कब्ज के नुकसान। कब्ज के लक्षण। कब्ज का इलाज।kabaj ka ilaj. kabj ke nuksan.

कब्ज के नुकसान। kabj ke nuksan.

कब्ज की समस्या एक बहुत बड़ी समस्या है। कब्ज से न केवल परेशानी होती है। बल्कि कैंसर जैसी समस्याओं पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।

  • कब्ज के नुकसान

कब्ज को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयां चूर्ण का उपयोग करते हैं । लेकिन यह दवाइयां चूर्ण ये सभी बहुत ही नुकसानदायक होती हैं। शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों को बढ़ाते हैं। कब्ज (kabj) की समस्या एक गंभीर समस्या है। जो कि व्यक्ति के पेट को फूलता है। वह भूख बंद हो जाती है। चक्कर आने लग जाते हैं। सिर दर्द होता है। पिंडलियों में दर्द होता है। कमर में दर्द की संभावना भी हो जाती है। इसलिए कब्ज की समस्या होने पर डॉक्टर (doctor) की परामर्श से दवा लेनी चाहिए।

कब्ज (kabj) की समस्या से बचने के लिए आपको किसी भी प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां कोई भी जैल नहीं लेना चाहिए । वरना आप को और अधिक भारी नुकसान हो सकता है।

कब्ज के लक्षण। kabj kya hai. kabj ke lakshan.

kabj ke lakshan : आजकल बहुत सारे लोगों में कब्ज(kabj) के लक्षण देखने को मिलते है। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है। कम पानी पीने पर व अधिक तली भुनी चीजें खाने से कब्ज(kabj) की समस्या हो जाती है। कब्ज की समस्या पर्याप्त रूप से नींद नहीं लेने के कारण भी हो सकती है। शरीर में पानी की कमी होने से पाचन क्रिया का सही रूप से काम नहीं करने पर कब्ज की समस्या हो जाती है। और यह समस्या इतनी भयानक होती है। कि मल के साथ में खून भी आने लग जाते हैं। क्योंकि जब कब्ज की समस्या हो जाती है । तो व्यक्ति को अधिक दम लगाना पड़ता है। मल अधिक सूखा व मोटा हो जाता है। इसलिए मल के साथ में खून आने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। समस्या होने से पेट में दर्द की संभावना भी बढ़ जाती है। कब्ज का अर्थ है। आंतों से मल का नहीं निकल पाना।

कब्ज(kabj) के कारण से कई प्रकार की समस्याएं हो जाती हैं। कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं। कब्ज होने से पेट भारी हो जाता है। पाचन क्रिया सही रूप से कार्य नहीं कर पाती है। कब्ज(kabj) के कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं। जैसे कि पेट का साफ ना होना। पेट का भारी होना। मुंह से बदबू आना। पेट में दर्द। सिर में दर्द होना। वह पिंडलियों में दर्द की संभावना भी हो जाती है। भूख का कम लगना व मल त्याग के समय कठिनाई होना । मल का मोटा होना। मल का सूखना व जी मिचलाना आदि। कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं। मल का त्याग 3 या 4 दिन में 1 बार करना। यह भी कब्ज का सबसे बड़ा लक्षण देखने को मिलता है। कब्ज(kabj) से विभिन्न प्रकार की समस्याएं व बीमारियां भी उत्पन्न हो जाती है। और कब्ज रहने से अत्यधिक प्रभाव अमाशय और पाचन शक्ति पर ही पड़ता है। अब तो आप जान ही गए हैं। कि कब्ज क्या है। और कब्ज के क्या क्या लक्षण हो सकते हैं।

पेट साफ न होने के लक्षण।

वैसे तो आपको पता ही है। जब पेट साफ नहीं होता है। तो पेट से संबंधित कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती है। कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं।
पेट साफ न होने के लक्षण। जैसे की मल का 6 दिन में एक बार आना । मल का कम आना । ये कई प्रकार है । मल का मोटा हो जाना । ऐसे कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं। कई बार तो पेट साफ नहीं होने के कारण से पेट में दर्द की संभावना भी बढ़ जाती है। आमाशय में सूजन आ जाती है। मल आते टाइम खून भी आने लग जाते हैं। पेट साफ नहीं होने के कारण मुंह से बदबू भी आना शुरू हो जाता है । कमर में दर्द थकान भी महसूस होती है। भूख भी नहीं लगती है। इस प्रकार से बहुत सारी पेट से संबंधित बीमारियां हो जाती है। गैस की समस्या सबसे अधिक बढ़ जाती है।

कब्ज का इलाज। kabj ka ilaj.

pet saaf kaise kare : कब्ज( kabj )की समस्या होने पर कई प्रकार के उपचार किए जाते हैं। इनका विभिन्न प्रकार से इलाज भी किया जाता है। डॉक्टर(doctor) की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन भी किया जाता है। लेकिन आज हम कब्ज को जड़ से इलाज । आप की कब्ज की समस्या का समाधान। या कब्ज का इलाज बताएंगे । जो कि निम्न प्रकार है।

  1. ईसबगोल की भूसी को सोते टाइम एक गिलास दूध में एक चम्मच मिलाकर पी लें। इससे भी आपकी कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।
  2. पपीते(papita) का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर होती है। अपने आहार में पपीते का सेवन करें। सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले पपीते (papita) का सेवन करें। इससे भी आपकी कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है ।
  3. पालक भी कब्ज की समस्या को दूर करने में बहुत ही अधिक सहायक होता है। या तो आप रोज सुबह सुबह पालक (palak) का जूस ( juce ) पी सकते हैं। या फिर आप पालक की सब्जी भी खा सकते हैं। इससे भी आपके रहने वाली कब्ज दूर हो जाती है।
  4. कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए सौफ बहुत ही उपयोगी होती है। रात में भिगोकर छोड़ दे । सुबह उसको पीसकर पीले। ऐसा करने से भी कब्ज की समस्या दूर होती है। अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। इससे भी आपकी कब्ज की समस्या दूर होती है।
  5. अगर आप भी कब्ज की समस्या से परेशान है। तो आप विभिन्न प्रकार के जूस का सेवन कर सकते हैं। जैसे कि पपीते का जूस गन्ने का जूस मौसमी का जूस और गाजर का जूस । ऐसे कई प्रकार के जूस व पालक का चुकंदर का जूस भी पी सकते हैं। अपनी कब्ज की समस्या को दूर कर सकते हैं।
  6. आप किशमिश का उपयोग करके भी कब्ज की समस्या को खत्म कर सकते हैं । रात को पानी में भिगोकर 8_10 किशमिश रख दे। उनको दूध में उबालकर पी लें। ऐसा करने से भी कब्ज की समस्या दूर होती है।
  7. त्रिफला( Triphala )चूर्ण (Churan )का सेवन करने से भी आपके पेट में कब्ज की समस्या दूर होती है। पेट को साफ बनाए रखती है। त्रिफला का चूर्ण बहुत ही लाभदायक होता है। पेट में बनने वाली गैस को भी दूर करता है। और पेट को बढ़ने से भी रोकता है। इसलिए त्रिफला(Triphala) चूर्ण (Churan) का सेवन भी कब्ज की समस्या वाले व्यक्ति कर सकते हैं।

पुरानी कब्ज के लक्षण। पेट में कब्ज के लक्षण।

pet mein kabj ke lakshan : आज हम आपको पुरानी कब्ज के क्या लक्षण होते हैं। उनके बारे में बताएंगे। साथ ही यह भी बताएंगे। कि पेट में कब्ज के क्या लक्षण होते हैं। किस कारण से पेट में कब्ज रहती है । आइए जानते है। उन सभी लक्षणों के बारे में।

  1. पुरानी कब्ज के भी कई लक्षण देखने को मिलते हैं। जैसे कि पेट में दर्द। पेट में मरोड़ होना । ये सभी लक्षण पुरानी कब्ज का सबसे अधिक लक्षण देखने को मिलता है।
  2. अधिक देर तक या फिर लंबे समय तक शौचालय में बैठे रहना । पेट में दर्द होना । पेट में कब्ज के लक्षण ऐसी समस्याएं पुरानी कब्ज अधिक देखने को मिलती है।
  3. मल त्याग के टाइम पर दम लगाना । मल के साथ में खून आना । यह भी कब्ज की समस्या है।
  4. मुंह से बदबू आना व मुंह में छाले हो जाना पुरानी कब्ज के लक्षण है।
  5. 3 या 4 दिन में मल का त्याग करना । अधिक जोर लगा कर मल त्याग करना ।
  6. मल का सुखा होना व मल का मोटा होना।
  7. चक्कर आना कमर में दर्द भूख नहीं लगना आदि। कई प्रकार के पुरानी कब्ज के लक्षण होते है।

कब्ज के लक्षण एवं उपचार कब्ज का इलाज।

pet mein kabj ke lakshan : आपने कब्ज की समस्या बहुत सारे लोगों में देखी होगी । लेकिन क्या आप कब्ज का उपचार या इलाज कैसे किया जाता है। इसके बारे में भी क्या आपको पता है। अगर आपको इन सभी बातों के बारे में नहीं पता है। तो आज हम आपको कब्ज के लक्षण व उनके उपचार के बारे में बताएंगे।

  1. 3 या 4 दिन में मल का त्याग करन। अधिक जोर लगा कर मल त्याग करना।
  2. अधिक देर तक यानी की लंबे समय तक शौचालय में बैठे रहना। पेट में दर्द होना । ऐसी समस्याएं पुरानी कब्ज में अधिक देखने को मिलती है।
  3. मल का सुखा होना व मल का मोटा होना।
  4. मुंह से बदबू व मुंह में छाले हो जाना।
  5. ईसबगोल (isabgol)की भूसी को सोते टाइम। एक गिलास दूध में एक चम्मच मिलाकर पी लें । इससे भी आपकी कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।
  6. पालक (palak)भी कब्ज की समस्या को दूर करने में बहुत ही अधिक सहायक होता है। या तो आप रोज सुबह सुबह पालक का जूस पी सकते हैं। या फिर आप पालक की सब्जी भी खा सकते हैं। इससे भी आपके रहने वाली कब्ज दूर होती है।
  7. पपीते का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर होती है। अपने आहार में पपीते का सेवन करें। सुबह खाली पेट व रात को सोने से पहले पपीते का सेवन करें। इससे भी आपकी कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है।

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा। kabj kee aayurvedik dava.

kabj kee aayurvedik dava. से तो मार्केट में कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां मिलती हैं । जैसे कि निम्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां है । पेट साफ करने की आयुर्वेदिक दवा।

  • दिव्य चूर्ण । (Divya Charan).

यह दिव्य (Divya)चूर्ण ( Charan) बहुत ही लाभकारी होता है। मल को आसानी से बाहर निकालने में सहायक होता है। पेट को भी साफ रखता है। इस दिव्य चूर्ण का उपयोग आयुर्वेदिक दवा माना है। इसकी प्राइस (price) 146 रुपया है।

  • पेट सफा चूर्ण । (pet saffa Churan).

ये एक आयुर्वेदिक दवा है। जो कि कब्ज की समस्या को दूर करता है। पेट साफ करने की आयुर्वेदिक दवा आतो से मल को बाहर निकालने में सहायक होता है। कब्ज(kabj) की आयुर्वेदिक दवा व इस की प्राइस (price) 241 रुपया है।

  • कब्ज की होम्योपैथिक दवा।

4 अश्व गंधादी चूर्ण=100gm=122रु.

5 त्रिफला चूर्ण=100gm=53 रु.

6 वेधानाथ पंचसारक=100=54 रु.

कब्ज की अंग्रेजी दवा. kabz ki dawa.

वैसे तो आपने कब्ज की बहुत सारी दवाइयां जैसे की देसी दवाई व घरेलू उपचार तो खूब किए हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं। कि कब्ज की अंग्रेजी दवाई कौन सी होती है। और सबसे बेस्ट दवाई कौन कौन सी होती है। अगर आप नहीं जानते हैं। तो आइए जानते हैं। उन सभी अंग्रेजी दवाइयों के बारे में।

1 डुल्कोलेक्स 10mg की होती हैं। ये दावा बहुत ही फायदे मंद होती है। इस गोली का उपयोग डॉक्टर भी करते है। इस गोली से पेट तो साफ होता है। लेकिन इस गोली का उपयोग लंबे समय तक करने से कई प्रकार की समस्या भी हो सकती है। पेट (pet)साफ करने की दवाव। ऑपरेशन या कोई भी सर्जरी के बाद में डॉक्टर (Doctor)ये दवाई मरीज को दी जाती है। ताकि पेट साफ रहे । इस लिए ये अंग्रेजी दावा बहुत ही अधिक काम में ली जाती है। कब्ज की यह दवा बहूत अधिक काम में ली जाती है।

पेट की आंतों को साफ करना। pet saaf kaise kare.

आज हम आपको पेट की आंतों को किस प्रकार से साफ करें। और अपनी कब्ज की समस्या को कैसे दूर करें । उन सभी के बारे में बताएंगे। साथ में यह भी बताएंगे। कि आप कौन-कौन सी चीजों का इस्तेमाल करके अपने पेट की आंतों को साफ रख सकते हैं । आइए जानते हैं।

  1. पेट की आंतों को साफ करने के लिए दूध का उपयोग बहुत ही गुणकारी होता है। अगर आप दूध का उपयोग करते हैं। तो दूध में मौजूद कैलोरी कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) प्रोटीन (protein)भरपूर मात्रा में पाए जाने के कारण से पेट की आंतों को साफ करने के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। दूध को आप चाहे जब पी सकते हैं। या आप इसको नाश्ते में भी ले सकते हैं। आप दूध का सेवन करें। पेट से संबंधित बीमारियां दूर कर सकते हैं।
  2. हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से भी आंतों में जमे मल को साफ करने में सहायक होते हैं। सब्जियों का सेवन आप सलाद के रूप में कर सकते हैं। जूस के रूप में कर सकते हैं। या फिर किसी की पाचन क्रिया कमजोर होने के कारण कच्ची सब्जियां नहीं पचे । तो आप इन सब्जियों का सेवन पका कर भी कर सकते हैं। यह हरी पत्तेदार सब्जियां(vegetable) गुणों से भरपूर होती है। और आपके आंतों को साफ करने में बहुत ही लाभकारी होते हैं। इसलिए आप भी हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करके अपने पेट की आंतों को साफ कर सकते है।
  3. आप पेट की आंतों को साफ करने के लिए दाल का उपयोग भी कर सकते । दाल फाइबर से भरपूर होती है। अगर आप फाइबर से भरपूर भोजन नहीं करते हैं। क्या फिर फाइबर(fibre) युक्त चीज नहीं खाते हैं। तो आपके आंतों में मल जमा हो जाता है। इस कारण आपके पेट में कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। इसलिए दाल का सेवन करें।
  4. आप दही का सेवन करके भी अपने पेट से संबंधित बीमारियों को सही कर सकते हैं। क्योंकि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (probiotics) कई प्रकार के बैक्टीरिया(bacteria) मौजूद होते हैं। इसलिए यह भी पेट की आंतों को साफ करने के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। पेट में बनने वाली गैस को भी दूर करता है।

पुरानी कब्ज। कब्ज के उपाय। kabj ke gharelu upay.

kabj ke upay : ऐसे तो कब्ज के कई प्रकार के उपाय होते है। और आज हम आप को बताए गए। की कब्ज के घरेलू उपाय क्या क्या है। जो निम्न है।

  • 1 मुनक्का।(munakaka).

मुनक्का (munakaka) का सेवन करने से भी कब्ज (kabj)की समस्या दूर होती है। आप 8 से 10 मुनक्का को रात में भिगो कर रख दे। सुबह दूध में उबाल कर पी ले।ऐसा करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।

  • 2 जीरा और अजवायन।

अजवायन (ajwayn) और जीरा ( jira)भी बहुत कारगर होता है। काब्ज की समस्या को दूर करने के लिए। आप अजवाइन (ajwayn) और जीरे को भून कर । आधा चम्मच गुनगुने पानी में मिला कर पी ले। ऐसा करने से आप की कब्ज (kabj) की समस्या दूर हो जाती है।

  • 3 त्रिफला चूर्ण।(Triphala Churan ).

त्रिफला (Triphala)चूर्ण (Churan)भी बहुत कारगर होता है। कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए त्रिफला चूर्ण का उपयोग । रात को सोने से पहले करे। एक चम्मच चूर्ण ले व गुनगुने पानी के साथ ले । ऐसा करने से आप की कब्ज की समस्या दूर होती है।

  • 4 निंबू।(Lemon).

आप अपनी कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए नींबू का उपयोग भी कर सकते हैं। नींबू का उपयोग करने के लिए गुनगुने पानी में नींबू (Lemon) निचोड़ कर । या नींबू (Lemon) का रस डालकर और उसमें काला नमक डालकर पीने से भी पेट की कब्ज दूर होती है।
अब तो आप समझ गए होंगे। कि कब्ज दूर करने के विभिन्न प्रकार के उपाय हैं । जिनको आप करके अपनी कब्ज की समस्या को दूर कर सकते हैं।

ज्यादा कब्ज बनने के कारण?

Due to excessive constipation? वैसे तो आजकल कब्ज की समस्या बहुत सारे लोगों में देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं। कि आजकल कब्ज की समस्या ज्यादा बनने का क्या कारण होता है। अगर आप नहीं जानते हैं। तो आज हम आपको कब्ज बनने के क्या कारण होते हैं। उनके बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं।

  1. भोजन देरी से करना व सही आहार नहीं करना।
  2. पानी कम पीना व तरल पदार्थों का सेवन नही करना ।
  3. रात में देर से सोना।
  4. अत्यधिक तमाखू बीड़ी सीक्रेट व चाय आदि। का सेवन करने से भी कब्ज अधिक होती है।
  5. तले भुने व अधिक मसाले युक्त भोजन करना। इन सब से कब्ज (kabj) की समस्या अधिक होती है।

क्या दूध से कब्ज होती है?

आज हम आप को बताए गए की दूध पीने से कब्ज नहीं रहती है। बल्कि दूध पीने से तो कब्ज की समस्या दूर होती है। इस लिए रात को सोने से पहले एक गिलास दूध को गर्म कर के पी ले। या फिर इस दूध में घी मिला के भी पी सकते है। इस से भी कब्ज की समस्या दूर होती है। इस लिए आप दूध का सेवन करे। और अपनी कब्ज की समस्या से छुटकारा पाए।

पेट में कब्ज क्यों बनता है?

पेट (pet) में कब्ज हमारी ही कुछ गलतियों की वजह से हो जाती है। जैसे की रात में देर तक जागना कम पानी पीना व तरल पदार्थों का सेवन कम करना। भारी खाना खाना या तले भुने व मसाले युक्त चीज खाने से कब्ज की समस्या हो जाती है। खाना देर से खाना ऐसे कई प्रकार कि गलतियो के कारण से ही पेट में कब्ज के साथ साथ और भी कई प्रकार की समस्या हो जाती है।

कब्ज कितने प्रकार का होता है?

What are the types of constipation? आपने कब्ज के बारे में तो खूब सुना है। लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं। कि kabj भी दो प्रकार की होती है। अगर आप कब्ज के दोनों प्रकारों के बारे में नहीं जानते हैं। तो हम आपको आज कब्ज के उन दोनों प्रकारों के बारे में बताएंगे।

  • कब्ज 2 प्रकार का होता है।
  • 1 क्रॉनिक कांस्टीपेशन।

इस में कई लोगो को मल को भार निकलने में अधिक कठिनाई होती है। मल बहुत ही मुस्किल से भार आ पता है। मल सख्त हो जाता है। साथ ही साथ सोच जाने के बाद भी रोगी के मन में सोच सनका बनी रहती है। यही समस्या कब्ज के रोगी में देखने को मिलती है।

  • 2 एक्यूट कांस्टीपेशन।

इस में रोगी को पेट से समधित समस्या आती है। जिस में न तो मल भर आता है। और न ही पेट की गैस भर आ पाती है। यह समस्या आंत से बंधे रोगियों में अधिक होती है। ऐसे में कब्ज वाले व्यक्ति को डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। या घरेलू नुस्खों का उपयोग करना चाहिए।

कब्ज के लिए योगासन।

क्या आप यह जानते हैं। कि kabj को दूर करने के लिए कौन कौन से योगासन करना। हमारे लिए फायदेमंद होते हैं। या आप यह जानते हैं। कि कब्ज को दूर करने के लिए कौन-कौन सा योगासन करना चाहिए। अगर नहीं जानते हैं। तो आइए जानते है। कब्ज होने पर कौन कौन से योगासन करने चाहिए। उनके बारे में जान लेते हैं।

  • 1 बालासन।

बालासन योग करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाए।
और दोनो घुटनों और एडियो को आपस मे मिलाए।
धीरे धीरे अपने घुटनों को भार की तरफ खोले।

  • 2 पवनमुक्तासन।

पवनमुक्तासन आसन यानी की योग बहुत ही फायदे मंद होता है। इस आसन से पेट की गैस की समस्या दूर हो जाती है। ये योगा करने की विधि योगा करने के लिए पेट के बल लेट जाए । बाए घुटने को मोड़ कर पेट के पास ले जाए। धीरे धीरे सास छोड़ते हुए हाथो की उगलियो को मिला ले। फिर उगलियों को घुटनों के नीचे रखे । फिर बाएं घुटने से सीने को छूने की कोशिश करे।
और सिर को जमीन से ऊंचा उठाए। और घुटनों को नाक से छूने की कोशिश करे । गहरी सांस खींचकर आगे की तरफ झुके । पेट को दोनों जांघों के बीच में ले जाकर छोड़ दे। फिर सांस छोड़ कर फिर सिर ऊपर ऊंचा उठाएं है। ये योगासन 20 सेकंड के लिए करें । इससे भी आप की कब्ज की समस्या दूर होती है।

  • 3 भुंजागासन।

यह योगा भी पेट के लिए बहुत ही लाभदायक होता है । इसको करना भी बहुत ही आसान है। पेट की कब्ज को दूर करने में पेट की गैस को बाहर निकालने के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।जैसा कि हमने बताया था। कि यह योगा करने से आपकी कब्ज की समस्या दूर होती है। विभिन्न प्रकार के पेट से संबंधित समस्याएं भी दूर होते हैं।

कब्ज को जड़ से इलाज।

हम आपको आज कब्ज को जड़ से खत्म करने का इलाज बताएंगे जो कि निम्न प्रकार हैं।
कब्ज का जड़ से इलाज।

  1. अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए। पेय पदार्थों का सेवन अधिक करना चाहिए।
  2. भोजन को चबा चबा कर खाना चाहिए । सही टाइम (Time) पर खाना चाहिए।
  3. त्रिफला(Triphala) चूर्ण (Churan)का सेवन करें ।
  4. अंकुरित अनाजों का सेवन करें।
  5. खाना खाने के बाद में 2 घंटे पानी नहीं पिए।
  6. सुबह खाली पेट सेब खाना चाहिए। इससे भी
    आपकी कब्ज की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।

कब्ज के लिए सब्जी।

Vegetables for constipation : कब्ज(kabz) की समस्या बहुत सारे लोगों को होती है। कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई प्रकार की सब्जियां भी उपयोगी होती हैं। कब्ज वाले व्यक्तियों को अपने आहार में अधिक रेशेदार फल व सब्जियों का सेवन करने चाहिए । रेशेदार सब्जियां जैसे कि पत्ता गोभी कद्दू आदि। ऐसे कई प्रकार की सब्जियां होती हैं। जो कि कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां अधिक खानी चाहिए । ताकि आपके पेट(pet) की आंतों में जमी गंदगी को बाहर निकालने में सहायक है। आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सके।

पेट साफ न होने के नुकसान।

पेट (pet)साफ नहीं होने पर पेट में कब्ज की समस्या रहने से कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं। पेट में गैस बनने लग जाती है। पेट फूलने लग जाता है। वह चक्कर आने लगते हैं। जी मिचलाता है। सिर में दर्द की संभावना हो जाती है। वह पिंडलियों में दर्द। पेट (pet)में दर्द । ऐसी कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है। पेट साफ नहीं होने के कारण से मुंह से बदबू भी आने लगती है। थकान भी अधिक होती है। चेहरे पर कील मुंहासे भी अधिक हो जाते हैं। यह सभी समस्याएं पेट साफ नहीं होने के बहुत ही हानिकारक और नुकसानदायक कारण होते हैं।

पेट टाइट रहने का कारण।

Reasons for having a tight stomach : आज हम आपको यह बताएंगे । कि हमारा पेट किस कारण से टाइट रहता है। और कई बार ऐसा क्या होता है। कि हमारा पेट बहुत अधिक टाइट हो जाता है। इसके क्या कारण है। यह आज हम आपको बताएंगे।

पेट टाइट होने के कई प्रकार के कारण हो सकते हैं। जैसे कि अधिक समय तक बैठे रहना। सही खान-पान नहीं करना। ऐसे कई प्रकार के कारण से पेट टाइट होने की संभावना हो जाती है। पेट में गैस की संभावना से भी पेट बढ़ने लगता है। अनुवांशिकता(anuwansikta) के कारण भी पेट टाइट रहने का एक मुख्य कारण हो सकता है। लेकिन अगर आप वर्कआउट करते हैं। तो इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। कई बार आंतों में अधिक फैट बढ़ने से पेट का टाइट होना । पेट का बाहर निकलना भी एक समस्या है। भारी खाना खाने बासी खाना खाने के कारण से भी पेट में गैस की समस्या बढ़ाती है। पेट फूल जाता है। टाइट हो जाता है। कई प्रकार के धूम्रपान करने से भी पेट टाइट हो जाता है। या फिर खाना खाने के बाद में लंबे समय तक बैठे रहने से भी पेट का आकार बढ़ता है। पेट टाइट होने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए जितना हो सके अपनी दिनचर्या में वर्कआउट (workout)करना चाहिए। अधिक लंबे समय तक नहीं बैठना ।भारी खाना नहीं खाना। इसी कई प्रकार की बातों का ध्यान रखने पर आपके पेट से संबंधित कई प्रकार की समस्या होने से आप बच सकते हैं । अपने पेट को टाइट होने व फूलने से बचा सकते हैं। पेट में गैस होने के कारण से पेट में दर्द की संभावना भी बढ़ जाती है। तो पेट टाइट होने के कारण से कई बार कब्ज की समस्या भी अधिक हो जाती है।

बार बार कब्ज होने के कारण? पेट साफ नहीं होने का कारण क्या है?

Due to excessive constipation? वैसे तो आप सभी जानते ही हैं। कि कब्ज रहने से शरीर में विभिन्न विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। पेट में गैस का बनना। सिर में दर्द होना। हल्की थकान होना । जी मिचलाना । पेट का भारी होना व पिंडलियों में दर्द होना । पेट में दर्द होना। ऐसे कई प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं। कई अन्य बीमारियां, योग और डाइट(diet) से दूर करें । ये प्रॉब्लम व कब्ज की समस्या लंबे समय तक रहने पर कैंसर(Cancer) की भी संभावना बढ़ जाती है। आंतों में मल जम जाता है। इस कारण से पेट (pet)से संबंधित अन्य कई प्रकार की समस्याएं और भी हो सकती हैं। कब्ज रहने से पाचन क्रिया पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है।

आपको कब्ज जैसी समस्या है। तो आप कई प्रकार के घरेलू उपाय करके । आप योगा करके कब्ज जैसी समस्या को दूर कर सकते हैं। साथ ही साथ अपनी डाइट (diet) का ध्यान रखकर व सही मात्रा में खानपान करके । हरी पत्तेदार सब्जियों में रेशे युक्त सब्जियां खाने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है। अधिक पदार्थों के सेवन से भी कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है। पेट साफ करने की कब्ज से पैदा हो सकती हैं। कई अन्य बीमारियां, योग और डाइट से दूर करें । ये प्रॉब्लम त्रिफला (Triphala) चूर्ण (Churan)भी पेट की कब्ज से संबंधित रोगों को दूर करने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। अपनी डाइट का पूर्ण रुप से ध्यान रखें । कई प्रकार के योग या व्यायाम करके भी दूर कर सकते हैं। अधिक पानी पीकर भी आप कब्ज की समस्या को दूर कर सकते हैं। कई अन्य बीमारियां, योग और डाइट से दूर करें। जैसी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। और अधिक लंबे समय तक अगर आपको कब्ज की समस्या है। तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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