त्रिफला चूर्ण का फायदा। डायबिटीज में त्रिफला के फायदे।Triphala Churan ka fayda.

त्रिफला चूर्ण का फायदा।

triphala ke fayde in hindi : आज हम आपको त्रिफला चूर्ण के बारे में बताएंगे। वैसे तो आप सब ने त्रिफला चूर्ण के बारे में खूब सुना हैं। खूब पढ़ा भी है पर हम त्रिफला चूर्ण के बारे में संपूर्ण जानकारियां देंगे जो निम्न प्रकार से हैं। त्रिफला पाउडर अर्थात त्रिफला चूर्ण बहुत ही फायदेमंद होता हैं। यह पेट से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का निवारण भी करता हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन यदि कब्ज की शिकायत वाले व्यक्ति करते हैं। तो triphala churna का बहुत अधिक फायदा मिलता हैं। त्रिफला पाउडर अर्थात त्रिफला चूर्ण का सेवन रात को खाना खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। त्रिफला चूर्ण का लाभ (benefit)बहुत से लोगों को हुआ हैं। त्रिफला पाउडर का आप भी कई प्रकार की पेट संबंधी बीमारियों को दूर करने में उपयोग ले सकते हैं। त्रिफला चूर्ण का फायदा वह लोग भी ले सकते हैं जिनको मधुमेह जैसी बीमारियां हैं। यदि आप किसी प्रकार की दवाइयां ले रहे हैं, तो triphala churna का सेवन डॉक्टर की परामर्श से ही करना चाहिए।

त्रिफला चूर्ण के फायदे।

benefit of triphala churna in hindi : क्या आप त्रिफला चूर्ण के फायदे के बारे में जानते हैं ।अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको त्रिफला चूर्ण खाने के फायदे के बारे में बताएंगे।

त्रिफला चूर्ण (triphala churna)के कई सारे फायदे हैं। त्रिफला पाउडर यह कब्ज की शिकायत को दूर करने के साथ-साथ मोटापे को भी कम करता हैं। त्रिफला पाउडर पेट की चर्बी को कम करने में भी सहायक हैं। पाचन क्रिया भी अच्छी बनाए रखता है और भूख भी लगती हैं। त्रिफला पाउडर या त्रिफला चूर्ण के फायदे बहुत ही लाभकारी होते हैं। इसलिए कृपया चूर्ण का सेवन डॉक्टर की परामर्श के अनुसार करें ।

त्रिफला चूर्ण पतंजलि।

triphala choorn patanjali : पतंजलि त्रिफला चूर्ण के कई प्रकार के फायदे होते हैं। तो आइए जानते हैं पतंजलि त्रिफला चूर्ण के क्या-क्या फायदे होते हैं। इसके बारे में जानने के लिए नीचे दी गई बातों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

त्रिफला चूर्ण एक पतंजलि प्रोडक्ट (product) हैं। त्रिफला पाउडर जो कि आयुर्वेदिक औषधि हैं बहुत ही लाभकारी हैं। पेट की समस्या के साथ-साथ कई प्रकार की समस्याओं को दूर करने में सहायक हैं। यह आयुर्वेदिक औषधि मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी को दूर करने में भी कारगर हैं। पतंजलि त्रिफला चूर्ण आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी उपयोगी हैं। triphala churna मोटापा कम करने में । शरीर की चर्बी को कम करने में भी बहुत उपयोगी है। यह आयुर्वेदिक औषधि गुणों से भरपूर हैं। इसलिए इसका सेवन सही मात्रा में सही प्रकार से करने से बहुत लाभ प्राप्त होता हैं।

बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण के फायदे।

त्रिफला के फायदे हिंदी।: आज हम आपको बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण के क्या फायदे होते हैं के बारे में बताएंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि त्रिफला के क्या फायदे होते हैं। तो आइए जानते हैं बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण का सेवन किस प्रकार से हमारी सेहत के लिए लाभदायक होता हैं।

बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण बहुत फायदेमंद हैं।
त्रिफला पाउडर पाचन क्रिया को मजबूत बनाता हैं। पेट की चर्बी को कम करने में, वजन को घटाने में, आंखों की रोशनी बढ़ाने में इत्यादि कई प्रकार की ऐसी समस्याओं को दूर करने में बैधनाथ त्रिफला चूर्ण फायदेमंद हैं। triphala churna से गैस की समस्या भी दूर होती हैं। triphala churna भोजन को जल्दी पचाने में भी उपयोगी होता हैं। कब्ज जैसी समस्या को दूर करता हैं। त्वचा संबंधी रोगों को दूर करता हैं। इसलिए बैद्यनाथ त्रिफला चूर्ण बहुत फायदेमंद हैं। इस प्रकार बैद्यनाथ चूर्ण से कई प्रकार की समस्याओं से निजात पाएं ।

त्रिफला सेवन विधि।

triphala sevan vidhi : क्या आप त्रिफला चूर्ण का सेवन किस प्रकार से करना चाहिए, इसके बारे में जानते हैं। अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको त्रिफला चूर्ण का सेवन किस प्रकार से करना उचित होता है, इसके बारे में बताएंगे।

त्रिफला चूर्ण का सेवन सही प्रकार से करना चाहिए। इसके कई सारे गुण हैं। इन गुणों को लेने के लिए इसका सही प्रकार से सेवन करना बहुत जरूरी होता हैं। एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को शहद के साथ लेने से आंखों की रोशनी बढ़ती हैं।triphala churna रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में लेने पर कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन सेंधा नमक के साथ में लेने से मोटापे जैसी समस्या भी दूर होती हैं। सोने से पहले इसे दूध में भी ले सकते हैं। व सौंठ के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं।

त्रिफळा चूर्ण। triphala kya hai.

triphala churna hindi : त्रिफला का नाम तो आपने खूब सुना होगा। किंतु त्रिफला चूर्ण बनाने में किन चीजों को उपयोग में लिया जाता हैं। इसके बारे में नहीं जानते होंगे तो आइए जानते हैं। त्रिफला चूर्ण बनाने में काम में आने वाली चीजों के बारे में।

त्रिफला एक खूबिया अनेक। त्रिफला से तात्पर्य उन तीन फलों के मिश्रण से हैं। जिसमें आंवला, हरड़ व बहेड़ा तीनों फलों से मिलकर बना हुआ होता हैं। जो अपने आप में अमृत के समान माना गया हैं। त्रिफला का सेवन करने से बेहद लाभ मिलता हैं। triphala अनेक रोगों में भी लाभकारी होता हैं। त्रिफला एक खूबिया अनेक त्रिफला से तात्पर्य उन तीन फलों के मिश्रण से हैं। जिसमें आंवला, हरड़ व बहेड़ा तीनों फलों से मिलकर बना हुआ होता हैं। जो अपने आप में अमृत के समान माना गया हैं। त्रिफला का सेवन करने से बेहद लाभ मिलता हैं। triphala churna अनेक रोगों में भी लाभकारी होता हैं।

त्रिफला चूर्ण कब लेना चाहिए।

आज हम आपको त्रिफला चूर्ण का सेवन किस प्रकार से करना चाहिए। व कब करना चाहिए इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे। तो आइए जानते हैं त्रिफला चूर्ण सेवन विधि के बारे में।

त्रिफला चूर्ण (triphala churna) का सेवन रात को खाना – खाने के बाद सोने से पहले गर्म पानी मे या हल्के गुनगुने पानी में 5 ग्राम अथवा एक छोटा चम्मच सोने से पहले इसका सेवन करें।

त्रिफला चूर्ण खाने से क्या- क्या फायदा होता है?

क्या आप जानते हैं त्रिफला चूर्ण खाने से क्या फायदा होता हैं। आइए जानते हैं त्रिफला चूर्ण खाने से होने वाले फायदे के बारे में।

त्रिफला चूर्ण का सेवन पाचन क्रिया को ठीक करने, रक्त साफ करने ,कैंसर के रोगियों के लिए भी रक्त को साफ करने के लिए रक्त की शुद्धि के लिए ,आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए, झड़ते बालों की समस्या से निजात पाने के लिए ,सौंदर्य को बढ़ाने के लिए, मोटापा कम करने के लिए, गैस व एसिडिटी की समस्या को रोकने, भूख न लगना ,कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करने , कमजोर पाचन, पेट फूलने, इत्यादि अनेक रोगों में त्रिफला का सेवन किया जा सकता हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से अनेक रोगो मे फायदा मिलता हैं।

त्रिफला कितने दिन तक खाना चाहिए?

क्या आप जानते हैं त्रिफला का सेवन कितने दिन तक करना चाहिए ।अगर नहीं जानते हैं तो आज हम आपको त्रिफला का सेवन कितने दिन तक करना चाहिए। इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

त्रिफला का सेवन कम से कम 2 साल व अधिक से अधिक 10 से 12 साल तक इसका सेवन कर सकते हैं। त्रिफला (triphala) का सेवन करने के लिए इसका सही मात्रा में उपयोग करना बेहद जरूरी होता हैं। इसका सही उपयोग करने के लिए 5 से 6 ग्राम से इसकी मात्रा अधिक नहीं लेनी चाहिए। यदि इसकी 5 या 6 ग्राम से अधिक मात्रा 1 दिन के अंदर ले ली जाती है तो नुकसानदायक हो सकता हैं। इसलिए इसका सही प्रकार से ही सेवन करना चाहिए।

त्रिफला चूर्ण खाने का तरीका।

आज हम आपको त्रिफला चूर्ण खाने के तरीके के बारे में बताएंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि त्रिफला चूर्ण क्या है। इसका सेवन करने से किन- किन रोगों में लाभ मिलता हैं तो आइए जानते हैं त्रिफला चूर्ण के बारे में।

त्रिफला चूर्ण खाने का एक सही तरीका आपको पता होना चाहिए। ताकि आप भी त्रिफला चूर्ण का लाभ अथवा फायदा ले सके। triphala चूर्ण तीन चीजों से मिलकर बना होता हैं। जो कि पाचन क्रिया को मजबूत करता हैं। पेट की समस्या को दूर करता हैं। त्रिफला कब्ज की शिकायत से छुटकारा दिलाता हैं। त्रिफला चूर्ण आंवला ,हरड़, बहेड़ा इन तीन चीजों से मिलाकर बनाया जाता हैं। सेंधा नमक, शक्कर, सौंठ आदि कई प्रकार की सामग्री मिलाकर यह त्रिफला चूर्ण तैयार किया जाता हैं। त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में एक चम्मच लेनी चाहिए। सुबह खाली पेट खाना – खाने से आधा घंटे पहले लेना चाहिए। ऐसा करने से आपकी पाचन क्रिया भी सही होती हैं। साथ ही कब्ज की शिकायत भी दूर होती हैं। triphala churna से डायबिटीज की समस्या भी दूर होती हैं। इसलिए इसको शहद में भी लिया जा सकता हैं। यही त्रिफला चूर्ण खाने का सही तरीका हैं।

त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे।

triphala choorn aur shahad ke phaayade: त्रिफला चूर्ण खाने के फायदे के बारे में तो आप जानते ही होंगे । परंतु आज हम आपको त्रिफला चूर्ण और शहद दोनों को मिलाकर लेने से किस प्रकार से फायदा मिलता है आइए जानते हैं।

त्रिफला चूर्ण (triphala churna)का उपयोग रोज सुबह खाली पेट त्रिफला चूर्ण के अंदर थोड़ा सा शहद मिलाकर लेने से वजन घटता हैं। त्रिफला चूर्ण और शहद को एक साथ लेने से मोटापा कम होता हैं। शरीर की चर्बी भी कम होती हैं। आंखों की रोशनी बढ़ाने में, आंखों में मोतियाबिंद की बीमारी को दूर करने में भी शहद का इस्तेमाल किया जाता हैं। खून साफ करने में , हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने में , एनीमिया को दूर करने में शहद महत्वपूर्ण होता हैं। यूरिन इंफेक्शन कम करने में त्रिफला व शहद का सेवन किया जाता हैं। साथ ही साथ त्वचा के सौंदर्य को निखारने , कील मुंहासे दूर करने के लिए त्रिफला और शहद का एक साथ उपयोग किया जाता हैं। त्रिफला को एक औषधि के रूप में माना गया हैं।

डायबिटीज में त्रिफला के फायदे।

triphala powder benefits in hindi : त्रिफला किस प्रकार से डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता हैं। इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे तो आइए जानते हैं । डायबिटीज के रोगियों के लिए त्रिफला किस प्रकार फायदेमंद होता हैं।

त्रिफला (triphala powder)एक आयुर्वेदिक औषधि हैं। त्रिफला जो कि Diabetes के रोगियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। त्रिफला में एंटी ऑक्सीडेंट व एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से डायबिटीज के रोग में आराम मिलता हैं। इसका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती हैं। ब्लड शुगर की मात्रा भी धीरे-धीरे कम हो जाती हैं। इसके लिए रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला सेवन का उपयोग पानी के साथ करने से डायबिटीज से निजात मिलती हैं।

त्रिफला चूर्ण price।

त्रिफला (triphala) चूर्ण कई प्रकार के price में मिलते हैं। आज हम आपको मार्केट में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के त्रिफला चूर्ण की price के बारे में बताएंगे तो आइए जानते हैं त्रिफला चूर्ण की अलग-अलग price और अलग-अलग ग्राम के पैकेजिंग के बारे में।

पतंजलि दिव्य त्रिफला चूर्ण 300 ग्राम के पैक की price 69 ₹. ।

त्रिफला चूर्ण 100 ग्राम के पैक की price 30₹. ।

डाबर त्रिफला चूर्ण ,120gm के पैक की price 58₹. ।

डाबर त्रिफला चूर्ण, 60 gm के पैक की price 28
₹. ।

त्रिफला चूर्ण अनुपात।

त्रिफला चूर्ण बनाने के लिए किस अनुपात में औषधियों का लिया जाना चाहिए। साथ ही किन-किन चीजों को त्रिफला चूर्ण बनाने के लिए काम में लिया जाता है ।यह आज हम आपको बताएंगे तो आइए जानते हैं त्रिफला चूर्ण बनाने की विधि के बारे में।

त्रिफला पाउडर अथवा त्रिफला चूर्ण लेने का एक सही अनुपात होना चाहिए। त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि हैं। त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल ज्यादातर लोग कब्ज की समस्या को दूर करने में करते हैं। triphala तीन चीजों से मिलकर बनता हैं। त्रिफला पाउडर बहेड़ा ,आंवला, हरड़ इन चीजों से मिलकर त्रिफला बनाया जाता हैं। त्रिफला चूर्ण बनाने के लिए बहेड़ा का 1 भाग लें। आंवला के 3 भाग लें। हरड़ के 2 भाग लेकर तीनों को बारिक पिस लें। इस प्रकार से त्रिफला चूर्ण तैयार हो जाता हैं। त्रिफला चूर्ण सही अनुपात में लेने का तरीका सुबह खाली पेट एक चम्मच या सोने से पहले रात को गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच लें। इससे आपकी कब्ज की समस्या दूर होती हैं। साथ ही यह त्रिफला चूर्ण आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण हैं। हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति भी त्रिफला चूर्ण का सेवन कर सकते हैं। त्रिफला चूर्ण का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

त्रिफला चूर्ण के नुकसान इन हिंदी।

त्रिफला चूर्ण खाने से क्या नुकसान है? त्रिफला चूर्ण खाने के फायदे के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे। किंतु आप त्रिफला चूर्ण का सेवन अधिक मात्रा में करने से होने वाले नुकसान के बारे में नहीं जानते होंगे। आइए जानते हैं त्रिफला चूर्ण का अधिक मात्रा में सेवन करने से कौन से नुकसान होते हैं। अगर नहीं जानते हैं तो नीचे दी गई की बातों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

त्रिफला पाउडर अर्थात त्रिफला चूर्ण का अधिक सेवन करने से पेट में दर्द ,पेट में सूजन तथा दस्त की समस्या अधिक हो जाती हैं। शरीर पर लाल चकत्ते, खुजली, मुंह में सूजन, गले में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, आंतों में सूजन आना, नींद न आना ऐसी कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में त्रिफला चूर्ण का सेवन सही मात्रा में ही करना चाहिए । गर्भवती महिलाओं को त्रिफला चूर्ण का सेवन गलती से भी नहीं करना चाहिए। ज्यादा सेवन करने से शरीर में बेचैनी की संभावना बढ़ जाती हैं। मुंह में छाले हो जाते हैं। इसलिए त्रिफला चूर्ण का सेवन सही मात्रा में करना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से कई प्रकार के नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए आप भी triphala churna से होने वाले नुकसान से बचने के लिए इसका सही तरीके से व सही रूप में उपयोग करना चाहिए।

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