मधुमेह क्या है? कसे होता है? क्या लक्षण हैं?और कसे बचे। diabetes (madhumeh) in hindi.

मधुमेह क्या है। कसे होता है? क्या लक्षण हैं?और कसे बचे। diabetes (madhumeh) in hindi. डायबिटीज क्या है मधुमेह के लक्षण क्या हैं ? डायबिटीज के कारण, लक्षण, निदान और उपचार। मधुमेह के प्रकार, लक्षण, कारण, उपचार।

मधुमेह क्या है? madhumeh kya hai?


What is madhumeh? क्या आप मधुमेह जैसी बीमारी के बारे में जानते है अगर नहीं जानते है। तो आज हम आप को बताएंगे।आइए जानते है। मधुमेह के बारे में।
आज के इस युग में मधुमेह(madhumeh) जैसी बीमारी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है । यह पहले तो 60 साल की उम्र के बाद मधुमेह की बीमारी व्यक्ति में होती थी। या देखने को मिलती थी। लेकिन आज के इस युग में यह बीमारी बच्चों में भी देखने को मिलती है। यह मधुमेह (madhumeh) की बीमारी ऐसी बीमारी है। एक बार इंसान को हो जाए । तो जीवन भर सही नहीं होती है। इंसान को धीरे-धीरे करके मारती है। इसका कोई इलाज नहीं है।
सिर में व शरीर में और भी अन्य प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं। मधुमेह (madhumeh) के कारण शरीर में अन्य प्रकार की बीमारियां । जैसे कि किडनी लीवर की और साथ ही साथ पैरों में अधिक प्रभाव पड़ता है। इसलिए यह बीमारी बहुत ही खतरनाक बीमारी है। जो इंसान को एक बार लगने के बाद छोड़ते नहीं है।
इसलिए यह बीमारी बहुत ही गंभीर बीमारी है।
डायबिटीज यानी की मधुमेह एक ऐसा रोग है। जिसके विश्व में लगभग 50 करोड़ रोगी है। भारत में लगभग 8 करोड़ लोग डायबिटीज (Diabetes)से पीड़ित हैं। यह एक ऐसी बीमारी है। जिसका पता काफी समय बाद चलता है।

मधुमेह कैसे होता है? madhumeh kaise hota hai?

How does diabetes happen? डायबिटीज़ (Diabetes) मिलेटस या मधुमेह हमारे शरीर की मेटाबॉलिज्म संबंधित बीमारी है। इसमें हमारा पैंक्रियाज इन्सुलिन का उत्पादन बंद कर देता है। या कम कर देता है।

जिसके कारण हमारे रक्त में शुगर यानी शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। अगर इस बढ़ी हुई ग्लूकोज(glucose) को कंट्रोल ना किया जाए । तो यह शरीर में नुकसान पहुंचाने लगती है। जिसे हम शुगर की बीमारी या मधुमेह कहते हैं।
इन्सुलिन एक हार्मोन होता है। जो हमारे शरीर में कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrate) और फैट के मेटाबॉलिज्म (metabolism)को नियंत्रित करता है। हम जो भी खाते हैं। वो हमारे शरीर में जा कर ग्लूकोज या एनर्जी में बदल जाता है।

यह ग्लूकोज शरीर के करोड़ों सेल्स तक पहुंच कर उनको कार्य करने के लिए ऊर्जा प्रदान करते हैं। जब हमारे शरीर में पैंक्रियाज सही मात्रा में इन्सुलिन नहीं बनता। या बिलकुल नहीं बनता । तब ये ग्लूकोज हमारे सेल्स में नहीं पहुंच पाते । और हमारे सेल्स को ऊर्जा नहीं मिल पाती। तो हमारा शरीर मधुमेह से ग्रसित हो जाता है।

मधुमेह के क्या लक्षण हैं? madhumeh ke kya lakshan hain?

What are the symptoms of Diabetes? मधुमेह के कई प्रकार के लक्षण हमारे शरीर में देखने को मिल जाते हैं। जिस भी रोगी को मधुमेह (madhumeh) की बीमारी होती है। उन लोगों का शरीर बहुत ही कमजोर हो जाता है। व विभिन्न प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं। जैसे कि
1 चोट लगने पर घाव का देरी से भरना या सही नही होना।
2 बार- बार भूख लगना।
3 बार- बार पेशाब का आना।
4 अचानक वजन कम होना।
5 आंखों की रोशनी कम होना।
6 बहुत ज्यादा थकावट लगना।
7 चिड़चिड़ापन होना।
आदि कई प्रकार के लक्षण देखने को मिलते है।
अगर किसी व्यक्ति में यह सभी प्रकार के लक्षण देखने को मिलते हैं। तो समझ जाना चाहिए। कि मधुमेह की बीमारी है।

मधुमेह से कैसे बचें?madhumeh se kaise bachen?

How to avoid diabetes? इन जांचों में HBA1C काफी महत्वपूर्ण होती है। यह आपके पिछले तीन महीनों का शुगर का स्तर बताती है। ऊपर दी गई सारी जांचे खून से होती है। और काफी सस्ती होती हैं। भोजन में मीठे का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। और कम कैलोरी वाला भोजन करना चाहिए। तंबाकू शराब का सेवन नहीं करना चाहिए । भोजन को दिन में पांच छह बार में करके धीरे-धीरे खाना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में नींद लेनी चाहिए। व ताजे फल सब्जियों का सेवन करना चाहिए । नियमित रूप से जांच कराते रहें।
मधुमेह(madhumeh) के रोगी को अपने भोजन में विभिन्न प्रकार की सब्जियां । जैसे कि तुरई, मेथी, पालक ,करेले ,मूली आदि । कई प्रकार की सब्जियों का सेवन करके डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते है। फलों में टमाटर, पपीता ,मौसमी, संतरा, जामुन आदि । कई प्रकार के फलों का सेवन भी डायबिटीज के लोगों को नहीं करना चाहिए। मधुमेह का पता लगाने के लिए आप निम्न जांचे करवा सकते हैं।

RBS, Fasting & PP, HBA1C, GTT

डायबिटीज क्या है? What is diabetes? diabetes in hindi

daayabiteej kya hai? आप ने मधुमेह का तो नाम सुना ही है। क्या आप जानते है । की ये मधुमेह की बीमारी कैसी बीमारी है । नहीं जानते है । तो आइए जानते है।

डायबिटीज़ मिलेटस या मधुमेह( madhumeha) डायबिटीज(Diabetes) हमारे शरीर की मेटाबॉलिज्म(Metabolism) संबंधित बीमारी है। इसमें हमारा पैंक्रियाज इन्सुलिन का उत्पादन बंद कर देता है। या कम कर देता है।

जिसके कारण हमारे रक्त में शुगर यानी शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। अगर इस बढ़ी हुई ग्लूकोज को कंट्रोल ना किया जाये । तो यह शरीर में नुकसान पहुंचाने लगती है। जिसे हम शुगर की बीमारी या
मधुमेह कहते हैं।

डायबिटीज (Diabetes) का इलाज ना करने पर हमारे शरीर बहुत से रोगों से ग्रसित हो सकता है। जैसे ह्रदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, पैरालिसिस, गुर्दे की खराबी, यौन रोग, पैरों की बीमारी, शरीर की नसों का सही से काम ना करना। अंधापन इत्यादि बहुत आसानी से हो जाता है।

मधुमेह टाइप 2

आज हम आप को टाइप 2 के बारे में बताएंगे। वैसे तो आप ने खूब सुना होगा टाइप 2 के बारे में लेकिन क्या आप जानते है। क्या है। नहीं जानते है। तो आज हम आप को बताएंगे।

टाइप 2 डायबिटीज (Diabetes) हमारी लाइफ स्टाईल के कारण होती है। टाईप 2 डायबिटीज में इन्सुलिन कम बनता है । या सही मात्रा में नहीं बनता।

टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes) में हमारा शरीर इन्सुलिन के प्रति असंवेदनशील हो जाता है। जिसके कारण हमारे ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। और हमें टाईप 2 डायबिटीज हो जाती है।

यह डायबिटीज(Diabetes) दवाओं से नियंत्रित रखी जाती है। टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes)होने का मुख्य कारण। हमारी लाइफस्टाइल, तनाव, अनिद्रा, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शारीरिक श्रम ना करना। और अनियंत्रित खानपान होता है।

मधुमेह बीमारी में क्या होता है? madhumeh in hindi.

madhumeha in hindi : व्आइए जानते है।मधुमेह में क्या कहते है।और किस नाम से जाना जाता है।
डायबिटीज(daybitij) को हिंदी में मधुमेह (madhumeh)के नाम से जाना जाता है । इसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ता जाता है। बढ़ते रक्त में शर्करा की मात्रा के लक्षणों में अक्षर पेशाब का ज्यादा आना। और प्यास में बढ़ोतरी हो जाना। और भूख में वृद्धि हो जाना मधुमेह (madhumeh) कहलाता है। डायबिटीज (Diabetes) यानी की मधुमेह(madhumeh) एक ऐसा रोग है। जिसके विश्व में लगभग 50 करोड़ रोगी है। भारत में लगभग 8 करोड़ लोग डायबिटीज(diabetes) से पीड़ित हैं। यह एक ऐसी बीमारी है। जिसका पता काफी समय बाद चलता है।

मधुमेह (madhumeh) जीवनशैली से संबंधित बीमारी है। एक आंकड़े के मुताबिक विश्व में मधुमेह (madhumeh) का हर पांचवा रोगी भारत का है। मधुमेह (madhumeh) से पीड़ित ज्यादातर मरीज 90% टाइप 2 से पीड़ित हैं। आईए जानते हैं। मधुमेह के बारे में पूरी जानकारी। किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अग्नाशय में इंसुलिन( insulin)उत्पादक बीटा कोशिका पर अटक जाती है। और नष्ट कर देती है। जिन लोगों में इस बीमारी के कारण एक भूमिका निभाते हैं । इस प्रकार इंसुलिन (insulin)का उत्पादन नहीं होता है। यह डायबिटीज (diabetes) दवाओं से नियंत्रित रखी जाती है। डायबिटीज (diabetes)होने का मुख्य कारण । हमारी लाइफस्टाइल, तनाव, अनिद्रा, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शारीरिक श्रम ना करना। और अनियंत्रित खानपान होता है।


डायबिटीज क्यों हो जाती है? diabetes meaning in hindi. diabetes information in hindi. diabetes in hindi.

daybitij kya hai : क्या आप जानते है। की डायबिटीज का हिंदी अर्थ क्या है। नहीं जानते है । तो आज हम आप को बताएंगे।
डायबिटीज (diabetes) को हिंदी में मधुमेह,शुगर व बहुमूत्र रोग कहते हैं।
डायबिटीज जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है। जिसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर ऊंचा होता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब बार-बार आता है। व भूख में वृद्धि हो जाती है।

डायबिटीज क्या है और कैसे होता है? what is diabetes in hindi. diabetes treatment in hindi language.

about diabetes in hindi : डायबिटीज (Diabetes) जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है।
जिस में लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर ऊंचा होता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब बार-बार आता है । भूख में वृद्धि हो जाती है। अन्य कई प्रकार की बीमारियां डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों में हो जाती है।
जैसे की वजन बढ़ना इत्यादी।
डायबिटीज(Diabetes) होने पर मीठा नहीं खाना खाना चाहिए। अगर आप मीठा खाते हैं। तो आपको और बहुत सी दिक्कतें हो सकती है। इसीलिए आपको मीठा बंद कर देना चाहिए। बल्कि डॉक्टर(doctor) की सलाह अनुसार मीठे को नियंत्रित मात्रा में लेना चाहिए। बहुत से लोग ये सोचते हैं। की डायबिटीज़ में हम कोई भी फल खा सकते हैं। लेकिन ऐसा नही है। डायबिटीज़ (Diabetes) में आपको डॉक्टर की सलाह अनुसार ही फल खाने चहिए।

शुगर पेशेंट के लक्षण। मधुमेह लक्षण। पूर्व मधुमेह के लक्षण।
shugar peshent ke lakshan.

madhumeh lakshan : आप ने शुगर का नाम तो सुना ही होगा। लेकिन शुगर के लक्षण क्या है। ये आप जानते है। क्या अगर आप शुगर के लक्षण नही जानते है। तो हम आज आप को उन लक्षणों के बारे में बताएंगे।

  1. पैरों में झनझनाहट व सूनापन जलन महसूस होना।
  2. चिड़चिड़ापन होना।
  3. बार बार पेशाब का आना।
  4. घाव का देरी से भरना।
  5. बार बार भूख लगना।
  6. वजन कम हो जाना।
  7. थकान होना।


डायबिटीज के लक्षण और निदान : टाइप 1 डायबिटीज (Diabetes) एक ऑटोइम्यून डाइबिटीज है। जिसमे हमारा शरीर हमारे इन्सुलिन पैदा करने । वाले सेल्स के विरूद्ध ही काम करने लगता है। यह ज्यादातर अनुवांशिक होता है। और बचपन से ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसमें शरीर इन्सुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता। और हमें बाहर से इन्सुलिन लेना पड़ता है।
टाईप 2 डायबिटीज में हमारा शरीर इन्सुलिन के प्रति असंवेदनशील हो जाता है। जिसके कारण हमारे ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। और हमें टाईप 2 डायबिटीज हो जाती है।
यह डायबिटीज दवाओं से नियंत्रित रखी जाती है। टाईप 2 डायबिटीज होने का मुख्य कारण। हमारी लाइफस्टाइल, तनाव, अनिद्रा, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शारीरिक श्रम ना करना । और अनियंत्रित खानपान होता है।

शुगर और डायबिटीज में क्या अंतर है।shugar aur daayabiteej mein kya antar hai.

What is the difference between sugar and diabetes : आज हम आप को शुगर और डायबिटीज में क्या अंतर है।इस के बारे में बताएंगे। आइए जानते है।

डायबिटीज (Diabetes) इंसुलिन (insulin)कम बनने से। रक्त में मौजूद कोशिका हार्मोन के प्रति बहुत कम संवेदनशील होती है। इस कारण से रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है। और व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो जाता है। जब हमारा शरीर इंसुलिन(insulin) हार्मोन (Harmon)बनाता है। तो शुगर या गुलकोज हमारे ब्लड में फ्लो नहीं करता। क्योंकि शरीर में ब्लड शुगर लेवल ज्यादा होता है। उसे कंट्रोल करना मुश्किल होता है। यह डायबिटीज टाइप 2 डायबिटीज मरीज में अधिक होता है।

टाइप1 डायबिटीज(Diabetes) का शुरुआती दौर होता है। जिसे कंट्रोल किया जा सकता है। शुगर और डायबिटीज (Diabetes) में इस प्रकार अंतर पाया जाता है। शुगर गलत खानपान की वजह से होती है । जब हम चाय में एक्स्ट्रा शुगर डाल कर पीते है। एक्स्ट्रा शुगर मिठाई में डाल कर खाते है। व खाने में एक्स्ट्रा नमक डाल कर खाते है । तो शुगर की मात्रा हमारे शरीर में बढ़ जाती है। जब हम जवान रहते है । तो यह बीमारी हमे महसूस नहीं होती है। लेकिन जब हमारी उम्र बढ़ती जाती है। तो यह बीमारी हमारे शरीर में नुकसान पहुंचाने लगती है। व शुगर बढ़ने से आंखों संबंधी रोग या आंखों की दृष्टि कम हो जाती है।

महिलाओं में शुगर के लक्षण। महिलाओं में मधुमेह के लक्षण।mahilaon mein shugar ke lakshan.

क्या आप ये जानते है। की मधुमेह रोग महिलाओं में होता है। या नहीं और महिलाओं में इस के क्या लक्षण होते है। अगर इन सब के बारे में आप नही जानते है। तो आज हम आप को इन सब के बारे में बताएंगे।

मधुमेह (madhumeh) यानी डायबिटीज (Diabetes) रोग आजकल एक आम समस्या बन गया है । ज्यादातर लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं । डायबिटीज (Diabetes) रोग शुरुआत में व्यक्ति के स्वास्थ्य मे कई समस्या आती है। डायबिटीज (Diabetes) होने पर व्यक्ति के शरीर में लक्षण देखने को मिलते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वैसे तो डायबिटीज (Diabetes) पुरुष और महिलाएं दोनों में देखने को मिलते हैं। डायबिटीज के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं।

  • 1 मुंह में सफेद गांव।

महिलाओं के मुंह में डायबिटीज (Diabetes) हो जाने पर सफेद घाव हो जाते हैं। यह समस्या डायबिटीज (Diabetes) होने वाली महिला के अंदर देखने को मिलती है। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। व डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  • 2 तेजी से वजन कम होना।

डायबिटीज (Diabetes) हो जाने पर रोगी के शरीर का वजन अचानक घटने लगता है। अचानक से बढ़ने लगता है। लेकिन ज्यादातर डायबिटीज (Diabetes) के रोगियों में वजन घटने के लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं। इसलिए अगर आपका भी वजन लगातार गिर रहा है। तो समझ लेना चाहिए। कि डायबिटीज (Diabetes) के लक्षण है।

  • 3 चोट का घाव देरी से भरना।

डायबिटीज (Diabetes) रोगी में 1 लक्षण यह भी देखने को मिलता है। डायबिटीज (Diabetes) के रोगी को किसी भी प्रकार की चोट लग जाने पर घाव जल्दी से नहीं भरता है। खून का थक्का भी जल्दी से नहीं बनता है। इसलिए खून लगातार बहता है। इसलिए डायबिटीज (Diabetes) के रोगी का घाव भरने में अधिक समय लग जाता है। यह कारण डायबिटीज (Diabetes) के रोगी में देखने को मिलता है।

  • 4 पेशाब का बार बार आना।

जिन महिलाओं को डायबिटीज (Diabetes) हो जाता है। उन महिलाओं में यह लक्षण भी अधिक देखने को मिलता है। उन महिलाओं को पेशाब बार बार आने की संभावना समस्या उत्पन्न हो जाती है। व भूख भी अधिक मात्रा में बढ़ जाती है। प्यास भी बार-बार लगती है। यह कई प्रकार के लक्षण डायबिटीज (Diabetes) के रोगी में देखने को मिलते हैं। पेशाब का बार बार आना। महिलाओं के शरीर में शर्करा की मात्रा अधिक बढ़ जाना। यही कारण है। इन्हें कारणों से लक्षणों से डायबिटीज (Diabetes) महिलाओं में देखने को मिलता है। डायबिटीज रोग की पहचान की जा सकती है।

मधुमेह रोग कारण और इलाज। मधुमेह के प्रकार, कारण, लक्षण, और उपचार। madhumeh rog kaaran aur ilaa.


Diabetes disease causes and treatment : मधुमेह के दो प्रकार होते हैं मधुमेह रोग:कारण और इलाज

आप ने मधुमेह का तो नाम सुना है। पर क्या आप जानते है। ये कितने प्रकार का होता है। नहीं जानते है। तो आइए जान लेते है।
टाइप 1 डाइबिटीज।

टाइप 1 डायबिटीज (Diabetes) एक ऑटोइम्यून डाइबिटीज है। जिसमे हमारा शरीर हमारे इन्सुलिन पैदा करने वाले सेल्स के विरूद्ध ही काम करने लगता है। यह ज्यादातर अनुवांशिक होता है। और बचपन से ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसमें शरीर इन्सुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता। और हमें बाहर से इन्सुलिन लेना पड़ता है।

टाइप 2 डाइबिटीज।

टाइप 2 डायबिटीज(Diabetes) हमारी लाइफ स्टाईल के कारण होती है। टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes) में इन्सुलिन (insulin) कम बनता है। या सही मात्रा में नहीं बनता।
टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes) में हमारा शरीर इन्सुलिन (insulin) के प्रति असंवेदनशील हो जाता है। जिसके कारण हमारे ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। और हमें टाईप 2 डायबिटीज हो जाती है।
यह डायबिटीज (Diabetes) दवाओं से नियंत्रित रखी जाती है। टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes) होने का मुख्य कारण। हमारी लाइफस्टाइल, तनाव, अनिद्रा, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शारीरिक श्रम ना करना । और अनियंत्रित खानपान होता है।

कारण:मधुमेह के कारण।

टाइप 1 डायबिटीज (Diabetes) एक ऑटोइम्यून डाइबिटीज है। जिसमे हमारा शरीर हमारे इन्सुलिन(insulin) पैदा करने वाले सेल्स के विरूद्ध ही काम करने लगता है। यह ज्यादातर अनुवांशिक होता है। और बचपन से ही इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसमें शरीर इन्सुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता। और हमें बाहर से इन्सुलिन लेना पड़ता है।

टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes) में हमारा शरीर इन्सुलिन (insulin) के प्रति असंवेदनशील हो जाता है। जिसके कारण हमारे ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। और हमें टाईप 2 डायबिटीज हो जाती है। यह डायबिटीज (Diabetes) दवाओं से नियंत्रित रखी जाती है। टाईप 2 डायबिटीज (Diabetes) होने का मुख्य कारण। हमारी लाइफस्टाइल, तनाव, अनिद्रा, मोटापा, ब्लड प्रेशर, शारीरिक श्रम ना करना और अनियंत्रित खानपान होता है।

मधुमेह के लक्षण

  1. बार बार प्यास लगना।
  2. बार बार पेशाब जाना।
  3. हमेशा भूख लगना।
  4. साफ ना दिखाई देना।
  5. अचानक वजन कम होना।
  6. शरीर में किसी भी घाव का बहुत देर में ठीक होना।
  7. चिड़चिड़ापन होना सिर दर्द।
  8. बहुत ज्यादा थकावट लगना।

मधुमेह के उपचार।

30 – 40 मिनट व्यायाम करें।

“रोज़-मर्रा की ज़िन्दगी में कम-से-कम 30 – 40 मिनट व्यायाम करना। आपके लिए महत्वपूर्ण है। हल्के व्यायाम जैसे योग करने से या रोज़ टहलने से ग्लूकोज़ लेवल पर प्रभाव पड़ता है|
अपने dietician से बात करें । और उचित आहार चार्ट बनवाएं|

शुगर का लेवल नियंत्रण में रखने के लिए यह आहार कम खाएं। shugar ka leval niyantran mein rakhane ke lie yah aahaar kam khaen.

आप जानते है ।क्या की शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए कोनसी चीजे खानी चाहिए। और कोन सी नहीं उस के बारे में बताएंगे।
Processed या packaged खाने की चीज़ें जैसे चिप्स, बिस्कुट, नमकीन, आदि।
सॉफ्ट ड्रिंक्स।
कोरमा या ग्रेवी वाला माँसाहारी खाना।
स्टार्च-युक्त खाद्य पदार्थ । जैसे मैदे की ब्रेड, पास्ता, चावल, और सूजी या मैदे से बनी हुई चीज़ें।
इनके बदले में आटा, जई, जुआर या बाजरे से बने आहार खाएं। जिनसे आपका ग्लूकोज़ नियंत्रण में रहेगा । और शरीर को फाइबर (faibar) मिलेगा । शुगर का लेवल नियंत्रण में रखने के लिए यह आहार कम खाएं।

हल्का-फुल्का खाने के लिए। कटे हुए फल, छाछ, स्प्राउट (sprouts) या उबले हुए अंडे का सेवन करें। शुगर को नियंत्रण में रखने के लिए दिन में खाना कम अंतराल में खाएं। ज़्यादा तेल में तलें आहार या जंक-फ़ूड के बदले

मधुमेह नामक रोग किसकी कमी से होता है?madhumeh naamak rog kisakee kamee se hota hai?

The disease called diabetes is caused by the deficiency of? आप जानते है। की मधुमेह नामक रोग किसकी कमी से होता है। अगर नहीं जानते है । तो आज हम आप को ये बताएंगे । किस की कमी के कारण से होता है।
मधुमेह रोग किसकी कमी से होता है। यह हम आज आपको बताएंगे। मधुमेह रोग इंसुलिन हार्मोन की कमी से होता है। मधुमेह रोग मानसिक तनाव हो जाने के कारण जब शरीर में शर्करा के स्तर पर इंसुलिन का उत्पादन अधिक बढ़ जाता है। तो डायबिटीज रोग उत्पन्न हो जाता है।

शरीर में शुगर लेवल कितना होना चाहिए? shareer mein shugar leval kitana hona chaahie?

What should be the sugar level in the body? आज हम आप को ये बताएंगे। की शरीर का शुगर लेवल कितना होना चाहिए। अगर नहीं जानते है। तो आइए। जानते है।

  • 1 भोजन से पहले।

स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 100 mg/dl से कम होना चाहिए । डायबिटीज रोगी का ब्लड शुगर लेवल 80-130 mg/dl तक होना चाहिये।

  • 2 भोजन के कुछ घंटे बाद

स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल 140 mg/dl से कम होना चाहिए । डायबिटीज रोगी का 180 mg/dl से कम होना चाहिए।

ब्लड शुगर का नॉर्मल स्तर क्या है?What is the normal level of blood sugar?

blad shugar ka normal star kya hai? हमारे शरीर में ब्लड शुगर का नॉर्मल लेवल अलग अलग होता है । जैसे

RBS 200 से कम होना चाहिए।

Fating 100 से कम होना चाहिए।

2 Hours Postprandial 140 से कम होना चाहिए।

HBA1C 5.7 से कम होना चाहिए।

शुगर की सबसे अच्छी दवा क्या है? मधुमेह के इलाज में कौन सी दवा उपयोगी है? shugar kee sabase achchhee dava kya hai?

What is the best medicine for sugar? क्या आप जानते है। शुगर की सब से अच्छी दवा कोन से है।और मधुमेह में कोन सी दवाई अच्छी होती है। उस के बारे में बताएंगे।

  1. डायबिटीज रोगी में ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए दालचीनी का इस्तेमाल करना लाभकारी होता है । क्योंकि इसमें कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं। इसलिए यह है । डायबिटीज को कंट्रोल करता है । शरीर में इंसुलिन की मात्रा को कम करता है। शुगर नियंत्रित हो जाती है।
  2. शुगर कंट्रोल टेबलेट 1mg/500mg आर एस आर एंटी डायबिटीक के नाम से जानी जाने वाली दवाई। डायबिटीज के लिए असरदार होती है। डायबिटीज पर नियंत्रण करती है। यह टेबलेट डायबिटीज के लोगों में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
  3. डायबिटीज की एक दवा यह भी मानी जाती है। डायबिटीज के रोगी को व्यायाम करना चाहिए। अधिक से अधिक पैदल घूमना चाहिए।

मधुमेह आहार चार्ट।madhumeh aahaar chaart.

diabetes diet chart : आज हम आप को मधुमेह के रोगी की आहार चार्ट के बारे में बताएंगे।की madumeh के रोगी को कैसे आहार करना चाहिए।

एक खास हिदायत मधुमेह के मरीजों को उपवास करने से बचना चाहिए। इसके अलावा भोजन के बीच लंबा गैप भी नही करना चाहिए ।और रात के डिनर में हल्का भोजन करना चाहिए। इसके अलावा नियमित रूप से योगा और व्यायाम करने से भी ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।आपके खाद्य पदार्थों में कैलोरी की मात्रा कम से कम हो। इसके लिए आप छिलका युक्त भुना हुआ चना, परमल, गेहूं या मूंग आदि। कोई अंकुरित अनाज, सूप और सलाद इत्यादि का भरपूर इस्तेमाल करें। कि दही या छाछ के इस्तेमाल से ग्लूकोज की मात्रा में कमी आती है। इसके साथ शुगर के मरीज को प्रोटीन (Protein) अच्छी मात्रा में व उच्च गुणवत्ता वाला लेना चाहिए। इसके लिए दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, सोयाबीन आदि का सेवन ज्यादा करना चाहिए। इंसुलिन ले रहे डायबिटिक व्यक्ति एवं गोलियां ले रहे । डायबिटिक व्यक्ति को खाना सही समय पर लेना चाहिए। ऐसा न करने पर हायपोग्लाइसीमिया हो सकता है।
सुबह 6 बजे – एक ग्लास पानी में आधा चम्मच मेथी पावडर डालकर पीजिए।
सुबह 7 बजे – एक कप शुगर फ्री चाय, साथ में 1-2 हल्के शक्कर वाली बिस्कुट ले सकते हैं।

मधुमेह आहार चार्ट

नाश्ता / ब्रेकफास्ट – साथ आधी कटोरी अंकुरित अनाज और एक गिलास बिना क्रीम वाला दूध।
सुबह 10 बजे के बाद – एक छोटा फल या फिर नींबू पानी।
दोपहर 1 बजे यानी लंच – मिक्स आटे की 2 रोटी, एक कटोरी चावल, एक कटोरी दाल, एक कटोरी दही, आधी कटोरी सोया या पनीर की सब्जी ।आधी कटोरी हरी सब्जी और साथ में एक प्लेट सलाद।रोजाना इस डाइट चार्ट को फॉलो करने के साथ ही बताई गई। कुछ एक चीजें और इस्तेमाल करें।
दर्दरा पिसा हुआ मैथीदाना । एक या आधा चम्मच खाना खाने के 15-20 मिनट पहले लेने से शुगर कंट्रोल में रहती है । मधुमेह आहार चार्ट और इससे और भी कई अंगों को फायदा होता है। लोगों को भ्रम रहता है। की मोटे लोगों को ही मधुमेह होता है। आपको बता दें। कि मधुमेह का मोटापे से संबंध नहीं होता। लेकिन मोटे व्यक्तियों को मधुमेह होने की संभावनाएं बड़ जाती हैं।

पुरुषों में मधुमेह के लक्षण। purushon mein madhumeh ke lakshan.

Symptoms of diabetes in men : मधुमेह की समस्या पुरुष या महिला दोनों में हो सकती है। लेकिन आज हम आपको पुरुषों में मधुमेह के लक्षण के बारे में बताने जा रहे हैं।
मधुमेह एक ऐसी बीमारी है। जिसमें आपके शरीर में इंसुलिन(insulin) का पर्याप्त निर्माण नहीं हो पाता है। इंसुलिन (insulin) का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाता है। ऐसे में ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित हो जाता है । शरीर में शुगर का स्तर अनियंत्रित होने पर कई लक्षण दिखाई देते हैं। अगर आप इन लक्षणों को समय पर पहचान कर इनका इलाज और बचाव से जुड़ी जरूरी सावधानियां बरतते हैं। तो आप इसे कंट्रोल में कर सकते हैं। आइए जानते हैं। डायबिटीज मधुमेह के प्रमुख लक्षणों के बारे में।

अत्यधिक थकान महसूस होना।

शरीर में शुगर का स्तर बढ़ने पर आपके शरीर में थकान महसूस होगी।
लेकिन गंभीर रूप से थकान महसूस होने का प्रमुख कारण। आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाना भी हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है। कि मरीज में शुरुआत में ही मधुमेह होने का यह लक्षण दिखाई देता है। आपको भी बार-बार गंभीर रूप से थकान महसूस हो रही हो तो मधुमेह की जांच जरूर कराएं।

अचानक वजन घटना।

मधुमेह के कारण शरीर के ऑर्गन पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण आपको यह समस्या हो सकती है।मधुमेह के प्रमुख लक्षणों में अचानक वजन कम होना भी शामिल है। मधुमेह की समस्या होने के बाद अच्छी डाइट लेने के बावजूद आपका वजन तेजी से घट सकता है।

फोड़े और घाव का जल्दी ठीक न होना।

मधुमेह होने पर आपको घाव या फोड़े की समस्या तो होती ही है। और यह जल्दी ठीक भी नहीं होते हैं। शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने के कारण आपको फोड़े फुंसी की समस्या हो सकती है। आपको भी ये लक्षण दिखाई दें। तो तुरंत चिकित्सक की सलाह के बाद ब्लड शुगर की जांच जरूर करानी चाहिए।

बार-बार पेशाब लगने की समस्या।

अधिक पानी पीने से आपको बार-बार पेशाब लग सकती है। और इसके अलावा कई ऐसी हेल्थ कंडीशन भी हैं। जिनके कारण आपको दिन में कई बार पेशाब लगती है। मधुमेह होने पर पुरुषों को बार-बार पेशाब लगने की समस्या हो सकती है। बार-बार पेशाब लगने की समस्या मधुमेह का सबसे प्रमुख संकेत होता है। लेकिन अगर आपको रात के समय में हर 2 घंटे पर पेशाब लगने की समस्या होती है। तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बार-बार पेट में दर्द होना।

मधुमेह के कारण पेट में बार-बार दर्द होने की समस्या को गैस्ट्रोपेरिसिस भी कहा जाता है। गैस्ट्रोपेरिसिस टाइप 1 और टाइप 2 दोनों तरह की मधुमेह में हो सकता है। मधुमेह की समस्या में वेगस तंत्रिका पर भी प्रभाव पड़ता है। जो कि पेट को नियंत्रित करती है।

मधुमेह की रोकथाम।madhumeh ko kase roke. madhumeh kee rokathaam.


मधुमेह को केसे रोके। आपको यह बताएंगे। कि मधुमेह की रोकथाम कैसे करें । व मधुमेह रोग को कैसे कंट्रोल करें ।जो कि निम्न है।

  • 1.अवोइड ट्रांस फैट।

जिसकी वजह से शरीर में इन्सुलिन की कमी हो जाती है।और हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

  • 2.नो शुगर

अपने खाने में शुगर यानी चीनी का कम से कम इस्तेमाल करे । मधुमेह की रोकथाम इससे शरीर में इन्सुलिन को संतुलित करना आसान है।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ना खाए।
तो, सफेद चावल, पास्ता, पॉपकॉर्न,राइस
से बचें। जिस की वजह से शुगर आपके शरीर में तेज़ी से जमा होने लगती है। मधुमेह के दौरान शरीर कार्बोहाइड्रेट्स को पचा नहीं पाता है।

  • 3.फाइबर

फाइबर(fibar) युक्त आहार ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। अवशोषित फाइबर( fibre ) ब्लड,
(blood) में शुगर(sugar) की अधिक मात्रा को अब्ज़ोर्ब कर लेता है।

  • 4.धूम्रपान ना करे।

धूम्रपान करने से हृदय रोग और हार्मोन प्रभावित होने शुरू हो जाते है। मधुमेह की रोकथाम धूम्रपान की आदत छोड़ देने से आपका स्वास्थ्य तो अच्छा रहेगा। ही साथ ही डायबिटीज भी कंट्रोल रहे।

  • 5 इसके लिए सबसे अच्छा फल है।

ताजे फल फलो में प्राकृतिक चीनी बहुत अच्छी मात्रा में पाई जाती है। आपकी मिनरल्स और विटामिन्स की कमी को पूरा करेंगे ।

  • 6.ताज़ी सब्जियां खाए।

जो हमारे शरीर को पोषक तत्व प्रदान करते है।ताज़ा सब्जियों में आयरन, जिंक, पोटेशियम, कैल्शियम । और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते है।इससे आपका शरीर आवश्यक इंसुलिन बनाता है।

  • 7.ग्रीन टी।

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपके ब्लड शुगर को भी नार्मल रखता है। मधुमेह की रोकथाम रोजाना एक कप बिना शक्कर की हरी चाय पीने से ये शरीर की गंदगी साफ होती है।

  • 8.कॉफ़ी।

इससे हमारा ब्लड शुगर भी कंट्रोल होगा । जिसकी वजह से अनचाहा फैट शरीर में जमा नहीं हो पाता है। लेकिन इसका कम प्रयोग करे।

  • 9.लाल मांस से बचें।

लाल मांस में जटिल प्रोटीन (prootin) पाया जाता है। जो बहुत धीरे से पचता है। लाल मांस में फोलिफेनोल्स पाया जाता है। मधुमेह की रोकथाम जो की ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा देता है।जिसकी वजह से इंसुलिन के बहाव पर असर पढ़ता है। इसलिए लाल मांस मेटाबोलिजम को धीमा करता है

मधुमेह व्यायाम। diabetic exercise.

madhumeh vyaayaam : आज हम आपको मधुमेह व्यायाम के बारे में संपूर्ण जानकारियां देंगे । जिनको जानकर आप अपने मधुमेह रोग को कंट्रोल कर सकते हैं । आइए जानते हैं। यह विभिन्न प्रकार के व्यायाम कौन-कौन से होते हैं।

हाई शुगर कम करने के लिए श्वसन (Savasan) में ध्यान लगाने की जरूरत होती है।
जो कि शरीर को विश्राम देने के साथ मन शांत करता है। और ऊर्जा का संचार करता है।
श्वसन काफी आसान योगासन है।

अर्धमत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana).

इससे पेट के अंगों की मालिश होने के साथ रीढ़ की हड्डी भी मजबूत बनती है। मधुमेह व्यायाम फेफड़ों की सांस लेने की क्षमता भी बढ़ाता है। मधुमेह रोगियों को अर्धमत्स्येन्द्रासन भी करना चाहिए।

कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayam)

यह आपके शरीर की तंत्र-तंत्रिकाओं और दिमाग की नसों को मजबूती देता है। कपालभाति(Kapalbhati) प्राणायाम शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर करने के साथ मन को भी शांत करता है। इसी के साथ शरीर में ऊर्जा भी देता है। मधुमेह व्यायाम कपालभाति (Kapalbhati) प्राणायाम(Pranayam) मधुमेह रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)

यह आसन भी पेट के सभी अंगों को सक्रिय करता है। हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए पश्चिमोत्तानासन भी करना चाहिए । जिससे इंसुलिन उत्पादित करने वाले पैंक्रियाज पर भी असर पड़ता हैl

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