर।

ये मंदिर जयपुर के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। ये मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है, यह मंदिर बहुत आकर्षक है। यह मंदिर भगवान् लक्ष्मी नारायण जी का मंदिर है। ये जयपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में आता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान बहुत पवित्र माना जाता है। इस मंदिर में दर्शन करने जरूर जाना चाहिए।

7) जंतर मंतर

जंतर मंतर जयपुर में सिटी पैलेस के पास में ही स्थित है। इसका निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई जय सिंह जी ने 18 वी शताब्दी में करवाया था। इस स्थान को युनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है। हर साल हजारों पर्यटक यहां घूमने आते हैं। जो दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी वेधशाला है। इसके निर्माण में सबसे अच्छा संगमरमर को युज किया गया है।

जयपुर में घूमने की जगह कौन कौन सी है।

आज हम आप को इस (post) के माध्यम से भारत के अंदर सबसे सुंदर जगहों के बारे में बतायेगे । जिसकी खूबसूरती विश्व भर में प्रसिद्ध है। जो भारतीय पर्यटकों के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों के मन को बहुत लुभाता है। तो चलिए जान लेते है, जयपुर, में घूमने की जगहों के बारे में विस्तार से।

जयपुर अपनी कला, संस्कृति, वास्तुकला और ऐतिहासिक किलों एवम् इमारतों के लिए विशेष पहचान बनाये रखता है। (jaipur) को विश्व भर में गुलाबी शहर के नाम से जाना जाता है। जयपुर शहर का नाम गुलाबी शहर क्यों पड़ा आइये जानते है,

जयपुर गुलाबी शहर का नाम सन् 1876 में इंग्लैंड के राजकुमार( Prince of well Albert )और रानी( विक्टोरिया Elizabeth )का भारत में आगमन हुआ था। इस खुशी के मौके पर जयपुर के महाराजा ने पूरे जयपुर शहर को गुलाबी रंग से रंगवा दिया था। तब से जयपुर शहर को गुलाबी शहर (Pink City Jaipur) के नाम से जाना जाता है। यह भी कहा जाता है, कि जयपुर के ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण में गुलाबी पत्थरों का उपयोग किया जाता था इसलिए भी जयपुर को गुलाबी नगरी कहा जाता है। जयपुर की मशहूर जगहें कौन कौन सी है, चलिये जान लेते है।

1) सेंट्रल पार्क ।

इस पार्क को जयपुर का हृदय कहा जाता है। यहां आपको शांति महसूस होगी। जयपुर का सबसे बड़ा हरा भरा यह पार्क बहुत ही सुंदर और आकर्षक है। यहां आपको पत्थरों के स्टैचू देखने को मिलेंगे। इस पार्क में भारत का ऊंचा तिरंगा विद्यमान है। जिसकी ऊंचाई 206 फिट है।

2) हवा महल।

जयपुर का हवा महल एक ऐसी इमारत है, जो बहुत ही अद्भुत है। इस महल में 953 खिड़कियों से बना यह महल लोगों को बहुत ही आकर्षित करता है। ये 5 मंजिला इमारत बिना किसी नींव के खड़ा है, जो कि अपने आप में अजूबा है। और यह बीना नींव की बनी सबसे बड़ी दुनिया की इमारत भी है। हवा महल अपनी संस्कृति और बनावट के वजह से बहुत ही लोकप्रिय है। जिसके कारण इसे विश्व भर से लोग देखने आते है। जयपुर का हवा महल पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र है। आप भी इस महल का आनंद ले सकते है।

3) अल्बर्ट हॉल म्यूजियम।

 आज हम आप को अल्बर्ट हॉल म्यूजियम के बारे में बतायेगे । यह म्यूजियम जयपुर जंक्शन से लगभग 5.8 km की दूरी पर स्थित है। इस म्यूज़ियम में आपको कई साल पुरानी कलाकृति और प्राचीन अस्त्र-शस्त्र देखने को मिलेंगे। यहां मिस्र की मम्मी रखी हुई है। वर्तमान में आधुनिकता के चलते 133 सालों से भी ज्यादा वर्षो से अल्बर्ट हॉल म्यूजियम लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। इस म्यूजियम में राजस्थान की संस्कृति, कला, संगीत और पोशाक ऐसी बहुत सी शैलियों को इस म्यूजियम में रखा हुआ है। राजस्थान के सबसे प्राचीन संग्रहालय में से एक अल्बर्ट हॉल म्यूजियम को पर्यटक दूर-दूर से देखने आते है।

4) आमेर का किला ।

ये किला जयपुर शहर सेे 11 km की दूरी पर स्थित है। यह किला यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट की सूची में शामिल है। राजस्थान के सबसे बड़े किलों में से एक आमेर का किला है, आमेर का किला बहुत ही सुंदर और मन को आकर्षित करने वाला है। जिसे देख कर अत्यंत आनंद की महसूस होता है,इस किले का निर्माण महाराजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। आमेर किला चार मंजिला है, और यह किला लाल संगमरमर और बलुआ पत्थर से बना हुआ है। इसके अंदर की डिजाइन बहुत ही शाही ढंग से की गई है। बाहर से देखने पर चट्टानी किला लगता है। इस के अंदर शीश महल भी बना हुआ है,
शीश महल का निर्माण इस तरह से हुआ है। कि जब भी प्रकाश किरण इस दर्पण पर पड़ती है, तो हॉल में एक प्राकृतिक प्रकाश छा जाता है। कहा जाता है, कि इस किले में एक गुप्त मार्ग है। जो जयगढ़ किले तक पहुंचाता है। पर्यटक इस रास्ते से एक किले से दूसरे किले जा सकते है।

5) जयगढ़ किला।

जयपुर में जयगढ़ का किला भी बहुत अच्छा और देखने योग्य है। 18वी सदी में इस किले का निर्माण हुआ था। जयपुर का जयगढ़ किला जिसका निर्माण महाराजा जयसिंह ने करवाया था। इस किले का निर्माण आमेर की सुरक्षा के लिए करवाया गया था। दुनिया का सबसे बड़ा तोप इसी जयगढ़ किले में रखा हुआ है, 50 टन का यह तोप पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसन्द आता है। यह किला जयपुर शहर से 15 km की दूरी पर स्थित है। इस किले को विजय किले के नाम से भी जानते है। जयगढ़ किले में एक खूबसूरत पार्क भी है। अगर आप भी जयपुर घूमने आए ह तो आप भी ये सुन्दर आकर्षित चीज जरूर देखें।

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जयपुर पर्यटन स्थल।

आज हम आपको जयपुर के पर्यटन स्थल के बारे में बताएंगे, की कौन-कौन सी ऐसी जगह है। जहां पर आप घूम सकते हैं, आनंद उठा सकते हैं, तो आइए चलिए जान लेते हैं। जयपुर के पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार पूर्वक है।

जयपुर राजस्थान राज्य की राजधानी है। और यह भारत का 10 वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। यह भारत में घूमने के लिए लोकप्रिय स्थानों में से एक है। और राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। जयपुर में प्रसिद् पर्यटक स्थल जैसे की आमेर का किला, हवा महल और सिटी पैलेस जयपुर , नाहरगढ़ का किला खोले के हनुमान जी ये सभी जगह घूमने लायक है।

जयपुर शहर की स्थापना 18 नवंबर 1727 को आमेर के शासक महाराजा जय सिंह द्वितीय ने की थी, जब उन्होंने अपनी राजधानी को आमेर से स्थानांतरित करने की योजना बनाई थी। जयपुर के वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य थे, जो बंगाल के एक प्रसिद्ध वास्तुकार थे। शहर का निर्माण 1727 में शुरू हुआ था । और प्रमुख सड़कों, कार्यालयों और महलों को बनवाने में चार साल लगे थे। जयपुर शहर को नौ ब्लॉक में बांटा गया था, जिनमें से दो राज्य भवनों और महलों के लिए आवंटित थे, शेष सात शहर के निवासियों को आवंटित किया गया था। शहर के चारों ओर विशाल दीवार बनाई गई थी, जिसमे सात प्रवेशद्वार है। चलिये जान लेते है, अब जयपुर पर्यटक स्थल के बारे में।

1) नाहरगढ़ किला।

 नाहरगढ़ का किला 1734 में सवाई जय सिंह द्वितीय बनाया गया था। इस किले का विकास राठौर शासक, नाहर सिंह भोमिया की भावना से प्रेरित था। उसे समर्पित एक मंदिर किले के अंदर बनाया गया था। बाद में इसे 1868 में सवाई राम सिंह ने फिर से डिजाइन किया था। और ये किला
जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से 6 किमी की दूरी पर नाहरगढ़ किला अरावली पहाड़ियों के किनारे पर स्थित है, यह राजस्थान के सबसे अच्छे किलों में से एक है। इस किले में बड़ी दीवारें और बुर्ज हैं जिन्हें बाद में 1880 में महाराजा सवाई माधो सिंह ने मूर्तियों और सुंदर डिजाइनों के साथ पुनर्निर्मित किया था।

2) सिटी पैलेस ।

 सिटी पैलेस जयपुर शहर के दिल में स्थित एक खूबसूरत महल है। जो जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से 5.5 किमी की दूरी पर स्थित यह जयपुर के महाराजा, कच्छवा राजपूत वंश के प्रमुख की सीट थी। सिटी पैलेस जयपुर में सबसे प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षणों और एक प्रमुख स्थलचिह्न में से एक है। ये सिटी पैलेस 1729 और 1732 ईस्वी के बीच सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा बनाया गया था। सिटी पैलेस राजपूत, मुगल और यूरोपीय वास्तुशिल्प शैलियों को दर्शाता है। और इसे वास्तुशास्त्र के अनुसार डिजाइन किया गया था। जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध जयपुर पर्यटक स्थानों में से एक है। सभी तरफ बड़ी दीवारों से घिरा हुआ है।इस में कई महल, मंडप, उद्यान और मंदिर भी है । चंद्र महल सिटी पैलेस परिसर में सबसे कमांडिंग इमारत है। यह एक सात मंजिला इमारत है, इसमें कई अनूठी पेंटिंग्स, दीवारों और पुष्प सजावट पर दर्पण का काम शामिल है। इसमें महाराजा का चित्रण और भोजन कक्ष है , जो मुगल लघुचित्र, चांदी और ग्लास डाइनिंग टेबल के साथ पूरी तरह से सजाया गया है।ये सब आप को देखने को मिल जायेंगे। आप जब भी जाये इन सब का आनंद जरुर ले।

3) खोले के हनुमान जी ।

आइये जान लेते है ,खोले के हनुमान जी बारे में। खोले के हनुमान जी का मंदिर जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से 11 किमी की दूरी पर है।500 भक्तों को समायोजित कर सकता है। मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और भक्तों को मंदिर पहुंचने के लिए लगभग 1 किमी चलना है। एक आकर्षक प्रवेश द्वार है। मंदिर अपनी शक्ति के लिए जाना जाता है, और ऐसा माना जाता है ,कि भक्तों की इच्छा हमेशा पूर्ण होती है। इस जगह से सूर्यास्त और सूर्योदय देखने के लिए पर्यटकों की बड़ी संख्या इस जगह पर जाती है। ये भी बहुत ही अच्छा खूबसूरत मंदिर है , जिस को देखने और देसन करने आप भी जरूर जाये।

जयपुर में घूमने वाली जगह।

जयपुर में घूमने लायक जगह : चलिए ‘दोस्तों ‘आज हम आपको जयपुर में घूमने के लायक कौन कौन सी जगह हैं। उनके बारे में बात करते हैं, ताकि आप जब भी जयपुर आए तो इन सब बातों को पढ़कर आप घूमने की जगह कौन-कौन सी है। उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, और आप आसानी से इन जगहों पर जाकर घूम सकते हैं । तो आइए जान देते हैं, इस पोस्ट के माध्यम से। राजस्थान की राजधानी जयपुर, यह एक ऐसा खूबसूरत शहर है । जिसमे एक तरफ आपको पुराना शहर दिखाई देता है,

और इस में आधुनिकता की रंगीन रोशनी जगमगाती रहती है। इस में एक खूबसूरत और व्यस्थित शहर जिसमे बड़ी-बड़ी इमारतें है, शॉपिंग मॉल, मेट्रो और भी बहुत कुछ है। जिसको देखकर यह लगता है, जयपुर में आने वाले हर व्यक्ति को यहाँ पर ग्रामीण और शहरी दोनों का आनंद प्राप्त होता है। ये राजस्थान की राजधानी और इस राज्य का सबसे बड़ा शहर होने के कारण पुराने शहर में काफी भीड़-भाड़ रहती है। इस राज्य का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र होने की वजह से रात के समय रेस्टोरेंट और क्लब खुले रहते है। लेकिन इनमें जाने वाले विदेशी पर्यटक इन जगहों पर जाना ज्यादा पसंद करते है। इस शहर में मध्यम परिवार के लोग रहते है , जो की पूरा दिन काम करने के बाद अपने परिवार के साथ समय बीतना ज्यादा पसंद करते है। स्थानीय निवासी भी अपने शहर की सांस्कृतिक विरासत का पूरा सम्मान करते है।

अब जानते है, घूमने लायक जगहों के बारे में।

1) रामनिवास बाग ।

रामनिवास बाग का निर्माण 1868 में महाराजा सवाई रामसिंह ने करवाया था। उस समय यह उद्यान जयपुर का सबसे बड़ा उद्यान था।अनुमान है, की अकाल राहत कार्य के लिये निर्मित रामनिवास बाग के निर्माण की लागत उस समय लगभग 4 लाख रुपये लगाई गई थी। जयपुर शहर के एकदम बीच में बना हुआ।ये रामनिवास बाग आज भी अपनी निर्माण शैली और खूबसूरती से सबको आकर्षित करता है। रामनिवास बाग में सबसे ज्यादा पर्यटक अल्बर्ट हॉल को देखने आते है। आज भी स्थानीय निवासी इस उद्यान का उपयोग सुबह और शाम के समय टहलने के लिए करते है। रामनिवास बाग में प्रवेश करने के लिए चार दरवाजे बनाये गए है।व्आज इन्हीं दरवाजों से सुबह 5:00  बजे से लेकर रात को 11:00 बजे तक पूरे जयपुर शहर का यातायात और वाहन गुजरते है। रामनिवास बाग में फुटबॉल का मैदान बना हुआ है, फुटबॉल मैदान में सुबह और शाम के समय बच्चे फुटबॉल खेलते है।

2) गणेश मोती डूंगरी मंदिर ।

गणेश की प्रतिमा को उदयपुर के पास स्थित एक छोटे से कस्बे मावली से लाया गया था। मावली जयपुर के महाराजा सवाई माधो सिंह प्रथम की पटरानी का पीहर था। ऐसा माना जाता है की मावली में इस प्रतिमा को जब गुजरात से लाया गया था तो उस समय यह प्रतिमा 500 वर्ष पुरानी थी। जयपुर में स्थित मोती डूंगरी गणेश मन्दिर की स्थापना 1761 में की गयी थी । मंदिर के पास स्थित एक छोटी पहाड़ी है, जिसे मोती डूंगरी कहा जाता है। पहाड़ी की तलहटी में स्थित होने की वजह से इस गणेश मंदिर का नाम मोती डूंगरी गणेश मंदिर रखा गया। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे बनाये गए है, और मंदिर के मध्य भाग में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। है, भगवान गणेश की प्रतिमा सिंदूर के रंग की है। 
हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते रहते है। बुधवार का दिन गणेश जी का दिन है तो इस दिन यहाँ पर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है।
जयपुर के स्थानीय निवासी जब भी कोई नई गाड़ी खरीदते है वो सबसे पहले इसी मंदिर में अपनी गाड़ी की पूजा करवाने के लिए आते है। ऐसी मान्यता है, की अगर गाड़ी को सबसे पहले गणेश मन्दिर में ले जाकर पूजा करते है। तो कुछ अशुभ नहीं होता। और शादी का पहला कार्ड भी भगवन गणेश जी को चढ़ाया जाता है, क्यों की वो यहाँ के सब से चमत्कारी है। इस लिए कोई भी शुभ कार्य करते है तो सब से पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर जाते है।

3) स्टेच्यू सर्किल ।

जयपुर शहर के केंद्र में बना हुआ ,ये स्टेच्यू सर्किल पूरे दिनभर यातायात गुजरते रहते है। लेकिन जैसे-जैसे शाम होने लगती है, तो इस जगह पर स्थानीय निवासी और पर्यटक खाने पीने के लिए और स्मारक में बने हुए उद्यान में घूमने आते है।
वैसे तोस जगह का नाम सवाई जयसिंह स्मारक है। लेकिन महाराजा की विशाल प्रतिमा के कारण इस जगह को स्टेचू सर्किल कहा जाने लगा। शाम को यहाँ रंग-बिरंगी रोशनी से रोशन हो जाता है,
आप स्टेचू सर्किल पर पुरे दिन के समय कभी भी जा सकते है। लेकिन शाम का समय सबसे अच्छा रहेगा। शाम को इस जगह का माहौल एकदम से किसी मेले के जैसा हो जाता है। इस लिए स्टेचू सर्किल से अच्छी जगह नहीं हो सकती है, महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय के सम्मान में इस स्मारक का निर्माण करवाया गया है, इस स्मारक में महाराजा सवाई जयसिंह की एक प्रतिमा भी स्थापित कर रखी है। उनके हाथ में खगोल शास्त्र से जुड़ी हुई एक पुस्तक भी है। यह पुस्तक महाराजा सवाई जयसिंह के खगोल विज्ञान से जुड़े हुए ज्ञान को दर्शाती है। इस लिए आप कभी जयपुर घूमने आए तो इस स्टेच्यू सर्किल पर भी एक बार जरूर घूमे।

4) सेंट्रल पार्क  ।

सेंट्रल पार्क जयपुर का सबसे आधुनिक और सबसे बड़ा हरा-भरा उद्यान है। सेंट्रल पार्क के अधिकांश हिस्से में बड़े छायादार वृक्ष लगाए गए है। इस उद्यान में 5 किलोमीटर लंबा रनिंग और जॉगिंग ट्रेक बनाया हुआ है। ये स्टेचू सर्किल के पास स्थित है, इस सेंट्रल पार्क का निर्माण जयपुर विकास प्राधिकरण ने 2006 में करवाया था।
इस में तिरंगा झंडा भी है, जो ये सब से ऊंचा तिरंगा झंडा है, इस तिरंगे झंडे के पोल की ऊंचाई 206 फीट है, और झंडे की चौड़ाई 28 फ़ीट और लंबाई 72 फ़ीट है। सेंट्रल पार्क में अंतराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते रहते है,
इन कार्यक्रमों में दुनियाभर के मशहूर कलाकार प्रस्तुति देने के लिए आते रहते है। तो दोस्तों हम ने आप को इस सेंट्रल पार्क के बारे में भी बता दिया है ,आप को भी पसन्द आयेग। घूमने आओ तो जाना जरूर।

jaipur m gumne ki jagah.

jaipur mein ghumne ki jagah kaun kaun si hai : वैसे तो जयपुर शहर सब शहरो में से अनोखा है, यहाँ पर पारम्परिक इमारते महल देखने को मिलते है। यहाँ पर आप विभिन प्रकार की सस्कृति देखने को मिल जाती है। ये गुलाबी नगरी के नाम से भी जाना जाता है, तो आइये अब जान लेते है। जयपुर की घूमने की जगह के बारे में स्प्ष्ट रूप से।

jaipur mai ghumne ki jagah

1 सिटी पैलेस ।

2 हवा महल (Hawa Mahal) महाराजा सवाई सिंह द्वारा बनवाया गया ।

3 जयगढ़ किला।

4 नाहरगढ़ किला।

5 पिंक सिटी बाजा़र।

6 जल महल ।

7 गल्ताजी।

8 अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम ।

jaipur ke darshaniya sthal.

जयपुर शहर यानी की गुलाबी शहर के नाम से जाने वाला शहर है । तो आप सभी इस शहर को भली भाँति जानते है। भारत के सबसे बड़े राज्य की राजधानी है, जयपुर जो सुंदरता और आकर्षण से भरपूर है। इन सबके साथ स्वाद में भी सब से आगे है, यहाँ की प्रसिद् चीज स्वादिष्ट घेवर, दाल बाटी चूरमा व प्याज कचौडी़ आदि बहुत ही प्रसिद् मानी गयी है। कहा जाता है, कि शहर को वेल्स के राजकुमार के स्वागत की खुशी में गुलाबी रंग से रंगा गया था। और तभी से इसे गुलाबी शहर के नाम से जाना जाने लगा। जयपुर के दर्शनीय स्थल में सबसे पहले जो आपके मन में नाम आएगा वो होगा हवा महल , जल महल आना भी चाहिए। क्योंकि इसकी सुंदरता से आप सभी परिचित हैं।
यहाँ गर्मी अधिक पड़ती है। तो आइये जानते है, darshaniya sthal. कौन से है।

1) गल्ताजी ।

ये बहुत ही सुन्दर मंदिर है,यहाँ भगवान हनुमान, राम, कृष्ण, सूर्य व विष्णु जी की मूर्तियां मौजूद है।
यहाँ का प्राकृतिक वातावरण व सात कुंड है, जो लोगो को आकर्षित करता है। वे ये अरावली के पहाड़ों में स्थित है। यह तीरथ स्थल आपको शांति और आध्यात्मिकता प्रदान करता है।

2) जंतर मंतर।

ये महल महाराजा सवाई जय सिंह द्वारा बनवाया गया । यहाँ प्राचीन उपकरणों से समय, दिशा, ग्रहण, आदि का पता लगाया जाता है।इन्हें बड़ी कुशलता से पत्थरों का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इस स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में स्थान दिया गया है। ज्योतिषीय व खगोलीय घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए इसे बनाया गया है।

3) सिसौदिया रानी गार्डन ।

यह गार्डन जयपुर से 6 किमी की दूरी पर यह गार्डन स्थित है। इसका निर्माण महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1728 में करवाया था। इस में
हरा-भरा वातावरण, उनके बीच चलते पानी के फव्वारे मन मोहने वाला नजारा होता हैं। इन वास्तुकला ने पर्यटकों को अपनी और बहुत अधिक आकर्षित किया है। ये जयपुर की सौंदर्य की मंजिल है। घूमने के लिए ये बेस्ट गार्डन है।जो हर किसी को अपनी और आकर्षित करता है।

4) बापू बाज़ार 

बापू बाजार जयपुर का सबसे मशहूर बाज़ार है।
जयपुर के बीच यह बाज़ार संगनेर गेट से न्यू गेट के बीच बसा हुआ है, यहाँ पर राजस्थानी जूतियाँ, रंगीन दुपट्टे, साड़ियाँ, आदि आपको बेहद आकर्षित करते है। राजस्थान की पारंपरिक वस्तुओं को खरीदने के लिए लोगो की भीड़ जमा रहती है , और यहाँ हर चीज उचित रूपये में उपलब्ध होती है। यहाँ राजस्थानी कपडे ,हस्तशिल्प भी बिकते है।

5) जल महल ।

जब भी जयपुर घूमने की बात आती है, तो सब से पहले दिमाग में जल महल की बात आती है। तो चलिए जानते है ,जल महल के बारे में। महाराजा जय सिंह द्वितीय ने मुख्य तौर पर शिकार के अड्डे के रूप में बनवाया था। मनसागर झील के ठीक बीचों-बीच स्थित है। यहाँ पर प्रवासी पक्षियों की झलक आप को देखने को मिल जायेगी। आप यहाँ बहुत से खूबसूरत पक्षियों को देखकर अपनी यात्रा अच्छी हो जायेगी।

6) हवा महल।

हवा महल भी उन आकर्षक महलो में से है, जो सब का मन मोह लेता है। महाराजा सवाई सिंह द्वारा बनवाया गया , अदम्य खूबसूरती का प्रतीक है।
जिसमे 953 झरोखे है, जहाँ से आप आस-पास के नजा़रों को बखूबी देख पाएंगे। यह महल शाही महारानियों के लिए बनवाया गया था। इस महल के झरोखों से गुज़रती हवा आपको आनंद के संसार में ले जाएगी, जहाँ पहुँचकर आप आनंद की मदमस्त हवा का लुक उठाएंगे।

7) अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम ।

यह भारत की कला और संस्कृति के बारे में जानने का सबसे प्राचीन स्थान है। वेल्स के राजकुमार, अल्बर्ट एडवर्ड के नाम से बना है। यह संग्रहालय बहुत-सी अद्भुत चीज़ों का केंद्र है। यहाँ मिस्र की मम्मी भी है, जो कुछ वक्त से लोगों के बीच काफी चर्चा में है। जयपुर के सबसे सुन्दर दर्शनीय स्थल में से है।

8) नाहरगढ़ किला।

जयपुर शहर का मशहूर किला यहाँ से आप जयपुर और आमेर शहर का नज़ारा देख सकते है। इसकी खूबसूरती रात में बेहद खूबसूरत होती है। यहाँ का नज़ारा बहुत खूबसूरत है, किले में रेस्टोरेंट भी लोगों के बीच आकर्षण खूबसूरती को बढ़ाता है। नाहरगढ़ का किला 1734 में सवाई जय सिंह द्वितीय बनाया गया था।

jaipur paryatan sthal.

दोस्तों, आज हम आपको जयपुर के (paryatan) (sthal) के बारे में बतायेगे। अगर आपको भी घूमने का शौक है , तो आप राजस्थान की राजधानी जयपुर में घूमने आए है। तो ये jaipur paryatan sthal देखना ना भूले। राजस्थन की राजधानी जयपुर संस्कृति, विरासत, मन मोह लेने वाली इमारतों की भूमि हैं। जयपुर की ऐतिहासिक इमारते आपको गुलाबी रंग की देखने को मिल जाएगी, इसलिए इस शहर को (गुलाबी शहर)के नाम से भी जाना जाता है। जयपुर में कई सारे पर्यटन स्थल हैं, जहाँ पर हर वर्ष लाखो लोग घूमने के लिए आते हैं। इन महलों की सुन्दरता व वास्तुकला देख आप जिंदगी में कभी इस शहर को नहीं भूल पाओगे। यह शहर आपको एक खूबसूरत दुनिया का अनुभव कराता हैं।

तो चलिए जान लेते है, jaipur paryatan sthal
के बारे में।

1 आमेर का किला पर्यटन स्थल।

आमेर के किले का खुलने का समय ।

सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक का होता है।

2 जंतर मंतर पर्यटन स्थल।

जंतर-मंतर के खुलने का समय ।

सुबह 9 बजे से शाम 4:30 तक का समय (प्रत्येक दिन)

3 जल महल पर्यटन स्थल ।

जल महल के खुलने का समय ।

सुबह 6 से शाम 6 बजे तक का समय।

4 हवा महल पर्यटन स्थल ।

हवा महल के खुलने का समय ।

सुबह 9 बजे से 4:30 बजे तक (प्रत्येक दिन)

5 रामबाग महल पर्यटन स्थल।

रामबाग महल के खुलने का समय।

सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक (प्रत्येक दिन)

6 नाहरगढ़ किला पर्यटन स्थल।

नाहरगढ़ किले के खुलने का समय ।

सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक

अल्बर्ट हॉल पर्यटन स्थल।

अल्बर्ट हॉल के खुलने का समय ।

सुबह 9 बजे से 5 बजे तक , व

। शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक (प्रत्येक दिन)

तो ये सब जयपुर के पर्यटन स्थल है जिन में आप आसानी से घूम सकते हो। और साथ में हम ने ये भी बताया है, की इस सब के खुलने का समय क्या है, और बंद होने का समय क्या है।

जयपुर की प्रसिद्ध खाने की चीजें।

जयपुर शहर ( पिंक सिटी’ ) के नाम से मशहूर है, इस को ‘गुलाबी नगरी’ के नाम से भी जानते है। भारत का एक ऐसा शहर है, जिसे नज़दीक से देखने की चाहत हर किसी की होती है , यह शहर अपने महल, किलों और विरासतों के लिए जाना जाता है। किले महल और इमारतों के साथ साथ हैं,यहाँ का खाना भी बहुत प्रसिद्ध है, जो हर किसी को पसंद होता है। जो इसे दूसरे शहरों से अलग करता है। यहां का स्वादिष्ट खाना,दाल-बाटी-चूरमा, कीमा-बाटी, घेवर, कचोरी सबको चखने का एक अलग ही मज़ा है, ये यही की सब से प्रसिद् चीज है, आप जयपुर की इस चीज़ का आनंद ले वो भी भरपूर मात्रा में।

1) दाल बाटी चूरमा।

दाल-बाटी-चूरमा के बिना राजस्थान की यात्रा अधूरी मानी जाती है। दाल-बाटी जयपुर की सब से प्रसिद् है, इस बाटी से चूरमा भी बना कर तैयार किया जाता है। एक मीठा व्यंजन है, जो आटे, चीनी इत्यादि के उपयोग से बनाया जाता है। यह डिश आपको जयपुर के किसी भी कोने में आसानी से मिल जाएगी । फिर भी किसी ख़ास जगह की बात की जाए तो जयपुर में कही भी ये आसानी से मिल जयेगी। 

2) घेवर।

घेवर जयपुर की पसंदीदा मिठाईयों में से एक है। इसे तीज महोत्सव के समय बनाया जाता है, यह डिस्क के आकार का होता है, जिसे तेल, मैदा और चीनी के सिरप से बनाया जाता है। जयपुर के बाहर भी यह ख़ासा प्रसिद्ध है। की जाने वाला वेंजन है,
घेवर कई तरह का मिलता हैं, जिनमें सादा घेवर , मावा घेवर और मलाई घेवर सबसे ज़्यादा पसंद किए जाते हैंं। इस को आप जयपुर में किसी भी मिष्ठान भंडार से खरीद सकते हो।

3) प्याज़ कचौड़ी।

प्याज़ कचौरी राजस्थान की ख़ास चीज़ों में से एक है। बड़ी दुकानों से लेकर सड़क किनारे मौजूद छोटे-छोटे स्टॉल्स में ये हर जगह आपको मिल जाएंगी। लेकिन जयपुर के कचोरी की तो बात ही अलग है। यहाँ की कचोरी का संवाद सब से अलग और स्वादिष्ट होता है ,अगर आप भी जयपुर आये तो यहाँ की प्रसिद् चीज जरूर खाना भुना नही है।

जयपुर की प्रसिद्ध मिठाई।

जयपुर शहर इमारतों महलो और मंदिर दुर्ग के साथ साथ जयपुर अपने अनोखे व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्द है। राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी
इनमे मिठाई और नमकीन भी सम्मिलित है।
तो आइये जान लेते है, जयपुर की प्रसिद्ध मिठाई के बारे में विस्तार से।

जयपुर की प्रसिद्द मिठाइयां।

यूँ तो जयपुर में सभी प्रकार की मिठाइयां मिलती है। परन्तु कुछ मिठाइयां यहाँ की खास और प्रसिद् । है जैसे फीणी, घेवर, मिश्री मावा, थाल की बर्फी, दूध के लड्डू, चूरमा आदि।

1) घेवर और फीणी।

फीणी और घेवर कई जगह बनते हैं। परन्तु जयपुर में अलग प्रकार से बनते हैं। इन्हे दूध के फीणी और घेवर कहा जाता है, यहाँ पर घेवर मलाई का भी मिलता है, और सदा भी मिलता है। यहाँ पनीर के घेवर भी बनते हैं।

2) मिश्री मावा, थाल की बर्फी, ।

मिश्री मावा जयपुर की अपनी खास मिठाई है, यह मिश्री और मावे को मिला कर बनाई जाती है। और यह दानेदार होती है। इसमें केशर या गुलाब की पत्ती मिलाने पर यह गुलाब सकरी कहलाती है। इसी प्रकार मावे में शक्कर मिला कर थाल में एक विशेष प्रकार से जमाया जाता है, और फिर रस झाड़ लिया जाता है ,इसे थाल की बर्फी कहते हैं।

3) दूध के लड्डू ।

यहाँ के दूध के लड्डू बहुत प्रसिद् है। बूंदी के लड्डू में बेसन से चार गुना शक्कर डाल कर बनाया जाता है, इसी प्रकार बेसन को पानी की जगह दूध में घोल कर दूध के लड्डू बनाते हैं।

4) बाटी का चूरमा।

जयपुर का चूरमा बहुत प्रसिद्द है। यहाँ बाटी का चूरमा बनता है, जैसी, आटे का, बेसन का, सूजी का, बाजरे का, गुलाब का, अनार का, बादाम का, पिस्ते का आदि। चूरमा बनता है ,जो बहुत प्रसिद् है। जयपुर में इसके आलावा भी अनेक प्रकार की मिठाइयां पाई जाती है जैसे रसगुल्ला चासनी के रसगुल्ला पानी के रसगुल्ला , सन्देश, जलेबी, इमरती, राजभोग, काजू-बादाम-पिस्ते की कतली, अखरोट की बर्फी आदि कई प्रकार की मिठाईया उपलब्ध होती है।

दोस्तों हमारे द्वारा बताए गए इस (post) के माध्यम से हम उम्मीद करते हैं ,कि आपको आपकी सभी जानकारियां प्राप्त हो गई होंगी। इसलिए आप भी अगर जयपुर जैसे शहर में घूमना चाहते हैं ,तो इन सभी जानकारियों को ध्यानपूर्वक पढ़कर आप आसानी से यह सब चीजों का आनंद ले सकते हैं।